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UP: आगरा-इटावा हाईवे की वो खामी होगी दूर, जिसकी वजह से होते हैं सबसे ज्यादा हादसे...मई से होगा काम शुरू
Tue, 29 Apr 2025 10:28 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 29 Apr 2025 10:28 AM IST
सार
आगरा-इटावा हाईवे पर रफ्तार को थामने और हादसों की वजह बनने वाले आठ ब्लैक स्पॉट पर अंडरपास बनाए जाएंगे। एनएचएआई द्वारा मई से इसके लिए कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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हाईवे
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा-इटावा नेशनल हाईवे पर अंडरपास बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने रूट का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की, जिसके बाद 8 अंडरपास बनाने के लिए तीन कंपनियों को टेंडर दिया गया है। मई माह से तीन अंडरपास बनाने का कार्य शुरू हो जाएगा। इनके बनने से 80 से अधिक गांवों के लोगों के लिए बड़ी सुविधा हो जाएगी।
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर संजय वर्मा ने बताया कि आगरा-इटावा हाईवे सिक्सलेन है। इसकी दूरी 123 किमी है। इसमें अंडरपास नहीं होने के कारण हादसे भी हो रहे थे। इस पर एनएचएआई की टीम ने सर्वे कर 8 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए। इन स्थानों पर आसपास के गांवों के लोग हाईवे को पार करते थे, जिससे हादसे हो रहे थे।
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एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर संजय वर्मा ने बताया कि आगरा-इटावा हाईवे सिक्सलेन है। इसकी दूरी 123 किमी है। इसमें अंडरपास नहीं होने के कारण हादसे भी हो रहे थे। इस पर एनएचएआई की टीम ने सर्वे कर 8 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए। इन स्थानों पर आसपास के गांवों के लोग हाईवे को पार करते थे, जिससे हादसे हो रहे थे।
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इन ब्लैक स्पॉटों पर 8 अंडरपास बनाने की जरूरत बताते हुए प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा गया था, जिसे मंजूरी मिल चुकी है। इस पर मोहम्मदाबाद, मीठेपुन, बेनीवाल कट टूंडला, इंदुमई, नौशेहरा, उखरैंड, मलाजनी और अरौंज पर अंडरपास बनाए जाएंगे। इसके लिए 200 करोड़ रुपये का बजट भी मंजूर हो गया है।
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एक साल में पूरा हो जाएगा निर्माण
पहले चरण में तीन अंडरपास बनाने का काम शुरू होगा। इसके बाद 5 अंडरपास का निर्माण होगा। 8 अंडरपास का निर्माण तीन कंपनी करेंगी। इसमें हिलवेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी 5, एचएस मेहता कंपनी दो और एसकेएस प्राइवेट लिमिटेड एक अंडरपास बनाएगी। एक साल में इनका निर्माण पूरा हो जाएगा। इनके बनने से हादसों से बचाव होगा और 80 से अधिक गांवों के लोगों को आवागमन में सुविधा होगी।
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पहले चरण में तीन अंडरपास बनाने का काम शुरू होगा। इसके बाद 5 अंडरपास का निर्माण होगा। 8 अंडरपास का निर्माण तीन कंपनी करेंगी। इसमें हिलवेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी 5, एचएस मेहता कंपनी दो और एसकेएस प्राइवेट लिमिटेड एक अंडरपास बनाएगी। एक साल में इनका निर्माण पूरा हो जाएगा। इनके बनने से हादसों से बचाव होगा और 80 से अधिक गांवों के लोगों को आवागमन में सुविधा होगी।
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