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गणतंत्र दिवस पर भी स्कूल में नहीं हुआ ध्वजारोहण
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किशनी (मैनपुरी)। किशनी विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय नगला सारंग में शिक्षक 15 दिन से नहीं पहुंच रहे हैं। गणतंत्र दिवस पर भी इस विद्यालय में दोपहर 12 बजे तक ध्वजारोहण नहीं किया गया।
प्राथमिक विद्यालय नगला सारंग पर तैनात शिक्षक गौरव कुमार के पिता बीमार चल रहे हैं। वे 15 दिन से स्कूल नहीं पहुंच रहे हैं। इसके चलते यहां 15 दिन से कक्षाएं नहीं लग रही हैं। यहां 30 बच्चे पंजीकृत हैं। ग्रामीणों के अनुसार प्रतिदिन छात्र-छात्राएं स्कूल जाते हैं, लेकिन शिक्षक के न आने के कारण वे निराश ही घर लौट जाते हैं। गणतंत्र दिवस पर भी रविवार को बच्चे सुबह नौ बजे स्कूल पहुंचे, लेकिन यहां 12 बजे तक कोई ध्वजारोहण के लिए नहीं पहुंचा। इससे बच्चे निराश ही घर लौट गए।
अधिकारियों को थी जानकारी तो क्यों नहीं लगाया शिक्षक
शिक्षक से हुई बातचीत के अनुसार उसने अपने पिता के बीमार होने और घर में कोई दूसरा सदस्य उनकी देख रेख के लिए न होने की जानकारी अधिकारियों को दी है। इसके बाद भी स्कूल पर कोई दूसरा शिक्षक तैयार नहीं किया गया है। यह विभाग के लिए कहीं न कहीं चिंता का विषय है।
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मेरे पिताजी आईसीयू में भर्ती हैं। उनकी हालत चिंताजनक है। मैं परिवार में अकेला हूं। मैंने संबंधितों को जानकारी दे रखी है।
गौरव कुमार, शिक्षक
विद्यालय में 15 दिन से शिक्षक नहीं पहुंच रहा है इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। यदि शिक्षक के द्वारा खंड शिक्षाधिकारी को जानकारी दी गई थी, तो उनके द्वारा किसी और शिक्षक को क्यों नहीं विद्यालय खोलने की जिम्मेदारी दी गई। पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
विजय प्रताप सिंह, बीएसए
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प्राथमिक विद्यालय नगला सारंग पर तैनात शिक्षक गौरव कुमार के पिता बीमार चल रहे हैं। वे 15 दिन से स्कूल नहीं पहुंच रहे हैं। इसके चलते यहां 15 दिन से कक्षाएं नहीं लग रही हैं। यहां 30 बच्चे पंजीकृत हैं। ग्रामीणों के अनुसार प्रतिदिन छात्र-छात्राएं स्कूल जाते हैं, लेकिन शिक्षक के न आने के कारण वे निराश ही घर लौट जाते हैं। गणतंत्र दिवस पर भी रविवार को बच्चे सुबह नौ बजे स्कूल पहुंचे, लेकिन यहां 12 बजे तक कोई ध्वजारोहण के लिए नहीं पहुंचा। इससे बच्चे निराश ही घर लौट गए।
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अधिकारियों को थी जानकारी तो क्यों नहीं लगाया शिक्षक
शिक्षक से हुई बातचीत के अनुसार उसने अपने पिता के बीमार होने और घर में कोई दूसरा सदस्य उनकी देख रेख के लिए न होने की जानकारी अधिकारियों को दी है। इसके बाद भी स्कूल पर कोई दूसरा शिक्षक तैयार नहीं किया गया है। यह विभाग के लिए कहीं न कहीं चिंता का विषय है।
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मेरे पिताजी आईसीयू में भर्ती हैं। उनकी हालत चिंताजनक है। मैं परिवार में अकेला हूं। मैंने संबंधितों को जानकारी दे रखी है।
गौरव कुमार, शिक्षक
विद्यालय में 15 दिन से शिक्षक नहीं पहुंच रहा है इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। यदि शिक्षक के द्वारा खंड शिक्षाधिकारी को जानकारी दी गई थी, तो उनके द्वारा किसी और शिक्षक को क्यों नहीं विद्यालय खोलने की जिम्मेदारी दी गई। पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
विजय प्रताप सिंह, बीएसए