आगरा: बारिश के दौरान नाले में बह गई छह साल की बच्ची, घर के सामने था गहरा नाला, मौत से लोगों में आक्रोश
बारिश के दौरान बच्ची बहने के बाद लोगों ने उसे काफी देर तक तलाशा लेकिन पता नहीं लगा। जब बच्ची मिली तब बहुत देर हो चुकी थी। उसने दम तोड़ दिया था।
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आगरा के गोबर चौकी में मंगलवार दोपहर को बारिश के पानी से लबालब नाले में गिरकर छह साल की बच्ची की मौत हो गई। दो घंटे बाद उसका शव निकाला जा सका। परिजनों का आरोप है कि ठेकेदार ने नाला खुला छोड़ दिया था। उसकी लापरवाही से हादसा हुआ।
थाना ताजगंज के प्रभारी निरीक्षक उदयवीर मलिक ने बताया कि पक्की सराय निवासी जूता कारीगर वकील की छह साल की बेटी शबनूर दोपहर 12 बजे चाचा शकील के घर से अपने घर पैदल जा रही थी। उस समय बारिश होने की वजह से गली में दो फुट तक पानी भरा हुआ था। रास्ते में नाला टूटा पड़ा था। पानी में शबनूर की चप्पल बह गई। चप्पल को पकड़ने के लिए शबनूर दौड़ी। मगर, वो नाले में चली गई। नाले की दीवार और पटाव नहीं होने की वजह से शबनूर गिर गई। उसे एक राहगीर ने देख लिया। इस पर परिजनों को सूचना दी।
आठ फुट से अधिक की गहराई
पिता वकील ने बताया कि नाले की गहराई आठ से नौ फुट है। इस वजह से शबनूर बाहर नहीं निकल सकी। वह तेज बहाव में बह गई। घटना का पता चलने पर लोग जुट गए। उन्होंने बालिका की तलाश की। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। नाले में रस्सी और कांटा डाला गया। जाल भी बिछाया गया। दो घंटे बाद मुगल पुलिया के पास नाले में शबनूर पड़ी मिली। पुलिस के साथ परिजन उसे अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। घटना से परिवार में कोहराम मच गया।
वकील के भाई शकील ने बताया कि 15 दिन पहले नाला में निर्माण कार्य हुआ था। उसमें पाइप डाला गया था। इस दौरान नाले की दीवार तोड़ दी गई थी। उसे 20 फुट तक खुला भी छोड़ दिया गया था। यह कार्य ठेकेदार ने किया था। ठेकेदार की लापरवाही की वजह से हादसा हुआ।
घर में सबसे बड़ी थी शबनूर
परिजनों ने बताया कि शबनूर घर में सबसे बड़ी थी। उसके दो छोटे भाई चार साल का शेरखान, दो साल का हसन और एक 15 दिन की बहन है। मां सुनहरा है। परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
शहर में नाले में गिरकर पहले भी जा चुकी है जान
जुलाई 2014 में 11 वर्षीय बालक नाले में समा गया था। इसको लेकर लोगों ने हंगामा किया था। ताजगंज क्षेत्र में ही एक मैनहोल में गिरकर जन्माष्टमी के दिन बालक की मौत हो गई थी। इसके अलावा भी महावीर नाला, गोकुलपुरा और देवरी रोड पर नाले में गिरकर लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद नाले खुले छोड़े जा रहे हैं।
बारिश का अलर्ट रह गया सिर्फ खानापूर्ति
पिछले दिनों शासन ने बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया था। प्रशासनिक अधिकारियों को दिशानिर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद लापरवाही की गई, जिससे हादसा हो गया। इस वजह से बच्ची की जान चली गई।
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