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Agra News: सील गोदाम की पांच घंटे जांच, चार संदिग्ध दवाओं के लिए नमूने
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सैंपल दवा फाइल फोटो
आगरा। सैंपल की दवाओं की कालाबाजारी के मामले में औषधि विभाग ने फव्वारा स्थित सील गोदाम की जांच की है। इसमें सैंपल की दवाएं नहीं मिलीं। गोदाम में चार दवाएं संदिग्ध मिली हैं। इनके नमूने लेकर लैब में जांच कराने के लिए भेजे हैं।
सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि 21 फरवरी को लखनऊ मुख्यालय की टीम के छापे में फव्वारा स्थित माहेश्वरी कॉम्पलेक्स की तीसरी मंजिल पर लावारिस हाल में छह कार्टन जब्त किए थे। इनमें 55 तरह की दवाएं मिली थीं, जिसमें 54 तरह की दवाएं सैंपल की थीं। छापे के वक्त दो गोदाम बंद कर स्वामी भाग गए थे। इन पर सील लगाकर नोटिस चस्पा कर दिया था। इनमें से एक गोदाम के स्वामी रिचा की मौजूदगी में पांच घंटे तक जांच करने पर सैंपल की दवाएं नहीं मिली हैं। जांच के दौरान चार दवाएं संदिग्ध मिलीं, जिसके नमूने लेकर लैब में भेज दिए हैं। दूसरे गोदाम की अभी सील लगी हुई है। इसका संचालक बीमार बताया गया है।
नकली इन्हेलर बनाने वाला नहीं पकड़ा
- टीम को मंटोला स्थित घर से नामी कंपनी के इन्हेलर के 8 हजार स्टीकर बरामद हुए थे। इस घर का स्वामी जुबैर है। छापे के वक्त ये भाग गया था। ये अभी तक पकड़ में नहीं आ सका है। सहायक आयुक्त औषधि ने बताया कि ये इन्हेलर के स्टीकर कहां छपे, कहां से आए, इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। संबंधित कंपनियों को भी नोटिस देकर इसकी जानकारी मांगी है।
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नकली दवा मामले की फोरेंसिक जांच अटकी
- बीते साल हे मां मेडिकोज, राधे मेडिकल एजेंसी, बंसल मेडिकल एजेंसी, एमएसवी मेडि पॉइंट, ताज मेडिको के गोदाम में नामी कंपनियों की 71 करोड़ रुपये की दवाएं सीज की गई थीं। जांच में 27 नमूने पास हुए, एक घटिया मिला। ऐसे में छह कंपनियों को नोटिस भेजकर फॉरेसिंक जांच और प्राथमिकी दर्ज कराने को कहा गया था, इनके पीछे हटने के बाद विभाग ने भी फॉरेंसिक जांच नहीं कराई है, जबकि पूर्व में औषधि विभाग के अधिकारियों ने फॉरेंसिक जांच की बात कही थी। इससे जांच अटकी हुई है।
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सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि 21 फरवरी को लखनऊ मुख्यालय की टीम के छापे में फव्वारा स्थित माहेश्वरी कॉम्पलेक्स की तीसरी मंजिल पर लावारिस हाल में छह कार्टन जब्त किए थे। इनमें 55 तरह की दवाएं मिली थीं, जिसमें 54 तरह की दवाएं सैंपल की थीं। छापे के वक्त दो गोदाम बंद कर स्वामी भाग गए थे। इन पर सील लगाकर नोटिस चस्पा कर दिया था। इनमें से एक गोदाम के स्वामी रिचा की मौजूदगी में पांच घंटे तक जांच करने पर सैंपल की दवाएं नहीं मिली हैं। जांच के दौरान चार दवाएं संदिग्ध मिलीं, जिसके नमूने लेकर लैब में भेज दिए हैं। दूसरे गोदाम की अभी सील लगी हुई है। इसका संचालक बीमार बताया गया है।
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नकली इन्हेलर बनाने वाला नहीं पकड़ा
- टीम को मंटोला स्थित घर से नामी कंपनी के इन्हेलर के 8 हजार स्टीकर बरामद हुए थे। इस घर का स्वामी जुबैर है। छापे के वक्त ये भाग गया था। ये अभी तक पकड़ में नहीं आ सका है। सहायक आयुक्त औषधि ने बताया कि ये इन्हेलर के स्टीकर कहां छपे, कहां से आए, इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। संबंधित कंपनियों को भी नोटिस देकर इसकी जानकारी मांगी है।
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नकली दवा मामले की फोरेंसिक जांच अटकी
- बीते साल हे मां मेडिकोज, राधे मेडिकल एजेंसी, बंसल मेडिकल एजेंसी, एमएसवी मेडि पॉइंट, ताज मेडिको के गोदाम में नामी कंपनियों की 71 करोड़ रुपये की दवाएं सीज की गई थीं। जांच में 27 नमूने पास हुए, एक घटिया मिला। ऐसे में छह कंपनियों को नोटिस भेजकर फॉरेसिंक जांच और प्राथमिकी दर्ज कराने को कहा गया था, इनके पीछे हटने के बाद विभाग ने भी फॉरेंसिक जांच नहीं कराई है, जबकि पूर्व में औषधि विभाग के अधिकारियों ने फॉरेंसिक जांच की बात कही थी। इससे जांच अटकी हुई है।