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यमुना में प्रदूषण: रामबाग घाट पर मर गईं सैकड़ों मछलियां, जांच के लिए भेजा गया पानी का सैंपल
Wed, 17 Nov 2021 01:48 AM IST
आगरा ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 17 Nov 2021 01:48 AM IST
सार
ताजनगरी में वायु प्रदूषण के बाद अब यमुना में प्रदूषण बढ़ा है। मंगलवार को यमुना में सैकड़ों मछलियां मरी हुईं मिली। इस पर यूपीपीसीबी की टीम ने यमुना जल का सैंपल जांच के लिए भेजा है।
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यमुना में मृत मिलीं मछलियां
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा में यमुना नदी में मंगलवार को रामबाग घाट के पास मछलियां मरी मिलीं। सुबह मछलियों को आटा और दाना डालने आए लोगों ने जब मछलियों को मृत देखा तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को जानकारी दी। बोर्ड ने दो जगह यमुना जल की सैंपलिंग की है, जिसकी जांच रिपोर्ट बुधवार को आएगी। बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक पानी में भारी प्रदूषण आ जाने से घुलनशील ऑक्सीजन की मात्रा में कमी आ गई, वहीं गोकुल बैराज के शहर साइड के गेट खोलने से प्रदूषित पानी पहुंचा होगा, जिस वजह से मछलियां मरी हैं। उधर, फिरोजाबाद जिले में यमुना के बजहेरा और अनवारा घाट पर भी मछलियां मृत मिली हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जल दूषित होने की वजह से मछलियों की मौत हुई है।
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उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सोमवार को पानी की सैंपलिंग कराई थी, जिसमें भारी मात्रा में प्रदूषण मिला है। इसमें घुलनशील आक्सीजन की मात्रा मानक से बेहद कम केवल 3 मिग्रा रह गया, जो रात में और कम हो कई। घुलनशील ऑक्सीजन की मात्रा कम होने से ही मछलियों की मौत मानी जा रही है। मंगलवार शाम को पानी के सैंपल लिए गए हैं। ताजमहल के पीछे यमुना नदी में टोटल कॉलीफार्म की मात्रा 90 हजार से ज्यादा चल रही है, जबकि यह सबसे खराब स्थिति में भी 5000 तक होनी चाहिए।
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पानी की सैंपलिंग कराई गई
यूपीपीसीबी के प्रभारी क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. विश्वनाथ शर्मा ने बताया कि हमने यमुना जल की सैंपलिंग कराई है। सोमवार को पानी में घुलनशील ऑक्सीजन की कमी रही है। मंगलवार को की गई सैंपलिंग की रिपोर्ट आनी है, तभी बता सकेंगे। संभव है कि गोकुल बैराज से जो पानी छोड़ा गया, उसमें सीवर और अन्य प्रदूषण होें।
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यमुना की दुर्दशा से आहत वनखंडी नाथ महादेव मंदिर के महंत रघुनाथ बाबा ने धरना व अनशन के बाद यमुना में गिर रहे नाले पर रोक नहीं लगाने पर आत्मदाह की चेतावनी दी है। मंगलवार को रघुनाथ बाबा ने कहा कि 24 घंटे नाले से यमुना में गंदगी जा रही है। उन्होंने कहा 19 नवंबर तक अगर नदी में गिरने वाला नाला नहीं रोका गया तो वह आत्मदाह करेंगे। इससे पहले पिछले छह दिनों से मंदिर महंत धरना दे रहे थे। धरने से सुनवाई नहीं होने के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया है। इस संबंध में एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह का कहना है कि लेखपाल व कानूनगो से रिपोर्ट मंगाई है। साधु की समस्या का निराकरण कराया जाएगा।