सपा में टिकट बंटवारे पर रार: विधायक की कार के आगे लेटा कार्यकर्ता, पूछा- मेरा टिकट क्यों काटा?
सपा कार्यकर्ता विधायक की गाड़ी के आगे लेट गया। ये देख विधायक हैरान रह गए। टिकट नहीं मिलने पर उसने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया।
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फिरोजाबाद में निकाय चुनाव में टिकट को लेकर रार फैली हुई है। समाजवादी पार्टी से टिकट न मिलने पर पत्नी के साथ कस्बा के मुख्य चौराहे पर सपा कार्यकर्ता ने विधायक जसराना को घेर लिया। कई आरोप लगाए। सड़क पर चिल्लाकर पूछा कि आखिर मेरा टिकट क्यों काटा? विधायक के जवाब न देने पर कार्यकर्ता विधायक की गाड़ी के आगे लेट गया। सुरक्षा कर्मियों की मदद से उसे हटाया गया। वहीं निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर खुद को मैदान में डटे रहने की बात कही। विधायक का आरोप है कि सपा प्रत्याशी का चुनाव नहीं करने की बात को कहते हुए कार्यकर्ता ने हंगामा किया है।
ये है मामला
समाजवादी पार्टी से विधायक इंजी. सचिन यादव जसराना से सपा प्रत्याशी कुंवरपाल सिंह यादव एवं फरिहा से पिंकी देवी का नामांकन कराने तहसील जा रहे थे। इसी दौरान सपा से टिकट न मिलने पर निर्दलीय मैदान में उतरे सपा के पुराने कार्यकर्ता अंशुल विक्रम सिंह अपनी पत्नी के साथ विधायक से मिलने कस्बा के मुख्य चौराहे पर पहुंच गए। जहां उन्होंने गाड़ी रोक विधायक से सपा प्रत्याशी का प्रचार न करने को कहा। विधायक अनसुनी कर अपनी गाड़ी में बैठ आगे बढ़े तो अभद्र व्यवहार का आरोप लगा अंशुल गाड़ी के सामने बैठ गए। इसके बाद जमीन पर लेट गए। इस दौरान काफी लोग इकठ्ठा हो गए। बाद में विधायक के सुरक्षाकर्मियों ने अंशुल को वहां से हटाकर गाड़ी को निकलवाया।
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'टिकट देने का काम मेरा नहीं'
जसराना विधायक इंजीनियर सचिन यादव ने बताया कि पार्टी प्रत्याशियों के नामांकन में शामिल होने गया था। इसी दौरान अंशुल पत्नी को लेकर आ गया और हंगामा करने लगा। टिकट देना और न देना पार्टी पदाधिकारियों का काम है। उनके चुनाव में प्रचार करने का कार्य हमारा है। उनका टिकट वितरण से कोई लेना देना नहीं है।
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इसलिए गाड़ी के आगे लेट गए अंशुल विक्रम सिंह
वहीं अंशुल विक्रम सिंह ने बताया कि टिकट कटने के बाद उनकी पत्नी विधायक से टिकट कटने का कारण पूछ रही थीं। इसी दौरान उन्होंने गाड़ी का दरवाजा बंद किया। इसी से खफा होकर वो गाड़ी के आगे बैठे थे। पार्टी के आंदोलनों में भाग लेने के बाद भी उनकी टिकट काटी गई है।
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