फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etah News ›   Ventilators did not work in medical college in Etah yet honorarium of operators continued for two years

Etah: वेंटीलेटर चले नहीं...फिर भी दो साल से तीन ऑपरेटर का निकलता रहा मानदेय, मरीज कर दिए जाते हैं रेफर

Mon, 17 Apr 2023 02:41 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Mon, 17 Apr 2023 02:41 PM IST
सार

एटा में मेडिकल कॉलेज में लगाए गए वेंटीलेटर चले नहीं फिर भी दो साल से तीन ऑपरेटर का मानदेय निकलता रहा। यहां आने वाले गंभीर मरीजों को रेफर कर दिया जाता है।

विज्ञापन
Ventilators did not work in medical college in Etah yet honorarium of operators continued for two years
एमसीएच विंग में लगे हुए वेंटीलेटर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के एटा में दो वर्ष पूर्व मेडिकल कॉलेज के लिए दस वेंटीलेटर खरीदे गए थे। इससे गंभीर रोगी सहित कोरोना के मरीजों का इलाज हो सके। इसके लिए तीन ऑपरेटर भी शासन से तैनात किए गए, लेकिन जिले में इन वेंटीलेटरों का आज तक प्रयोग नहीं किया गया है। गंभीर बीमार और घायलों को आगरा-अलीगढ़ रेफर कर दिया जाता है। दो घंटे का यह सफर भारी पड़ता है और कई मरीजों की आगरा पहुंचने से पहले ही मौत हो जाती है। वेंटीलेटर दो वर्ष से शोपीस बने हुए हैं और कर्मचारियों का मानदेय निकल रहा है।

विज्ञापन

लाखों रुपये से खरीदे गए वेंटीलेटर 

मेडिकल कॉलेज में संक्रमण की पहली लहर अप्रैल 2020 के बाद लाखों रुपये की लागत से वेंटीलेटर खरीदे गए थे। ताकि संक्रमण काल के समय और बाद में कॉलेज में आने वाले गंभीर रोगियों को जरूरत के मुताबिक वेंटीलेटर का प्रयोग कर उनका उपचार किया जा सके। वेंटीलेटर चलाने के लिए शासन से एनएचएम के माध्यम से तीन टेक्नीशियन को भेजा गया। ताकि वेंटीलेटर के संचालन में किसी तरह की कोई समस्या न आए। लेकिन, संक्रमण की स्थिति से लेकर अब तक जिम्मेदार इस पर सचेत नहीं हैं।

विज्ञापन

प्रतिदिन हो रहीं दुर्घटनाएं 

मेडिकल कॉलेज के मीडिया प्रभारी डॉ. विवेक पाराशर ने बताया कि हालात तो यह है कि कोई भी गंभीर मरीज जिसे वेंटीलेटर की जरूरत होती है उसे चिकित्सक रेफर कर देते हैं। शहर से जीटी रोड निकला हुआ है। जिले में प्रतिदिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। ऐसे में लोग गंभीर चोटों के शिकार होते हैं, लेकिन इमरजेंसी से ऐसे मरीजों को भर्ती न कर रेफर कर दिया जाता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

कॉलेज में नहीं हैं कोई संसाधन

बताया कि कुछ मरीजों की जान तो आगरा या अलीगढ़ पहुंचने से पहले ही चली जाती है। कॉलेज में कुछ संसाधन नहीं हैं। संसाधनों के अभाव में मरीज को दिक्कत न हो इसके लिए उनको रेफर कर देते हैं। वेंटीलेटर का प्रयोग एक भी मरीज पर नहीं हुआ, इसके संदर्भ में चिकित्सकों से बात की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed