आगरा: राजकीय किशोर संप्रेक्षण गृह में नाश्ते के समय गैस सिलिंडर लीक, टला बड़ा हादसा
डीपीओ मनोज पुष्कर ने बताया कि किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है। बड़ा हादसा टल गया।
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आगरा के मलपुरा मार्ग पर सिरोली में बने नवनिर्मित राजकीय किशोर संप्रेक्षण गृह (बच्चा जेल) में गुरुवार सुबह नाश्ते के समय बड़ा हादसा टला। रसोई में एलपीजी गैस सिलिंडर लीक हो गया। चूल्हे जल रहे थे। पांच भरे हुए गैस सिलेंडर रखे थे। गनीमत रही कि हादसा नहीं हुआ। लापरवाही पर जिला प्रोबेशन अधिकारी (डीपीओ) ने अधीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा है। गैस एजेंसी को नोटिस जारी किया जा रहा है।
संप्रेक्षण गृह में 12-18 साल के 166 बच्चे हैं। गैस कर दुर्गंध परिसर में फैलने पर स्टाफ ने दमकल कर्मियों को सूचित किया। दमकल कर्मियों ने सिलिंडर से गैस का रिसाव बंद किया। यहां एलपीजी के कॉर्मिशयल सिलेंडर की आपूर्ति होती है।
डीपीओ मनोज पुष्कर ने बताया कि किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है। बड़ा हादसा टल गया। अग्निकांड हो सकता था। उन्होंने बताया कि बिना जांच के गैस सिलिंडर लिए गए। इस संबंध में प्रभारी अधीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा है। गैस एजेंसी को नोटिस जारी किया जा रहा है। अब सिलिंडर की जांच के लिए एक व्यक्ति नियुक्त रहेगा। रजिस्टर में गैस आपूर्ति का ब्योरा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
पूर्व में डीपीओ हो चुके हैं निलंबित
जनवरी, 2021 में एटा से बच्चा जेल में लाए गए किशोर की खून की उल्टियां के बाद मौत हो गई थी। जांच में किशोर टीबी रोगी निकला था। किशोर गृह में बच्चे को रखते समय उसकी जांच नहीं की गई थी। मामले में मार्च में शासन ने तत्कालीन डीपीओ लवकुश भार्गव और संप्रेक्षण गृह अधीक्षक रतन सिंह को निलंबित कर दिया था।
खिड़की तोड़कर भागे थे पांच किशोर
राजकीय किशोर संप्रेक्षण गृह से दिसंबर, 2019 में पांच किशोर खिड़की तोड़कर फरार हो चुके हैं। जिनमें से चार किशोरों को पुलिस ने बाद में पकड़ लिया था। इससे पहले जनवरी, 2017 में भी तीन किशोर बच्चा जेल से फरार हो चुके हैं।