बड़ी कार्रवाई: आगरा में वीए टेक वबाग कंपनी पर होगी एफआईआर, 40 लाख का जुर्माना भी लगा
कमिश्नर अमित गुप्ता ने दयालबाग में गड्ढे और लीकेज की मरम्मत न करने पर कंपनी के खिलाफ एफआई दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
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आगरा में सीवर नेटवर्क की देखरेख और मरम्मत में लापरवाही वीए टेक वबाग कंपनी को भारी पड़ गई। दयालबाग 100 फीट रोड पर सीवर लाइन लीकेज के कारण गुरुवार रात को हुए गड्ढे तथा लाइन की मरम्मत मामले में लापरवाही पर मंडलायुक्त अमित गुप्ता ने वबाग कंपनी के खिलाफ एफआईआर करने और 40 लाख रुपये का जुर्माना लगाने के आदेश दिए।
सोमवार को मंडलायुक्त ने जलनिगम, नगर निगम और वबाग के अधिकारियों को तलब किया। उन्होंने इसके बाद कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए शासन को पत्र लिखने के निर्देश दिए। यह पहला मौका है, जब सड़क में गड्ढे और सीवर लीकेज पर कंपनी के खिलाफ एफआईआर और जुर्माने की कार्रवाई की गई है।
दयालबाग 100 फीट रोड पर 20 फीट से ज्यादा चौड़े गड्ढे और सुलहकुल नगर में 100 मीटर लंबी सड़क के धंसने से हुए गड्ढों के मामले में लापरवाही बरतने पर मंडलायुक्त ने अधिकारियों को तलब किया। कमिश्नर ने बैठक में जलनिगम अधिकारियों से निगरानी न करने पर नाराजगी जताई तो जलनिगम के अधिकारियों ने बताया कि कंपनी के भुगतान में हर माह 10 फीसदी की कटौती की जा रही है।
कंपनी के अधिकारियों को फटकार
मंडलायुक्त ने वबाग से दयालबाग के गड्ढों को न भरने पर पूछा तो कंपनी ने गाजियाबाद से टीम आने के बारे में बताया। इस पर मंडलायुक्त ने वबाग के अधिकारियों को जमकर फटकारा और वबाग के प्रोजेक्ट मैनेजर समेत कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए।
उन्होंने जलकल विभाग के महाप्रबंधक आरएस यादव से एफआईआर दर्ज कराने और कंपनी पर 40 लाख का जुर्माना लगाने के आदेश दिए। बैठक में शामिल नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे ने बताया कि कंपनी के खिलाफ सीवर नेटवर्क, एसटीपी संचालन में लगातार शिकायतें मिल रही हैं।
शासन से कार्रवाई करने को लिखेंगे नगर आयुक्त
मेयर के बाद नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे ने कमिश्नर की बैठक के बाद बताया कि वबाग द्वारा लापरवाही बरतने के अन्य मामले बताकर शासन को पत्र लिखा जाएगा। मेयर वबाग के काम की समीक्षा के लिए पहले ही कह चुके हैं।
करार निरस्त करने पर शासन को कार्रवाई करनी है। 15 दिसंबर 2019 को प्रदेश सरकार के नगर विकास विभाग और वीए टेक वबाग के बीच करार हुआ था। इसीलिए मामले में नगर निगम के अधिकारी कार्रवाई के लिए शासन की ओर देख रहे हैं।