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Agra News: थाने आने वाली महिलाओं की तत्काल दर्ज हो एफआईआर
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आगरा। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता चौहान ने मंगलवार को सर्किट हाउस में पीड़ित महिलाओं की शिकायतें सुनीं। घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न व अन्य प्रकरणों में थानों में पीड़िताओं की सुनवाई नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की। निर्देश दिए कि थाने में शिकायत लेकर आने वाली पीड़ित महिलाओं की तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए। उन्हें थाने के चक्कर न लगावाएं। लापरवाही मिलने पर थानाध्यक्षों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
जनसुनवाई में 78 अपराध व उत्पीड़न की शिकार महिलाओं ने न्याय की गुहार लगाई। अध्यक्ष डॉ. बबीता चौहान ने कहा कि शिक्षित और जागरूक महिलाएं तो यहां आ जाती हैं लेकिन गरीब व असहाय महिलाएं थानों के चक्कर काट रही हैं। थानों में उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि महिला अपराध मामलों में अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।
जनसुनवाई में घरेलू झगड़े के एक मामले में समझौता कराया गया। गरीब, निराश्रित और जरूरतमंद महिलाओं को योजनाओं को लाभ नहीं मिलने पर नाराजगी व्यक्त की। अधिकारियों को संवेदनशीलता होने की हिदायत दी। कहा कि थानों में महिला फरियादियों को थानाध्यक्ष गंभीरता से सुनें। जांच करें और अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई हो।
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बैठक से जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस), बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) और जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) गैर हाजिर रहे। तीनों अधिकारियों से आयोग की अध्यक्ष ने स्पष्टीकरण मांगा है। जनसुनवाई में महिलाओं के साथ आए बच्चों को पोषण सामग्री और बेबी किट वितरित की गई। जनसुनवाई में आए 78 प्रार्थनापत्रों की जांच और प्रभावी कार्रवाई कर सात दिन में अध्यक्ष ने रिपोर्ट तलब की है। जनसुनवाई में सिटी मजिस्ट्रेट वेद सिंह चौहान, एसीपी सुकन्या शर्मा, सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव, आशीष शर्मा आदि मौजूद रहे।
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जनसुनवाई में 78 अपराध व उत्पीड़न की शिकार महिलाओं ने न्याय की गुहार लगाई। अध्यक्ष डॉ. बबीता चौहान ने कहा कि शिक्षित और जागरूक महिलाएं तो यहां आ जाती हैं लेकिन गरीब व असहाय महिलाएं थानों के चक्कर काट रही हैं। थानों में उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि महिला अपराध मामलों में अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।
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जनसुनवाई में घरेलू झगड़े के एक मामले में समझौता कराया गया। गरीब, निराश्रित और जरूरतमंद महिलाओं को योजनाओं को लाभ नहीं मिलने पर नाराजगी व्यक्त की। अधिकारियों को संवेदनशीलता होने की हिदायत दी। कहा कि थानों में महिला फरियादियों को थानाध्यक्ष गंभीरता से सुनें। जांच करें और अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई हो।
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बैठक से जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस), बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) और जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) गैर हाजिर रहे। तीनों अधिकारियों से आयोग की अध्यक्ष ने स्पष्टीकरण मांगा है। जनसुनवाई में महिलाओं के साथ आए बच्चों को पोषण सामग्री और बेबी किट वितरित की गई। जनसुनवाई में आए 78 प्रार्थनापत्रों की जांच और प्रभावी कार्रवाई कर सात दिन में अध्यक्ष ने रिपोर्ट तलब की है। जनसुनवाई में सिटी मजिस्ट्रेट वेद सिंह चौहान, एसीपी सुकन्या शर्मा, सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव, आशीष शर्मा आदि मौजूद रहे।