UP News: इस जिले की तहसील से पत्रावलियां गायब, मंडलायुक्त का चढ़ा पारा, बोलीं- दोषियों पर होगी कार्रवाई
आगरा की तहसील से पत्रावलियां गायब हो गई हैं। मंडलायुक्त को जानकारी हुई तो उनका पारा चढ़ गया। कहा कि दोषियों पर कार्रवाई होगी।
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उत्तर प्रदेश के आगरा में खेरागढ़ तहसील से नामांतरण और अमलदरामद की पत्रावलियां गायब हैं। एसडीएम व अन्य अधिकारियों ने जिलाधिकारी व मंडलायुक्त को इसकी भनक तक नहीं लगने दी। शनिवार को जब मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी संपूर्ण समाधान दिवस में जनसुनवाई के लिए पहुंची तो अधिवक्ताओं ने उन्हें पत्रावलियां गायब होने की बात बताई।
पत्रावलियां गायब होने से मुकदमों का निस्तारण नहीं हो पा रहा। फरियादी चक्कर काट रहे हैं। अधिवक्ता राकेश सिंह ने मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी को बताया कि ऊंटगिरी गांव की सर्वाधिक पत्रावलियां गायब हैं। मंडलायुक्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए पूरे प्रकरण की जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
फरियादियों ने मंडलायुक्त से जमीनों पर कब्जे और तहसील अधिकारियों की लापरवाही की शिकायत की। कहा चकरोड व अन्य भूमि की पैमाइश नहीं हो रही है। एसडीएम के व्यवहार की भी शिकायत की गई। इससे पहले मंडलायुक्त ने निबंधक कार्यालय का निरीक्षण किया। जहां फाइलों का उचित रखरखाव नहीं मिला।
समाधान दिवस में कुल 162 शिकायतें आईं। इनमें से 15 का मौके पर निस्तारण हो सका। विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति को लेकर मंडलायुक्त ने जानकारी ली तो पता चला कि थाना प्रभारी बसई जगनेर नहीं आए। उन्होंने दरोगा को भेजा था। सीडीपीओ जगनेर और सहायक विकास अधिकारी समाज कल्याण भी अनुपस्थित रहे। मंडलायुक्त ने सभी शिकायतों का सात दिन में निस्तारण और फीडबैक लेने के निर्देश दिए हैं।
सदर में आई 175 शिकायतें, 14 निस्तारित
सदर तहसील में 175 शिकायतें आईं। इनमें 14 के निस्तारण का दावा किया गया। एसडीएम कृष्ण कुमार ने जनसमस्याएं सुनीं। सर्वाधिक 73 शिकायत राजस्व विभाग से संबंधित रहीं। इनमें तालाब, चकरोड व सरकारी भूमि पर कब्जे और पैमाइश में गड़बड़ियों की शिकायत की गई।