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बुखार ने तीन बच्चों समेत छह की ली जान
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बाह/पिनाहट/फतेहाबाद। जिले में बुधवार को बुखार से तीन बच्चों समेत छह की जान चली गई। बाह के गुमान सिंह का पुरा में प्रेम शंकर (5), सुंसारपुरा में कमला देवी (40), पिनाहट के हुसैनपुरा गांव में छह माह की खुशबू, करकोली की नव्या (11), डौकी के एत्मादपुर मदरा के देवांशु (16) और बरहन के गढ़ी थलू निवासी मेघ सिंह (50) की मौत हो गई। इसमें देवांशु और प्रेमशंकर की मौत परिजन डेंगू से बता रहे हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने इसकी पुष्टि नहीं की है। बीते 15 दिन में बुखार से 40 और डेंगू से एक मरीज की मौत हो चुकी है।
बाह के गुमान सिंह पुरा गांव में पांच साल के मासूम प्रेम शंकर की बुधवार को मौत हो गई। पिता रूप सिंह ने बताया कि बुखार आने पर प्रेम को पहले बाह, फतेहाबाद फिर आगरा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां डॉक्टर ने डेंगू होना बताया था। बुधवार तड़के चार बजे उसकी मौत हो गई।
प्रेमशंकर के चचेरे भाई बबलू की भी बुखार से हालत खराब है। सुंसारपुुरा की कमला देवी को भी तीन दिन से बुखार आ रहा था। बुधवार को गुमान सिंह पुरा आने पर हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।
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हुसैनपुरा निवासी रिंकू ने बताया कि खुशबू को दो दिन से बुखार आ रहा था। पिनाहट के एक निजी चिकित्सक से दवा दिलाई थी। मंगलवार की रात करीब 10 बजे अचानक तबियत बिगड़ी और मौत हो गई। वहीं करकोली निवासी नव्या को भी दो दिन से बुखार आ रहा था। परिजनों ने बताया कि मंगलवार को हालत बिगड़ने पर आगरा के निजी अस्पताल में ले गए थे। जहां भोर में करीब तीन बजे उसकी सांसें थम गईं।
डौकी क्षेत्र के गांव एत्मादपुर मदरा निवासी देवांशु के फुफेरे भाई विजय ने बताया कि देवांशू पुत्र उदय सिंह और अमन पुत्र जितेंद्र मामा-भांजे हैं। दोनों को सोमवार को बुखार से पीड़ित होने पर निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान डॉक्टर ने डेंगू होना बताया। इस दौरान देवांशु की हालत ज्यादा गंभीर होने पर परिजन एम्स दिल्ली ले गए। जहां इलाज के दौरान देवांशु की मौत हो गई। बरहन के गढ़ी थलू निवासी मेघ सिंह को एक हफ्ते से बुखार आ रहा था। उनका उपचार टूंडला में चल रहा था। बुधवार को उनकी मौत हो गई।
अभी डेंगू से हुई है एक ही मौत
अभी डेंगू से एक ही मरीज की मौत हुई है, बुखार से मरने वालों के घर बृहस्पतिवार को टीम जाकर जांच करेगी। इनकी रिपोर्ट का आकलन भी करेगी। परिजनों के नमूना लेने के साथ गांव में स्वास्थ्य शिविर भी लगेंगे। बुखार वाले गांवों में रोजाना टीमें मरीजों की जांच कर दवाएं दे रही हैं।
- डॉ. अरुण श्रीवास्तव, सीएमओ
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बाह के गुमान सिंह पुरा गांव में पांच साल के मासूम प्रेम शंकर की बुधवार को मौत हो गई। पिता रूप सिंह ने बताया कि बुखार आने पर प्रेम को पहले बाह, फतेहाबाद फिर आगरा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां डॉक्टर ने डेंगू होना बताया था। बुधवार तड़के चार बजे उसकी मौत हो गई।
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प्रेमशंकर के चचेरे भाई बबलू की भी बुखार से हालत खराब है। सुंसारपुुरा की कमला देवी को भी तीन दिन से बुखार आ रहा था। बुधवार को गुमान सिंह पुरा आने पर हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।
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हुसैनपुरा निवासी रिंकू ने बताया कि खुशबू को दो दिन से बुखार आ रहा था। पिनाहट के एक निजी चिकित्सक से दवा दिलाई थी। मंगलवार की रात करीब 10 बजे अचानक तबियत बिगड़ी और मौत हो गई। वहीं करकोली निवासी नव्या को भी दो दिन से बुखार आ रहा था। परिजनों ने बताया कि मंगलवार को हालत बिगड़ने पर आगरा के निजी अस्पताल में ले गए थे। जहां भोर में करीब तीन बजे उसकी सांसें थम गईं।
डौकी क्षेत्र के गांव एत्मादपुर मदरा निवासी देवांशु के फुफेरे भाई विजय ने बताया कि देवांशू पुत्र उदय सिंह और अमन पुत्र जितेंद्र मामा-भांजे हैं। दोनों को सोमवार को बुखार से पीड़ित होने पर निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान डॉक्टर ने डेंगू होना बताया। इस दौरान देवांशु की हालत ज्यादा गंभीर होने पर परिजन एम्स दिल्ली ले गए। जहां इलाज के दौरान देवांशु की मौत हो गई। बरहन के गढ़ी थलू निवासी मेघ सिंह को एक हफ्ते से बुखार आ रहा था। उनका उपचार टूंडला में चल रहा था। बुधवार को उनकी मौत हो गई।
अभी डेंगू से हुई है एक ही मौत
अभी डेंगू से एक ही मरीज की मौत हुई है, बुखार से मरने वालों के घर बृहस्पतिवार को टीम जाकर जांच करेगी। इनकी रिपोर्ट का आकलन भी करेगी। परिजनों के नमूना लेने के साथ गांव में स्वास्थ्य शिविर भी लगेंगे। बुखार वाले गांवों में रोजाना टीमें मरीजों की जांच कर दवाएं दे रही हैं।
- डॉ. अरुण श्रीवास्तव, सीएमओ