काला धन हो रहा सफेदः बैंक खातों में विदेश से जमा हो रही हवाला की रकम, आईटी विभाग करेगा जांच
आगरा में बंधन बैंक में हवाला के पैसे जमा किए जा रहे थे। बैंक के बोगस खातों के माध्यम से काला धन सफेद किया जा रहा है। पुलिस ने पूर्व मैनेजर सहित चार को गिरफ्तार किया है। आयकर विभाग भी इसकी जांच करेगा।
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उत्तर प्रदेश के आगरा में बंधन बैंक के बोगस खातों में पकड़ा गया खेल काले धन को सफेद करने के लिए चल रहा है। देश ही नहीं विदेश से भी हवाला की रकम खातों में जमा होने की आशंका है। पुलिस को अभी एक दर्जन खातों की जानकारी मिली है। शहर की अन्य बैंक में भी इसी तरह से खाते खोलकर रकम जमा होने की बात सामने आई है। पुलिस के साथ आयकर विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है।
गायत्री विहार, दयालबाग निवासी हरेंद्र सिंह ने पुलिस से शिकायत की थी। उनके दो खातों में करोड़ों का लेनदेन हुआ था। उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। आयकर विभाग का नोटिस आने पर जानकारी हुई। उन्होंने थाना ताजगंज में फतेहाबाद रोड स्थित बंधन बैंक के पूर्व शाखा प्रबंधक प्रशांत पाल सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
काले धन को सफेद किया जाता है
रविवार को पुलिस ने प्रशांत पाल सिंह, पूर्व सेल्स एग्जीक्यूटिव मोहम्मद फैज, जाकिर और जिब्रान को गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ में कई जानकारी मिली। हरेंद्र सिंह के चालू खाते में 12 मई से 19 सितंबर 2022 के बीच 1.79 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ था। आशंका जताई गई कि रकम हवाला की है। देश ही नहीं, विदेश से भी पैसा आता है। काले धन को सफेद किया जाता है।
कई कारोबारी रडार पर
पुलिस के रडार पर शहर के कई बड़े कारोबारी हैं। जांच में पता चला है कि कारोबारी लिमिट कम दिखाते हैं। मगर, माल ज्यादा का सप्लाई करते हैं। रकम पकड़ी नहीं जाए, इसके लिए फर्जी आईडी से खुले और निष्क्रिय खातों का प्रयोग करते हैं। एक साल तक खाते का इस्तेमाल करते हैं। इसके बाद बंद कर देते हैं। बंधन बैंक के खातों में भी दस करोड़ से अधिक का लेनदेन हुआ था। कई बार लोगों के खाते खोलने पर 20 हजार रुपये महीना तक दिया जाता है। बैंक के प्रबंधक और कर्मचारी मदद करते थे।
आयकर विभाग भी करेगा जांच
पुलिस के पास वही लोग आए हैं, जिनके पास आयकर विभाग के नोटिस पहुंचे हैं। आशंका है कि और भी बैंक में इस तरह के खाते हो सकते हैं। पुलिस आयुक्त डॉ. प्रीतिंदिर सिंह ने बताया कि विवेचना की जा रही है। फर्जीवाड़े में जो भी शामिल होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। फर्जी खातों की जानकारी आयकर विभाग को दी गई है। बाहर से जो लोग रकम भेजते थे, उनके भी बयान दर्ज किए जाएंगे। वह रकम क्यों और किसको भेज रहे थे, यह पता किया जाएगा।