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UP: नंगे पैर 7 किमी चलकर मंदिर पहुंचे पिता, घर में दिनभर मां करती रहीं पूजा; बेटे ने IPL में मचाया धमाल!
Wed, 01 Apr 2026 11:27 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 01 Apr 2026 11:27 AM IST
सार
आगरा के कार्तिक शर्मा के आईपीएल डेब्यू पर परिवार ने आस्था और भावनाओं के साथ दिन बिताया। पिता नंगे पैर मंदिर पहुंचे और मां ने दिनभर पूजा की, वहीं मोहल्ले ने मिलकर मैच देखा।
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आईपीएल देखते लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
सोमवार का दिन आगरा के युवा क्रिकेटर कार्तिक शर्मा और उनके परिवार के लिए जिंदगी का सबसे बड़ा दिन बन गया। एक तरफ चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से कार्तिक का पहला आईपीएल मैच था, तो दूसरी तरफ पूरा परिवार भगवान भोलेनाथ की भक्ति में डूबा हुआ था। यह सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि एक परिवार की आस्था, वर्षों के संघर्ष और सपनों का दिन था।
कार्तिक के पिता मनोज शर्मा तड़के चार बजे ही घर से नंगे पैर पैदल मन:कामेश्वर मंदिर के लिए पैदल निकल पड़े। करीब डेढ़ घंटे में सात किलोमीटर पैदल चलकर नंगे पैर मंदिर पहुंचे और भोले बाबा के दरबार में बेटे के लिए प्रार्थना की। मंदिर में चल रही आरती में शामिल हुए और भगवान से एक ही दुआ मांगी- बेटे को पहले मैच में मौका मिले और वह अच्छा प्रदर्शन करे। दर्शन करने के बाद वह नंगे पैर ही सात किलोमीटर चलकर वापस घर लौट आए।
उधर घर पर कार्तिक की मां राधा रानी शर्मा सुबह से ही घर के मंदिर में पूजा में बैठ गईं। मैच शुरू होने से पहले से लेकर मैच खत्म होने तक वह भगवान के सामने बैठकर बेटे के लिए प्रार्थना करती रहीं। मां के लिए यह समय किसी परीक्षा से कम नहीं था। वह बार-बार भगवान से यही प्रार्थना कर रही थीं कि बेटा अपने पहले मैच में अच्छा खेले और परिवार का नाम रोशन करे।
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मोहल्ला बना मिनी स्टेडियम
कार्तिक के बोदला स्थित घर के बाहर टीवी लगा दिया गया था। पिता मनोज शर्मा, दादा कैलाशी, दादी मान देवी, ताई तुलसी देवी, चाची शिवानी और मोहल्ले के लोग एक साथ बैठकर मैच देखने लगे। पूरे मोहल्ले में उत्सव जैसा माहौल था। जैसे ही कार्तिक बल्लेबाजी के लिए मैदान में उतरे, वहां बैठे सभी लोगों की नजरें टीवी पर टिक गईं। हर गेंद पर लोगों की धड़कन बढ़ती रही। कार्तिक ने रन बनाया तो तालियों और खुशी की आवाज से पूरा मोहल्ला गूंज उठा।
बचपन का सपना हुआ सच
परिजनों के अनुसार कार्तिक बचपन से ही क्रिकेट खेलने का शौकीन रहा है। वह टीवी पर आईपीएल मैच देखकर कहता था कि एक दिन वह भी इसी मैदान पर खेलेगा। परिवार ने भी उसके इस सपने को पूरा करने के लिए हर संभव सहयोग किया। मैच के बाद कार्तिक के पिता मनोज शर्मा ने भावुक होकर कहा, मैं सुबह नंगे पैर मन:कामेश्वर मंदिर गया और भोले बाबा से प्रार्थना की थी कि बेटे को पहले मैच में मौका मिले। भगवान ने मेरी सुन ली। बेटे को मौका मिला और उसने दबाव में अच्छा खेला। इससे बड़ी खुशी हमारे परिवार के लिए कुछ नहीं हो सकती।
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कार्तिक के पिता मनोज शर्मा तड़के चार बजे ही घर से नंगे पैर पैदल मन:कामेश्वर मंदिर के लिए पैदल निकल पड़े। करीब डेढ़ घंटे में सात किलोमीटर पैदल चलकर नंगे पैर मंदिर पहुंचे और भोले बाबा के दरबार में बेटे के लिए प्रार्थना की। मंदिर में चल रही आरती में शामिल हुए और भगवान से एक ही दुआ मांगी- बेटे को पहले मैच में मौका मिले और वह अच्छा प्रदर्शन करे। दर्शन करने के बाद वह नंगे पैर ही सात किलोमीटर चलकर वापस घर लौट आए।
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उधर घर पर कार्तिक की मां राधा रानी शर्मा सुबह से ही घर के मंदिर में पूजा में बैठ गईं। मैच शुरू होने से पहले से लेकर मैच खत्म होने तक वह भगवान के सामने बैठकर बेटे के लिए प्रार्थना करती रहीं। मां के लिए यह समय किसी परीक्षा से कम नहीं था। वह बार-बार भगवान से यही प्रार्थना कर रही थीं कि बेटा अपने पहले मैच में अच्छा खेले और परिवार का नाम रोशन करे।
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मोहल्ला बना मिनी स्टेडियम
कार्तिक के बोदला स्थित घर के बाहर टीवी लगा दिया गया था। पिता मनोज शर्मा, दादा कैलाशी, दादी मान देवी, ताई तुलसी देवी, चाची शिवानी और मोहल्ले के लोग एक साथ बैठकर मैच देखने लगे। पूरे मोहल्ले में उत्सव जैसा माहौल था। जैसे ही कार्तिक बल्लेबाजी के लिए मैदान में उतरे, वहां बैठे सभी लोगों की नजरें टीवी पर टिक गईं। हर गेंद पर लोगों की धड़कन बढ़ती रही। कार्तिक ने रन बनाया तो तालियों और खुशी की आवाज से पूरा मोहल्ला गूंज उठा।
बचपन का सपना हुआ सच
परिजनों के अनुसार कार्तिक बचपन से ही क्रिकेट खेलने का शौकीन रहा है। वह टीवी पर आईपीएल मैच देखकर कहता था कि एक दिन वह भी इसी मैदान पर खेलेगा। परिवार ने भी उसके इस सपने को पूरा करने के लिए हर संभव सहयोग किया। मैच के बाद कार्तिक के पिता मनोज शर्मा ने भावुक होकर कहा, मैं सुबह नंगे पैर मन:कामेश्वर मंदिर गया और भोले बाबा से प्रार्थना की थी कि बेटे को पहले मैच में मौका मिले। भगवान ने मेरी सुन ली। बेटे को मौका मिला और उसने दबाव में अच्छा खेला। इससे बड़ी खुशी हमारे परिवार के लिए कुछ नहीं हो सकती।