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जागा माटी से प्यार तो ऐश ओ आराम छोड़ खेती में झोंकी ताकत

Tue, 22 Dec 2020 11:00 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Tue, 22 Dec 2020 11:00 PM IST
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farming day
कासगंज। श्याम चरण उपाध्याय खेती से विमुख होते किसानों के लिए प्रेरणास्त्रोत बन रहे हैं। माटी की सौंधी खुशबू के आगे ऐश ओ आराम भी दरकिनार कर दिए। एक निजी कंपनी में सीईओ के पद पर तैनाती मिलने के बाद भी उन्हें मिट्टी की खुशबू भाई। उन्होंने चार साल बाद नौकरी को छोड़ खेती करना शुरू कर दिया। वह इन दिनों जैविक खाद से मिट्टी की सेहत सुधार कर औषधीय खेती का व्यवसाय कर रहे हैं।
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पटियाली क्षेत्र के गांव बहोरा के निवासी श्याम चरण उपाध्याय ने बीएससी की डिग्री बायोलॉजी से हासिल की। इसके बाद वर्ष 2004 में एक निजी इंश्योरेंस कंपनी में सीईओ(चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर) के पद पर नौकरी की, लेकिन खेतीबाड़ी के प्रति उनकी जागरूकता कम नहीं हुई। नौकरीकाल में उनका मिट्टी से प्रेम और भी उमड़ता रहा। उनके अंदर औषधीय खेती की ललक बनी रही। वर्ष 2008 में उन्होंने नौकरी से त्याग पत्र दे दिया।
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अब वे औषधीय खेती में पूरी ताकत झोंके हुए हैं। 25 बीघा जमीन पर उनका मालिकाना हक है। वे यहां जैविक खाद से खेती में जान डाले हुए हैं और फिर तकनीकि विधि से खेतीबाड़ी कर रहे हैं। किसान के मुताबिक औषधीय खेती से एक वर्ष में लगभग 4 लाख रुपये की बचत हो जाती है।
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यह औषधीय फसलें कर रहे पैदा
सतावर- यह फसल जुलाई माह में बोई जाती है। जो डेढ़ साल में तैयार होती है।
अश्वगंधा- यह फसल दिसंबर माह में बोई जाती है। रबी अभियान के अलावा खरीफ अभियान में भी यह फसल पैदा होती है।
कैमोमाइल- यह फसल एक बार बोई जाती है और फिर वर्षभर में चार से पांच बार इसकी कटाई की जाती है।
खस- यह फसल दिसंबर और जनवरी माह में बोई जाती है और एक साल में तैयार होती है।
मैंने सरकारी संस्था से ट्रेनिंग ली
- मैंने बायोलॉजी से बीएससी की डिग्री हासिल की है। इसलिए मुझे औषधीय पौधों के बारे में विस्तृत जानकारी है और लगाव भी है। बेहतर औषधीय खेती के लिए लखनऊ सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिशनल एंड एग्रो मैटिक प्लांट सरकारी संस्था से ट्रेनिंग ली है। इस खेती से मैं व्यवसाय कर रहा हूं। - श्याम चरण उपाध्याय, किसान।

वर्जन-
- किसान औषधीय खेती कर अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। इन्हें प्रगतिशील किसानों की श्रेणी में शामिल किया हुआ है। किसान दिवस पर श्याम चरण उपाध्याय को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित कराया जाएगा। - सुमित चौहान, जिला कृषि अधिकारी।
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