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किसान जमीन की उर्वरा शक्ति बढ़ाने की सोचें

Thu, 16 Sep 2021 09:23 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 16 Sep 2021 09:23 PM IST
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Farmers think of increasing the fertility of the land
मैनपुरी। डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने बृहस्पतिवार को जिला स्तरीय फसल अवशेष प्रबंधन गोष्ठी में किसानों से सीधे संवाद किया। डीएम ने कहा कि कृषक भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने की के बारे में सोचें। फसल अवशेष खेतों में जलाकर सूक्ष्म जीवाणुओं को क्षति न पहुंचाएं। भूमि की उर्वरा शक्ति को प्रभावित न करें।
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डीएम ने कहा कि पराली का प्रयोग जैविक खाद बनाने में करें। समीपवर्ती गोशाला को दान करें। पालतू पशुओं को चारे के रूप में खिलाएं। फसल अवशेष जलाकर पर्यावरण प्रदूषण न करें। पराली प्रबंधन के लिए कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। कृषक अनुदान पर कृषि यंत्र खरीदें और पराली फसल अवशेष को खाद के रूप में प्रयोग कर खेतों की उर्वरा शक्ति बढ़ाएं। धान की फसल की अवशेष पलारी खेतों में किसी भी दशा में न जलाएं। फसल अवशेषों के जलाने से पर्यावरण प्रदूषण के साथ-साथ मिट्टी के पोषक तत्व को अत्यधिक क्षति एवं मिट्टी के भौतिक स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। फसल अवशेष जलाना दंडनीय अपराध है। जिन किसानों द्वारा पराली, कृषि अपशिष्ट जलाया जाएगा उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होगी। सीडीओ विनोद कुमार, उप निदेशक कृषि डीवी सिंह, कृषि वैज्ञानिक विकास रंजन चौधरी, एसके पांडे, कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप मौजूद रहे।
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