फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Farmers taking Jalsamadhi in Agra police and administration officials reached spot trying to explain

जलसमाधि: सवा आठ घंटे यमुना में खड़े रहे किसान, डीएम ने दिया 28 को वार्ता का आश्वासन; तब निकले बाहर

Fri, 16 Feb 2024 12:43 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 16 Feb 2024 12:43 PM IST
सार

आगरा में किसान जलसमाधि लेने के लिए रायपुर पहुंचे। इस बात की भनक लगते ही ज्वाइंट मजिस्टेट और एसीपी मौके पर पहुंच गए। डीएम ने 28 फरवरी को वार्ता का आश्वासन दिया, तब वे माने।

विज्ञापन
Farmers taking Jalsamadhi in Agra police and administration officials reached spot trying to explain
Kisan Andolan - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा की एत्मादपुर तहसील के गांव रहनकला और रायपुर के किसान अधिग्रहीत जमीन को वापस करने या ब्याज सहित मुआवजे की मांग के लिए रायपुर स्थित यमुना में जलसमाधि लेने उतर गए। सवा आठ घंटे चले मान-मनोव्वल के बाद शाम सवा सात बजे डीएम के 28 फरवरी को वार्ता के आश्वासन पर माने और यमुना से बाहर आये
विज्ञापन


2009 में एडीए व प्रशासन ने थीम पार्क के लिए रायपुर व रहनकला मौजा में किसानों की 442 हेक्टेयर से अधिक जमीन अधिग्रहण की थी। लेकिन किसानों का कहना है कि आज तक किसानों को मुआवजा नहीं मिला है। वहीं 2014 में प्रशासन ने किसानों के नाम खतौनी से काट कर जमीन आगरा विकास प्राधिकरण के नाम दर्ज कर दी। किसान कई वार आंदोलन कर चुके हैं। एडीए के अधिकारियों से किसानों से वार्ता कई बार असफल रही है। जनप्रतिनिधि ने भी शासन तक फाइल भेजी लेकिन शासन स्तर से आश्वासन ही मिला।
विज्ञापन


शुक्रवार को गांव रायपुर में दोनों गांव के सैकड़ों किसान हाथों में तख्तियां लेकर पैदल मार्च करते हुए यमुना नदी पर पहुंच गए। पूर्वाह्न 11 बजे से करीब 40 महिला-पुरुष हाथों में तख्तियां लेकर जल समाधि लेने की धमकी देते हुए यमुना नदी में उतर गए। मौके पर पहुंचे जॉइंट मजिस्ट्रेट केके सिंह व एसीपी सुकन्या शर्मा ने किसानों को समझाने का प्रयास किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


किसान जिलाधिकारी व एडीए के अधिकारियों को मौके पर बुलाने तथा शासन स्तर से हुई अब तक कार्यवाही से अवगत कराने की मांग पर अड़े रहे। शाम 4 बजे एडीए के सचिव व तहसीलदार भी मौके पर पहुंच गए। शाम सवा सात बजे डीएम के वार्ता के आश्वासन पर किसान माने।

इन गांवों के किसानों की गई जमीन
एत्मादपुर के रहनकला व रायपुर मौजा के गांव मनोहरपुर, दलेलनगर, गढ़ी जगन्नाथ, कुबेरपुर, गढ़ी संपत्ति, रघुवंशपुरा, नगला हरकेशी, नगला खरगा, नगला रंजीत सहित अन्य गांवों के किसानों की जमीन का एडीए ने थीम पार्क के लिए अधिग्रहण किया था।


कई बार कर चुके आंदोलन
गांव रहनकला व रायपुर मौजा के एक दर्जन गांवों में एडीए ने थीम पार्क के लिए वर्ष 2009 में किसानों की जमीन अधिग्रहण की थी। 2014 में खतौनी से किसानों के नाम हट गए। किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा अभी तक नहीं मिला है।

- मुआवजे की मांग के लिए किसानों ने 2016 में रहनकला टोल पर धरना दिया था।
- वर्ष 2018 में किसानों ने पुनः टोल पर धरना दिया, इसमें पहुंचे सांसद रामशंकर कठेरिया ने एक माह में समाधान का आश्वासन दिया था।
- 2019 में किसानों कलेक्टर ऑफिस का ट्रैक्टरों से घेराव किया।
- 2022 में टोल पर किसानों का 28 दिन धरना चला जिसमें एडीए के अधिकारियों ने 6 माह में समाधान का आश्वासन दिया।
- 2023 में कुबेरपुर यमुना एक्सप्रेसवे इंटरचेंज के नीचे किसानों की महापंचायत हुई, जिसमें राकेश टिकैत शामिल हुए थे। लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
- 2023 में एडीए के अधिकारियों ने कई बार गांवों में पहुंचकर किसानों से वार्ता की, लेकिन बात नहीं बनी।
- विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह ने भी किसानों मांगों को शासन तक पहुंंचाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed