{"_id":"69f4427f3203df4e9c0feeeb","slug":"farmer-leader-placed-under-house-arrest-before-lucknow-visit-action-assurance-after-protest-warning-2026-05-01","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: किसान नेता को रात में घर पर किया नजरबंद, लखनऊ जाने से रोका; आत्महत्या की चेतावनी के बाद मचा हड़कंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: किसान नेता को रात में घर पर किया नजरबंद, लखनऊ जाने से रोका; आत्महत्या की चेतावनी के बाद मचा हड़कंप
Fri, 01 May 2026 11:34 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 01 May 2026 11:34 AM IST
सार
आगरा में किसान नेता श्याम सिंह चाहर को लखनऊ जाने से पहले पुलिस ने रात में घर पर नजरबंद कर दिया। मांगों पर कार्रवाई के आश्वासन के बाद अगले दिन उन्हें मुक्त कर दिया गया।
विज्ञापन
किसान नेता श्याम सिंह चाहर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
किसान नेता श्याम सिंह चाहर को पुलिस ने लखनऊ जाने से पहले ही बुधवार रात को घर पर नजर बंद कर दिया। उच्चाधिकारियों ने फोन पर बात कर मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद बृहस्पतिवार दोपहर को मुक्त किया।
विज्ञापन
रोहता बाग निवासी किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने सहकारिता विभाग में आरटीआई से सूचना मांगी थीं। विभाग का समय से जवाब नहीं मिला। इस पर अपील की उस पर भी अधिकारी तारीख पर नहीं मिले। इससे नाराज होकर चेतावनी दी कि वह अन्य किसान नेताओं के साथ 30 अप्रैल को विधानसभा के गेट पर आत्महत्या करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
श्याम सिंह चाहर ने बताया कि उनके घर पर बुधवार रात करीब 11 बजे ही सदर थाने की पुलिस पहुंच गई। उन्हें नजर बंद कर दिया। दूसरे दिन सुबह लखनऊ के लिए नहीं निकलने दिया। उनकी सहकारिता विभाग और पुलिस के अधिकारियों से फोन पर बात कराई। उन्होंने उनकी ओर से मांगी गई सूचनाओं का जल्द जवाब देने की कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
डीआर ने एआर से मांगें स्पष्टीकरण
संयुक्त आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता ने श्याम सिंह चाहर के पत्र पर सहायक आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्हें पत्र लिखे बिंदुओं पर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं।
संयुक्त आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता ने श्याम सिंह चाहर के पत्र पर सहायक आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्हें पत्र लिखे बिंदुओं पर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं।