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पुलिस-पीएसी लेकर आ रहे एडीए वाले, सुनते ही किसान को पड़ा हार्ट अटैक
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 08 Jul 2017 09:34 PM IST
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दिल का दौरा
- फोटो : फाइल फोटो
आगरा के दहतोरा गांव में शनिवार दोपहर को एक किसान की हार्ट अटैक से मौत हो गई। वह आठ दिन से सदमे में थे। कारण यह था कि 28 जून को प्राधिकरण की टीम अवैध निर्माण ढहाने की चेतावनी दे गई थी। इसकी जद में खसरा संख्या 66 पर बना उनका मकान भी आ रहा था।
बताया गया है कि शनिवार दोपहर को गांव में अफवाह उड़ गई कि प्राधिकरण के अधिकारी पुलिस-पीएसी लेकर आ रहे हैं। यह सुनते ही भीमसेन ( 45) को दिल का दौरा पड़ गया और थोड़ी देर में ही प्राण पखेरू उड़ गए।
उनकी मौत पर गांव के लोगों ने प्राधिकरण के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना था कि प्राधिकरण के अधिकारी शहर में सरकारी जमीन पर कब्जा करके बनाई गई बड़ी बड़ी इमारतों को छोड़कर उनके छोटे- छोटे घरों के पीछे पड़े हैं। इसकी जानकारी मिलने पर विधायक हेमलता दिवाकर भी वहां पहुंच गए।
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उन्होंने भीमसेन के परिवार को आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन दिया। उन्हें लोगों ने बताया कि प्राधिकरण की टीम मकान ढहाने के लिए सात दिन का अल्टीमेटम दे गई थी। इसी से भीमसेन सदमे में थे। शनिवार को उड़ी अफवाह के बाद उन्हें दिल का दौरा पड़ा। ग्रामीणों ने विधायक से कहा कि प्राधिकरण की कार्रवाई रुकवाई जाए।
बता दें कि जिले में किसान परेशान हैं। वजह अलग अलग हैं लेकिन तकलीफ बढ़ती जा रही हैं। एक तो किसानों के गले में कर्ज का फंदा है। सरकार ने कर्ज माफी की घोषणा कर दी लेकिन बैंक दबाव बना रहे हैं। दूसरा, आलू की फिसल पिट गई है, बड़ा घाटा हुआ है। इसका भी सदमा है। तीसरा, कारण तहसील और प्राधिकरण की कार्रवाई है, जो अवैध कब्जे हटाने के नाम पर किसानों को परेशान कर रहे है।
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बताया गया है कि शनिवार दोपहर को गांव में अफवाह उड़ गई कि प्राधिकरण के अधिकारी पुलिस-पीएसी लेकर आ रहे हैं। यह सुनते ही भीमसेन ( 45) को दिल का दौरा पड़ गया और थोड़ी देर में ही प्राण पखेरू उड़ गए।
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उनकी मौत पर गांव के लोगों ने प्राधिकरण के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना था कि प्राधिकरण के अधिकारी शहर में सरकारी जमीन पर कब्जा करके बनाई गई बड़ी बड़ी इमारतों को छोड़कर उनके छोटे- छोटे घरों के पीछे पड़े हैं। इसकी जानकारी मिलने पर विधायक हेमलता दिवाकर भी वहां पहुंच गए।
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उन्होंने भीमसेन के परिवार को आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन दिया। उन्हें लोगों ने बताया कि प्राधिकरण की टीम मकान ढहाने के लिए सात दिन का अल्टीमेटम दे गई थी। इसी से भीमसेन सदमे में थे। शनिवार को उड़ी अफवाह के बाद उन्हें दिल का दौरा पड़ा। ग्रामीणों ने विधायक से कहा कि प्राधिकरण की कार्रवाई रुकवाई जाए।
बता दें कि जिले में किसान परेशान हैं। वजह अलग अलग हैं लेकिन तकलीफ बढ़ती जा रही हैं। एक तो किसानों के गले में कर्ज का फंदा है। सरकार ने कर्ज माफी की घोषणा कर दी लेकिन बैंक दबाव बना रहे हैं। दूसरा, आलू की फिसल पिट गई है, बड़ा घाटा हुआ है। इसका भी सदमा है। तीसरा, कारण तहसील और प्राधिकरण की कार्रवाई है, जो अवैध कब्जे हटाने के नाम पर किसानों को परेशान कर रहे है।