एटा में किसान ने की आत्महत्या: सूदखोरों की प्रताड़ना से आहत होकर खाया जहर
किसान ने दो बीघा खेत गिरवी रखकर सूदखोर से 30000 रुपये उधार लिए थे। इसके एवज में 90000 हजार रुपये चुकाए। इसके बावजूद सूदखोरों ने उसकी जमीन हड़प ली। पुलिस ने पिता-पुत्र समेत तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
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उत्तर प्रदेश के एटा जिले में एक किसान ने विषाक्त पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। 45 वर्षीय किसान ने अपनी जमीन गिरवी रखकर सूदखोरों से ब्याज पर रुपये उधार लिए थे। आरोप है कि रकम अदा करने के बाद भी सूदखोरों ने उसको जमीन के कागजात नहीं लौटाए।
सूदखोरों की प्रताड़ना से आहत किसान ने शनिवार को जान दे दी। मृतक की पत्नी ने तीन सूदखोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। विसरा सुरक्षित किया गया है।
थाना जैथरा क्षेत्र के गांव उदयपुरा निवासी संतोष कुमार खेतीबाड़ी करके परिवार को भरण-पोषण करते थे। उन्होंने शनिवार को विषाक्त पदार्थ खा लिया। इससे उनकी मौत हो गई। किसान की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
2004 में उधार लिए थे 30 हजार रुपए
मृतक किसान की पत्नी शीला देवी ने रविवार को तहरीर देकर वीरेंद्र निवासी कस्बा धुमरी और उसके पुत्र सहित तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। उनका आरोप है कि संतोष ने वीरेंद्र से वर्ष 2004 में 30 हजार रुपये ब्याज पर लिए थे।
कर्ज के एवज में दो बीघा जमीन का इकरारनामा वीरेंद्र ने अपने नाम करा लिया था। संतोष ने सूद सहित 90 हजार रुपये वापस कर दिए थे, इसके बाद भी जमीन के इकरारनामा के कागजात वापस नहीं किए गए। इसको लेकर संतोष परेशान रहने लगे।
शीला देवी ने बताया कि पति शनिवार को सूदखोर वीरेंद्र के घर जमीन के कागजात वापस करने की गुहार लगाने गए थे, लेकिन उसने इकरारनामा वापस करने से इनकार कर दिया। इससे आहत पति ने विषाक्त पदार्थ खा लिया और उनकी मृत्यु हो गई।
घटना के संबंध में थानाध्यक्ष सुधीर कुमार ने बताया है कि एक दिन पहले दी गई सूचना में कोई आरोप नहीं लगाए गए थे, अब तहरीर दी गई है। इसके आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच की जा रही है।