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मक्का ने दी किसान को चोट, सरकार ने खींचे खरीद से हाथ

Sat, 03 Oct 2020 11:11 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sat, 03 Oct 2020 11:11 PM IST
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कासगंज गल्ला मंडी में लगा मक्का का ढेर - फोटो : KASGANJ
कासगंज। मक्का किसानों के लिए ये सीजन काफी घाटे का साबित हुआ है। बाजार में फसल का भाव काफी गिरा हुआ है। मात्र 1200 रुपये प्रति क्विंटल के भाव फसल की बिक्री हो रही है। सरकार ने मक्का का समर्थन मूल्य 1850 रुपये घोषित तो किया, लेकिन खरीद नहीं की जा रही। मक्का के लिए क्रय केंद्र न खोलने से किसान काफी मायूस हैं।
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जिला में इस बार 33 हजार हेक्टेयर में मक्का की पैदावार की गई है। किसान ने कड़ी मेहनत कर अच्छी पैदावार तो ली, लेकिन फसल बेचने की बारी आई तो अच्छा भाव नहीं मिल रहा है। पिछले वर्ष 2000 रुपये प्रति क्विंटल तक बिकने वाली फसल इस बार महज 1200 रुपये क्विंटल के भाव है।
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इससे किसानों को लागत निकलना मुश्किल हो रहा है। किसान को सरकार से राहत की उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने भी मक्का खरीद में कोई रुचि नहीं दिखाई है। खरीद केंद्र न खुलने से किसान समर्थन मूल्य पर फसल नहीं बेच पा रहे हैं। अब तक किसान 1700 मीट्रिक टन मक्का बाजार में बेच चुके हैं।
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पिछले साल किसानों ने नहीं बेची क्रय केंद्रों पर
शासन ने वर्ष 2018 में मक्का की खरीद शुरू की। 1700 रुपये समर्थन मूल्य तय किया था। बाजार में भी लगभग यही भाव रहा। इससे 8 हजार मीट्रिक टन मक्का क्रय केंद्रों पर खरीदी गई। वर्ष 2019 में सरकार ने समर्थन मूल्य 1760 कर दिया, लेकिन बाजार में किसान को 2000 रुपये क्विंटल के भाव मिले। इससे किसानों ने अपनी मक्का क्रय केंद्रों पर नहीं बेची। इस बार सरकार ने खरीद से हाथ खींच लिए।
डीएम ने मंडी आयुक्त को लिखा पत्र
डीएम सीपी सिंह ने बाजार में मक्का की कीमतों में गिरावट को देखते हुए मंडी आयुक्त को पत्र लिखा है। उन्होंने किसानों को समर्थन मूल्य योजना का लाभ दिलाने के लिए क्रय केंद्र खोलने की सिफारिश की है।
मक्का की फसल ने किसान को इस बार काफी घाटा दिया है। जिस भाव पर इस समय फसल की बिक्री हो रही है, उससे अधिक तो लागत ही आ जाती है। इसके अलावा मंडी तक लाने में खर्च अलग से आता है। संकट में फंसे किसान को सरकार ने भी राहत नहीं दी।
- अमित मौर्य, किसान
गत वर्ष फसल के भाव अच्छे रहने से किसान को इस बार भी फसल से काफी उम्मीद थी। किसानों ने मौसम की बेरुखी के बाद भी कड़ी मेहनत करके फसल की पैदावार की, लेकिन बाजार में कीमत गिरने से किसान को काफी नुकसान उठाना पड़ा है।

- शैलेंद्र शाक्य, किसान
शासन से अभी तक मक्का की खरीद के लिए कोई दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। इसके चलते इस बार क्रय केंद्र नहीं खोले गए हैं। निर्देश मिलने पर केंद्र खोलकर खरीद कराई जाएगी।
-विजय कुमार शुक्ला, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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