{"_id":"67b9fd9044eaa8b8d80912ea","slug":"families-of-the-district-are-putting-the-lives-of-infants-in-danger-kasganj-news-c-175-1-sagr1032-128227-2025-02-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: नौनिहालों के जीवन को खतरे में डाल रहे जिले के परिवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: नौनिहालों के जीवन को खतरे में डाल रहे जिले के परिवार
Sat, 22 Feb 2025 10:08 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sat, 22 Feb 2025 10:08 PM IST
विज्ञापन
कासगंज। जिले के 2200 परिवार नौनिहालों का जीवन खतरे में डाल रहे हैं। ये परिवार बच्चों को 12 जानलेवा बीमारियों से बचाने वाले टीकों को नहीं लगवा रहे। टीका न लगवाने वाले परिवारों में ग्रामीण ही नहीं शहरी क्षेत्र के लोग भी शामिल हैं। जिले के लगभग 30 हजार बच्चों के उनके परिवारजनों ने टीके नहीं लगवाए।
शासन से शून्य से पांच साल तक बच्चों को 12 प्रकार की जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए टीके लगाए जाते हैं। माह के प्रत्येक बुधवार व शुक्रवार को जिला अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्रों, उप स्वास्थ्य केंद्रों आदि पर टीकाकरण की व्यवस्था रहती है। निजी अस्पतालों में यदि इन टीकों को लगवाया जाए तो यह काफी महंगे लगते हैं, जिसे लगवा पाना हर किसी के बस की बात नहीं होती। वहीं, शासन से इन टीकों को निशुल्क लगवाया जाता है। जिले में 270994 परिवारों के 241083 बच्चों को टीके लगाए जाने थे। इनमें लगभग 30 हजार बच्चों को टीके नहीं लगवाए गए। जिन परिवारों में बच्चों के टीके नहीं लगते उनके यहां विभाग टीमें भेजकर सर्व कराता है और अभिभावकों को टीके लगवाने को प्रेरित करता है। इसके बाद भी लोग इन टीकों को नहीं लगवाते। विभाग ने ऐसे परिवारों को चिन्हित किया है। इनमें शहरी परिवार भी चिन्हित किए गए हैं। ऐसे परिवारों को समझाने के कई बार प्रयास भी विभाग स्तर से किए जा चुके हैं।
विज्ञापन
शासन से शून्य से पांच साल तक बच्चों को 12 प्रकार की जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए टीके लगाए जाते हैं। माह के प्रत्येक बुधवार व शुक्रवार को जिला अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्रों, उप स्वास्थ्य केंद्रों आदि पर टीकाकरण की व्यवस्था रहती है। निजी अस्पतालों में यदि इन टीकों को लगवाया जाए तो यह काफी महंगे लगते हैं, जिसे लगवा पाना हर किसी के बस की बात नहीं होती। वहीं, शासन से इन टीकों को निशुल्क लगवाया जाता है। जिले में 270994 परिवारों के 241083 बच्चों को टीके लगाए जाने थे। इनमें लगभग 30 हजार बच्चों को टीके नहीं लगवाए गए। जिन परिवारों में बच्चों के टीके नहीं लगते उनके यहां विभाग टीमें भेजकर सर्व कराता है और अभिभावकों को टीके लगवाने को प्रेरित करता है। इसके बाद भी लोग इन टीकों को नहीं लगवाते। विभाग ने ऐसे परिवारों को चिन्हित किया है। इनमें शहरी परिवार भी चिन्हित किए गए हैं। ऐसे परिवारों को समझाने के कई बार प्रयास भी विभाग स्तर से किए जा चुके हैं।
विज्ञापन