{"_id":"68afbe6b51e827221c099494","slug":"fake-medicines-case-agra-2-13-crore-drugs-seized-third-fir-2025-08-28","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"नकली दवा सिंडीकेट: एक करोड़ की रिश्वत से लेकर करोड़ों की दवाओं तक...जानें सबकुछ, दर्ज हुआ तीसरा केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नकली दवा सिंडीकेट: एक करोड़ की रिश्वत से लेकर करोड़ों की दवाओं तक...जानें सबकुछ, दर्ज हुआ तीसरा केस
Thu, 28 Aug 2025 07:56 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 28 Aug 2025 07:56 AM IST
सार
आगरा में नकली दवाओं के बड़ा रैकेट का खुलासा हुआ है। हिमांशु अग्रवाल समेत कई फर्में जांच के घेरे में हैं। टीम नेकरोड़ों की दवाएं जब्त करते हुए इस मामले में तीसरा केस दर्ज किया है।
विज्ञापन
agra fake medicine raids
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा में नकली दवाओं के सिंडिकेट के खुलासे में लगी टीमों ने एक और केस दर्ज कराया है। मोती कटरा स्थित हे मां मेडिकल एजेंसी के खिलाफ एमएम गेट थाने में तहरीर दी गई। इसमें फर्म संचालक हिमांशु अग्रवाल, लखनऊ की दो और पुडुचेरी की फर्म को नामजद किया गया है।
एसटीएफ की टीम बाकी फर्म संचालकों की गिरफ्तारी में लगी हैं। औषधि निरीक्षक नवनीत कुमार की ओर से केस दर्ज कराया गया। इसमें हिमांशु अग्रवाल (हे मां मेडिकल एजेंसी), राजा उर्फ एके राना (मीनाक्षी फार्मा), विक्की कुमार (न्यू बाबा फार्मा, लखनऊ) और सुभाष कुमार (पार्वती ट्रेडर्स, लखनऊ) को नामजद किया गया है।
विज्ञापन
एसटीएफ की टीम बाकी फर्म संचालकों की गिरफ्तारी में लगी हैं। औषधि निरीक्षक नवनीत कुमार की ओर से केस दर्ज कराया गया। इसमें हिमांशु अग्रवाल (हे मां मेडिकल एजेंसी), राजा उर्फ एके राना (मीनाक्षी फार्मा), विक्की कुमार (न्यू बाबा फार्मा, लखनऊ) और सुभाष कुमार (पार्वती ट्रेडर्स, लखनऊ) को नामजद किया गया है।
विज्ञापन
दर्ज केस के अनुसार, प्रदेश में नकली दवाओं की सप्लाई की जानकारी मिली थी। इस पर बस्ती मंडल के सहायक आयुक्त नरेश मोहन दीपक को अवगत कराया गया। इसके बाद 22 अगस्त को एसटीएफ के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई की गई। आगरा के सैय्यद गली, मोती कटरा स्थित हे मां मेडिको पर टीम पहुंची। जहां पहले से जीएसटी और कस्टम की टीम कार्रवाई कर रही थी।
इसके पूर्ण होने पर औषधि विभाग और एसटीएफ की टीम ने जांच की। पूरी जांच फर्म के स्वामी हिमांशु अग्रवाल की उपस्थिति में की गई। संदिग्ध दवाएं मिलने पर 14 नमूने लिए गए। सनफार्मा कंपनी की रोसोवास-20 और रोसोवास-40 दवा की फोटो खींचकर कंपनी के प्रतिनिधि ने जांच कराई। इसी बीच संचालक की रिश्वत देने के आरोप में गिरफ्तारी हो गई।
बाद में कर्मचारी फर्म का ताला लगाकर चले गए। 25 अगस्त को फर्म के ताले खुलवाकर जांच की गई। हे मां मेडिको का माल लेकर आए टेंपो को पकड़ा गया। यह माल लखनऊ के विक्की कुमार की न्यू बाबा फार्मा और सुभाष कुमार फर्म पार्वती ट्रेडर्स को सप्लाई किया जाना था। इसके साक्ष्य टीम को मिले।
फर्म के माध्यम से काफी माल पश्चिम बंगाल और बिहार में सप्लाई किया जाता है। औषधि निरीक्षक ने तहरीर में लिखा है कि आरोपियों का संगठित गिरोह है जो अलग-अलग राज्यों में नकली दवाओं की सप्लाई करता है।
तीन प्रकार की नकली दवाएं
जांच में पता चला कि तीन प्रकार की नकली दवाएं हैं। इनमें रोसोवास 20/40 टेबलेट और एलिग्राम-120 एमजी पाई गईं हैं। इन तीनों के नमूने लिए गए हैं। इन दवाइयों को 15 कट्टों में भरकर रखा गया है। टीम को दवाओं के 46,650 पत्ते मिले। इनकी बाजार में कीमत करीब 2.13 करोड़ रुपये है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने दवाओं को अपनी कंपनी की नहीं बताया है। दवाओं को सील कर थाना एमएम गेट में रखवाया गया है। एसटीएफ की टीम हिमांशु अग्रवाल और मीनाक्षी फार्मा की जांच में जुटी है। मीनाक्षी फार्मा पुडुचेरी की है। कंपनी के मोबाइल नंबर बंद हो गए हैं।
जांच में पता चला कि तीन प्रकार की नकली दवाएं हैं। इनमें रोसोवास 20/40 टेबलेट और एलिग्राम-120 एमजी पाई गईं हैं। इन तीनों के नमूने लिए गए हैं। इन दवाइयों को 15 कट्टों में भरकर रखा गया है। टीम को दवाओं के 46,650 पत्ते मिले। इनकी बाजार में कीमत करीब 2.13 करोड़ रुपये है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने दवाओं को अपनी कंपनी की नहीं बताया है। दवाओं को सील कर थाना एमएम गेट में रखवाया गया है। एसटीएफ की टीम हिमांशु अग्रवाल और मीनाक्षी फार्मा की जांच में जुटी है। मीनाक्षी फार्मा पुडुचेरी की है। कंपनी के मोबाइल नंबर बंद हो गए हैं।
ये मामले भी हुए दर्ज
हिमांशु अग्रवाल पर आरोप है कि उन्होंने टीम की कार्रवाई को रोकने के लिए 1 करोड़ की रिश्वत देने की पेशकश की थी। उन्होंने हवाला से रुपये भी मंगवा लिए थे। टीम को देने का प्रयास किया। रकम के साथ गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में थाना कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में केस दर्ज किया गया। आरोपी हिमांशु अग्रवाल को मेरठ की एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेजा गया है।
हिमांशु अग्रवाल पर आरोप है कि उन्होंने टीम की कार्रवाई को रोकने के लिए 1 करोड़ की रिश्वत देने की पेशकश की थी। उन्होंने हवाला से रुपये भी मंगवा लिए थे। टीम को देने का प्रयास किया। रकम के साथ गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में थाना कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में केस दर्ज किया गया। आरोपी हिमांशु अग्रवाल को मेरठ की एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेजा गया है।
दूसरा केस
दूसरा केस थाना कोतवाली में ही लिखा गया था। इसमें एमएस लाॅजिस्टिक के संचालक यूनुस उस्मानी, वारिस, दवा व्यापारी हिमांशु अग्रवाल, फरहान, लखनऊ की फर्म के संचालक विक्की और सुभाष कुमार को नामजद किया। इसमें आरोप था कि हे मां मेडिकल पर दवाएं लेकर आए टेंपो से बिना बिल की दवाएं मिलीं। यह नकली पाई गईं।
दूसरा केस थाना कोतवाली में ही लिखा गया था। इसमें एमएस लाॅजिस्टिक के संचालक यूनुस उस्मानी, वारिस, दवा व्यापारी हिमांशु अग्रवाल, फरहान, लखनऊ की फर्म के संचालक विक्की और सुभाष कुमार को नामजद किया। इसमें आरोप था कि हे मां मेडिकल पर दवाएं लेकर आए टेंपो से बिना बिल की दवाएं मिलीं। यह नकली पाई गईं।
कर्मचारी शटर बंदकर भागे
एमएम गेट थाने में दर्ज कराए गए केस में लिखा गया है कि टीम जांच कर रही थी तभी हिमांशु अग्रवाल ने रिश्वत देने का प्रयास किया। उसकी गिरफ्तारी की जानकारी पर हिमांशु अग्रवाल के कुछ कागजात पर हस्ताक्षर के लिए टीम चली गई। इसी का फायदा उठाकर फर्म के कर्मचारी और परिजन शटर बंदकर भाग गए। इस पर परिजन से संपर्क किया। मगर उनके फोन स्विच ऑफ हो गए। बाद में दुकान और गोदाम को सील कर दिया गया। 24 अगस्त को भी टीम ने संपर्क की कोशिश की, लेकिन सभी फोन स्विच ऑफ थे। इस पर 25 अगस्त को सिटी मजिस्ट्रेट की माैजूदगी में ताले तुड़वाकर औषधियों की जांच की गई।
एमएम गेट थाने में दर्ज कराए गए केस में लिखा गया है कि टीम जांच कर रही थी तभी हिमांशु अग्रवाल ने रिश्वत देने का प्रयास किया। उसकी गिरफ्तारी की जानकारी पर हिमांशु अग्रवाल के कुछ कागजात पर हस्ताक्षर के लिए टीम चली गई। इसी का फायदा उठाकर फर्म के कर्मचारी और परिजन शटर बंदकर भाग गए। इस पर परिजन से संपर्क किया। मगर उनके फोन स्विच ऑफ हो गए। बाद में दुकान और गोदाम को सील कर दिया गया। 24 अगस्त को भी टीम ने संपर्क की कोशिश की, लेकिन सभी फोन स्विच ऑफ थे। इस पर 25 अगस्त को सिटी मजिस्ट्रेट की माैजूदगी में ताले तुड़वाकर औषधियों की जांच की गई।
शासन ने तीनों केस की मांगी प्रगति
तीनों केस की मॉनिटरिंग शासन स्तर पर की जा रही है। हर दिन कार्रवाई की रिपोर्ट ली जा रही है। जिससे आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जा सके। इसके साथ ही जिन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, उनके बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। सभी की गिरफ्तारी के लिए टीमों को लगाया गया है।
तीनों केस की मॉनिटरिंग शासन स्तर पर की जा रही है। हर दिन कार्रवाई की रिपोर्ट ली जा रही है। जिससे आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जा सके। इसके साथ ही जिन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, उनके बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। सभी की गिरफ्तारी के लिए टीमों को लगाया गया है।