{"_id":"67a97caf465bf46387041311","slug":"fake-deeds-scandal-land-mafia-also-involved-in-game-of-taking-possession-of-valuable-lands-2025-02-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी बैनामा कांड: बेशकीमती जमीनों पर कब्जे के खेल में भूमाफिया भी शामिल, इन पर गिरफ्तारी की लटकी तलवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जी बैनामा कांड: बेशकीमती जमीनों पर कब्जे के खेल में भूमाफिया भी शामिल, इन पर गिरफ्तारी की लटकी तलवार
Mon, 10 Feb 2025 09:42 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 10 Feb 2025 09:42 AM IST
सार
बेशकीमती जमीनों पर कब्जे के खेल में भूमाफिया भी शामिल हैं। एसआईटी की 11 बैनामों की जांच में अहम जानकारी मिली है। सत्यापन का कार्य पूरा हो गया है। अब इनकी गिरफ्तारी होना बाकी है।
विज्ञापन
रजिस्ट्री कार्यालय से बाहर निकती एसआईटी की टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा में बेशकीमती जमीनों के फर्जी बैनामे लगाकर कब्जा करने वाले माफियाओं पर पुलिस सख्त कार्रवाई नहीं कर पाई है। गिरोह के मास्टरमाइंड अब तक पकड़ से दूर हैं। एसआईटी ने जमीनों का सत्यापन पूरा कर लिया है। मगर, तहसील में सक्रिय दलाल हाथ नहीं आ पा रहे हैं। फर्जी दस्तावेज तैयार करने का खेल काैन और कैसे कर रहा था, इससे पर्दा नहीं उठ सका है। फरार 4 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस टीम लगी है।
शहर कई इलाकों में जमीन खाली पड़ी हैं। इन पर भूमाफियाओं की नजर रहती है। वर्ष 2024 में बोदला जमीन प्रकरण सामने आया था। करोड़ों की जमीन पर कब्जा करने के लिए दो फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर केयरटेकर के परिवार को जेल भेजा गया। अब तहसील में फर्जी बैनामा लगाकर जमीनों की साैदेबाजी का खुलासा हुआ। मामले में प्रशासन की ओर से 21 जनवरी को शाहगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें 23 जनवरी को सेवानिव़ृत्त रिकाॅर्ड कीपर देवदत्त शर्मा, बृजेश दुबे, सुमित अग्रवाल, भानू प्रताप रावत और राजकुमार को जेल भेजा था। आरोपी प्रशांत और अजय सिसौदिया पहले से जेल में बंद हैं। चार आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इसी तरह कई और जमीनों पर कब्जे की शिकायत एसआईटी के हेल्पलाइन नंबर मिली थीं।
एसआईटी ने 11 जमीनों के फर्जी बैनामे मिलने पर सत्यापन किया। इनमें जमीन के आसपास रहने वालों के बयान भी लिए। सत्यापन का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। आशंका है कि जमीनों के फर्जी बैनामे वालों के तार भूमाफियाओं से जुड़े हुए हैं। यह लोग जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कराने से लेकर साैदे कराने तक में शामिल रहते हैं। 150 करोड़़ की जमीनों के कागजात भी भूमाफियाओं ने तैयार किए। एसआइटी के अध्यक्ष एसीपी सदर विनायक भोंसले ने बताया कि सभी तथ्यों की गहराई से पड़ताल की जा रही है। कई भूमाफिया के बारे में जानकारी मिली है। साक्ष्य संकलन किया जा रहा है। साक्ष्य मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर कई इलाकों में जमीन खाली पड़ी हैं। इन पर भूमाफियाओं की नजर रहती है। वर्ष 2024 में बोदला जमीन प्रकरण सामने आया था। करोड़ों की जमीन पर कब्जा करने के लिए दो फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर केयरटेकर के परिवार को जेल भेजा गया। अब तहसील में फर्जी बैनामा लगाकर जमीनों की साैदेबाजी का खुलासा हुआ। मामले में प्रशासन की ओर से 21 जनवरी को शाहगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें 23 जनवरी को सेवानिव़ृत्त रिकाॅर्ड कीपर देवदत्त शर्मा, बृजेश दुबे, सुमित अग्रवाल, भानू प्रताप रावत और राजकुमार को जेल भेजा था। आरोपी प्रशांत और अजय सिसौदिया पहले से जेल में बंद हैं। चार आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इसी तरह कई और जमीनों पर कब्जे की शिकायत एसआईटी के हेल्पलाइन नंबर मिली थीं।
विज्ञापन
एसआईटी ने 11 जमीनों के फर्जी बैनामे मिलने पर सत्यापन किया। इनमें जमीन के आसपास रहने वालों के बयान भी लिए। सत्यापन का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। आशंका है कि जमीनों के फर्जी बैनामे वालों के तार भूमाफियाओं से जुड़े हुए हैं। यह लोग जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कराने से लेकर साैदे कराने तक में शामिल रहते हैं। 150 करोड़़ की जमीनों के कागजात भी भूमाफियाओं ने तैयार किए। एसआइटी के अध्यक्ष एसीपी सदर विनायक भोंसले ने बताया कि सभी तथ्यों की गहराई से पड़ताल की जा रही है। कई भूमाफिया के बारे में जानकारी मिली है। साक्ष्य संकलन किया जा रहा है। साक्ष्य मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन