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फर्जी बैनामा कांड: एसआईटी जांच में सामने आया एक माननीय का नाम, हाथ डालने से बच रहे जिम्मेदार

Mon, 03 Feb 2025 10:10 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Mon, 03 Feb 2025 10:10 AM IST
सार

फर्जी बैनामा कांड में एसआईटी जांच कर रही है। जांच में  एक माननीय का नाम के खिलाफ अहम सुराग मिले हैं, लेकिन जिम्मेदार हाथ डालने से बच रहे हैं।

 

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Fake deed case: Name of an honorable person revealed in SIT investigation
रजिस्ट्री कार्यालय से बाहर निकती एसआईटी की टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

आगरा में फर्जी बैनामा कांड में एसआईटी को रजिस्ट्री दफ्तर का एक रजिस्टर मिला है, जिसमें छेड़छाड़ की गई है। एक ऑडियो रिकाॅर्डिंग में कातिब और बैनामा में गवाह रहा व्यक्ति स्वीकार कर रहा है कि कैसे रिकाॅर्ड में अदला-बदली की गई। फिर भी एक माननीय के दबाव में जिम्मेदार आरोपियों पर हाथ डालने से कतरा रहे हैं।
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मौजा बसई के जिस भूखंड का बैनामा बदलकर एग्रीमेंट लगाया गया, उस समिति से सत्ताधारी दल की माननीय का संबंध बताया जा रहा है। इस मामले में शिकायतकर्ता के खिलाफ ही फर्जीवाड़े की आशंका में केस दर्ज है। एसआईटी जांच कर रही है। माननीय के दबाव में एसआईटी जांच भी भटकती नजर आ रही है।
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कितने पन्ने फटे नहीं लग सका पता
रजिस्ट्री दफ्तर के रिकाॅर्ड रूम में रखी जिल्द व खंड से कितने पन्ने फटे। कितने बैनामों में छेड़छाड़ की गई। कैसे इस कारनामे को अंजाम दिया। कौन-कौन इसमें शामिल हैं। रजिस्ट्री दफ्तर कितने कर्मचारी की भूमिका है। इन सभी सवालों के जवाब एसआईटी को नहीं मिले।
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14 हजार बैनामाें में स्टांप चोरी की आशंका
एक तरफ फर्जी बैनामा कांड को लेकर रजिस्ट्री दफ्तर सुर्खियों में है। दूसरी तरफ भवनों को भूखंड दर्शाकर करीब 14 हजार बैनामों में स्टांप चोरी की आशंका है। 2009 में महानिरीक्षक स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन ने बड़े बैनामों का स्थलीय निरीक्षण के आदेश जारी किए थे। हर माह डीएम को 5, एडीएम वित्त एवं राजस्व को 25 और एआईजी स्टांप को 50 बैनामों, दानपत्र, पॉवर ऑफ अटार्नी का मौका-मुआयना करना था। सत्यापन में भी अफसर लापरवाह बने रहे। इस मामले में मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी गई है। अगर जांच हुई तो बड़ी राजस्व क्षति को खुलासा हो सकता है।


11 एफआईआर के बाद भी नतीजा शून्य
बेलनगंज निवासी श्याम सुंदर माहेश्वरी ने मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी है। जिसमें कहा है कि गोकुलपुरा क्षेत्र के दो व्यक्ति फर्जी बैनामा में माहिर हैं। 2015 से 2024 तक शाहगंज, ताजगंज, कोतवाली, लोहामंडी व मंटोला थाने में 11 एफआईआर फर्जी बैनामा मामले में दर्ज हैं। फिर भी आरोपियों के विरुद्ध सही से कार्रवाई नहीं हो सकी। नतीजा शून्य रहने पर पीड़ित ने फिर मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।
 
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