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दरवेश यादव हत्याकांड: ऑडियो क्लिप में छिपा है 'राज', चश्मदीद इंस्पेक्टर ने किया देने से इंकार
Fri, 28 Jun 2019 12:18 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 28 Jun 2019 12:18 AM IST
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घटना के चश्मदीद इंस्पेक्टर सतीश यादव
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की प्रथम महिला अध्यक्ष दरवेश सिंह यादव की हत्या के चश्मदीद इंस्पेक्टर सतीश यादव पहले कह रहे थे कि उनके पास एक ऐसा ऑडियो है जो पूरी कहानी साफ कर देगा, लेकिन अब वह बदल गए हैं।
उनका कहना है कि जो ऑडियो उनके पास है, उसका भी अब कोई मतलब नहीं रहा। अब गड़े मुर्दे उखाड़ने से कुछ भी नहीं होगा। वहीं इस मामले में सीबीआई जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका खारिज होने के बाद अब पुलिस की जांच पर ही नजर लगी है।
पुलिस ने करीब आठ लोगों के बयान लिये हैं लेकिन हत्या की वजह का खुलासा नहीं हो सका। इन सबके बीच इंस्पेक्टर सतीश ने एक ऑडियो क्लिप के बारे में जानकारी दी थी। इसमें वह मनीष से बात कर रहे हैं, मनीष बेहद परेशान था और दरवेश को लेकर वो कुछ भी सुनने को तैयार नहीं था।
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उनका कहना है कि जो ऑडियो उनके पास है, उसका भी अब कोई मतलब नहीं रहा। अब गड़े मुर्दे उखाड़ने से कुछ भी नहीं होगा। वहीं इस मामले में सीबीआई जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका खारिज होने के बाद अब पुलिस की जांच पर ही नजर लगी है।
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पुलिस ने करीब आठ लोगों के बयान लिये हैं लेकिन हत्या की वजह का खुलासा नहीं हो सका। इन सबके बीच इंस्पेक्टर सतीश ने एक ऑडियो क्लिप के बारे में जानकारी दी थी। इसमें वह मनीष से बात कर रहे हैं, मनीष बेहद परेशान था और दरवेश को लेकर वो कुछ भी सुनने को तैयार नहीं था।
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'अब गढ़े मुर्दे उखाड़ने से क्या फायदा'
त्रियोदशी संस्कार के बाद उक्त ऑडियो सामने आने की बात भी कही गई थी, लेकिन मनीष की मौत के बाद अब इंस्पेक्टर का कहना है कि अब न तो दरवेश है न ही आरोपी ही बचा है। ऐसे में अब गड़े मुर्दे उखाड़ने से कुछ नहीं होगा। इंस्पेक्टर सतीश से उक्त ऑडियो उपलब्ध कराने के बारे में कहा गया, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया।
बता दें कि आगरा के दीवानी परिसर में 12 जून को स्वागत समारोह के दौरान उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की अध्यक्ष दरवेश यादव की हत्या कर दी गई थी। साथी अधिवक्ता मनीष शर्मा ने उन्हें तीन गोली मारी थीं। इसके बाद खुद को भी गोली मार ली।
हत्याकांड के 10वें दिन मनीष ने भी दम तोड़ दिया। उसका इलाज गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में चल रहा था। उसकी मौत के साथ ही इस हत्याकांड से जुड़े कई राज दफन हो गए। कोई भी यह नहीं जानता है कि मनीष ने दरवेश यादव की हत्या क्यों की थी।
बता दें कि आगरा के दीवानी परिसर में 12 जून को स्वागत समारोह के दौरान उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की अध्यक्ष दरवेश यादव की हत्या कर दी गई थी। साथी अधिवक्ता मनीष शर्मा ने उन्हें तीन गोली मारी थीं। इसके बाद खुद को भी गोली मार ली।
हत्याकांड के 10वें दिन मनीष ने भी दम तोड़ दिया। उसका इलाज गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में चल रहा था। उसकी मौत के साथ ही इस हत्याकांड से जुड़े कई राज दफन हो गए। कोई भी यह नहीं जानता है कि मनीष ने दरवेश यादव की हत्या क्यों की थी।