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कोरोना उपचार की पड़ताल: निजी अस्पतालों में रोजाना 22 हजार रुपये का खर्चा, डिप्टी सीएम के आदेश नहीं माने

Mon, 17 Aug 2020 10:54 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Mon, 17 Aug 2020 10:54 AM IST
सार

  • सामान्य वार्ड में रखा, बिल दिया तीन लाख का
  • बगैर ऑक्सीजन के उपचार खर्च दो लाख

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Extra Fees Charged From Covid Patient In Private Hospitals After Dinesh Sharma Orders
कोरोना का इलाज (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

विस्तार

निजी अस्पतालों में कोरोना के इलाज के लिए बिना आईसीयू और ऑक्सीजन के भी रोजाना 22 हजार रुपये तक लिए जा रहे हैं। यह हाल तब है जब 11 अगस्त को डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने आगरा में अफसरों के साथ मीटिंग में कहा था कि यहां निजी अस्पतालों में कोरोना उपचार की दरें महंगी हैं। लखनऊ में प्रतिदिन 6900 रुपये हैं जबकि यहां प्रशासन ने 15 हजार रुपये तय कर रखी हैं। 
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उन्होंने डीएम को संशोधित दरें जारी करने के निर्देश दिए थे। लेकिन प्रशासन ने अब तक नई दरें जारी नहीं की हैं। अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया कि निजी अस्पतालों में 15 हजार प्रतिदिन से ज्यादा वसूले जा रहे हैं। ऑक्सीजन और आईसीयू के बगैर भी 20 से 22 हजार रुपये रोज का बिल बनाया जा रहा है। आईएमए और शासन तक भी ऐसी शिकायतें पहुंचीं हैं।
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ये भी पढ़ें- कोरोना मरीजों से मनमाना बिल नहीं वसूल पाएंगे निजी अस्पताल, तय हुई रोजाना की फीस
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सामान्य वार्ड में रखा, बिल दिया तीन लाख का
कमला नगर निवासी अभिषेक गुप्ता का कहना है कि मेरे पिताजी संक्रमित होने के बाद 13 दिन निजी अस्पताल में भर्ती रहे। इनका अस्पताल का बिल करीब तीन लाख रुपये जमा कराया, जबकि मेरे पिताजी को आईसीयू की भी जरूरत नहीं पड़ी। सामान्य वार्ड में ही भर्ती रहे। खर्चा अधिक होने से परेशानी उठानी पड़ी।

बगैर ऑक्सीजन के उपचार खर्च दो लाख
सिकंदरा में बैंककर्मी संक्रमित हो गए, इनको ऑक्सीजन तक की जरूरत नहीं पड़ी। एल-वन के मरीज थे, इनके भी 13-14 दिन में दो लाख रुपये से अधिक खर्च हो गए। अस्पताल स्टाफ से रुपये अधिक होने की बात भी कही, लेकिन उन्होंने तमाम मदों में महंगा चार्ज बताकर पूरा बिल वसूल लिया।

रोजाना दस मरीज जा रहे निजी अस्पतालों
जनपद में रोजाना कोरोना वायरस के 30 से अधिक संक्रमित मिल रहे हैं। इनमें से औसतन 10 मरीज निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। शासन ने शुरुआत में ही आइसोलेशन वार्ड के लिए पीपीई किट समेत 10 से 13 हजार रुपये, आईसीयू बिना वेंटिलेटर के लिए 13 से 15 हजार रुपये और वेंटिलेटर आईसीयू के 18 से 20 हजार रुपये प्रतिदिन खर्च तय किया था, लेकिन निजी अस्पतालों में इससे लगभग दोगुना खर्च वसूला जा रहा है।

हमारे पास भी आ रही हैं शिकायतें : डॉ. आरएम पचौरी
आईएमए अध्यक्ष डॉ. आरएम पचौरी ने बताया कि कोरोना वायरस का इलाज निजी अस्पतालों में महंगा हो रहा है। लेवल-दो के मरीज के भी तीन लाख से अधिक खर्च हो रहे हैं। हमारे पास शिकायतें आने के बाद बिल कम भी करवाया। लोगों को राहत देने के लिए प्रशासन को जल्द नई दर तय करनी चाहिए।

जिला प्रशासन के साथ बैठक कर तय करेंगे दर : डॉ. आरसी पांडेय
सीएमओ डॉ. आरसी पांडेय का कहना है कि उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने निजी अस्पतालों में इलाज का खर्च अधिक होने पर इनकी दर तय करने को कहा था, इसके लिए डीएम के साथ बैठक कर समीक्षा कर नई दर लागू करेंगे, इसके लिए रिपोर्ट भी बना रहे हैं।
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