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एटा: बिलसड़ में मिले पांचवीं शताब्दी के मंदिर के अवशेष, गुप्तकालीन सीढ़ियां और शिलालेख
Wed, 08 Sep 2021 07:59 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 08 Sep 2021 07:59 PM IST
सार
यहां लाल पत्थर का फर्श और पांच सीढ़ियां मिली हैं, जो मंदिर की हैं। गुप्तकालीन सम्राट कुमार गुप्त ने 415 ई. से 455 ई. तक शासन किया था। उसी दौरान उन्हें श्री महेंद्रादित्य की उपाधि दी गई थी।
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एटा: खोदाई में मिला शिलालेख
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण आगरा सर्किल के अधिकारियों की टीम ने एटा के बिलसड़ में वैज्ञानिक ढंग से उत्खनन में गुप्त कालीन 5वीं सदी के मंदिर के अवशेष खोज निकाले हैं। लाल बलुई पत्थर की मंदिर की सीढ़ियां और शंख लिपि में लेख प्राप्त हुआ है, जिस पर सम्राट कुमार गुप्त के लिए श्री महेंद्रादित्य लिखा हुआ है। बिलसड़ के टीले पहले से ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित साइट है, लेकिन वैज्ञानिक ढंग से उत्खनन में मिले इन अवशेषों से बिलसड़ का समृद्धशाली इतिहास सामने आ पाएगा।
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भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण आगरा सर्किल के अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार के नेतृत्व में पुरातत्वविदों की टीम ने गुप्तकालीन 5वीं सदी के अवशेषों को जमीन के नीचे से निकाला है। यहां लाल पत्थर का फर्श और पांच सीढ़ियां मिली हैं, जो मंदिर की हैं। गुप्तकालीन सम्राट कुमार गुप्त ने 415 ई. से 455 ई. तक शासन किया था। उसी दौरान उन्हें श्री महेंद्रादित्य की उपाधि दी गई थी। अति प्राचीन शंख लिपि में इस उत्खनन के दौरान शिलालेख पर यही श्री महेंद्रादित्य लिखा हुआ मिला है। पुरातत्वविदों के मुताबिक बिलसड़ में और भी वृहद इतिहास जमीन में दबा हुआ है। साइंटिफिक क्लीयरेंस में टीले के आसपास और भी अवशेष मिल सकते हैं। इससे पहले 1960 के दशक में बिलसड़ में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने उत्खनन किया था, जिसमें लाल बलुई पत्थर के स्तंभ और उस पर लेख मिले थे।
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महत्वपूर्ण अवशेष मिले
एटा का बिलसड़ गुप्त कालीन साइट है, जहां कुछ समय से वैज्ञानिक ढंग से उत्खनन किया गया है। इसमें महत्वपूर्ण अवशेष मिले हैं, जिन पर कुमार गुप्त काल का श्री महेंद्रादित्य लिखा लेख प्रमुख है। मंदिर की सीढ़ियां भी प्राप्त हुई हैं, जो इस साइट के बारे में कई जानकारियां देती हैं। - वसंत कुमार स्वर्णकार, अधीक्षण पुरातत्वविद
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