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पूर्व फौजी हत्याकांड: पांच संदिग्धों का होगा पॉलीग्राफ टेस्ट
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आगरा।
किरावली के गांव कराहरा में पांच अगस्त, 2025 की रात घर में घुसकर की गई रिटायर्ड फाैजी बनवीर सिंह की हत्या का खुलासा नाै महीने बाद भी नहीं हो सका है। पुलिस की विवेचना में पांच संदिग्ध लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस इनका पाॅलीग्राफ टेस्ट कराने की तैयारी कर रही है। इसके लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया गया है।
गांव कराहरा निवासी बनवीर सिंह घटना वाली रात घर में अकेले थे। बच्चे शहर में रहते हैं। पत्नी दवा लेने गई थीं। पांच अगस्त की सुबह जब वह घर पहुंचीं तो पति की लाश फर्श पर पड़ी थी। पोस्टमार्टम में मृत्यु का कारण गला दबाने से आया। फौजी का मोबाइल घर के पास प्लॉट में मिला था, लेकिन सिम गायब था। सिम के मोबाइल का स्लॉट घर में ही मिला। मामले में भाई हरेंद्र ने अज्ञात में हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई।
डीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य सिंह ने बताया कि केस में अलग-अलग बिंदुओं पर पड़ताल की गई। परिजन ने रंजिश में हत्या की आशंका जाहिर की। इस बिंदु पर पड़ताल जारी है। घर के पिछले हिस्से में बनी सीढ़ी पर पैरों के निशान मिले थे। इसके अलावा चोरी की भी आशंका जाहिर की गई, लेकिन घर से कोई सामान चोरी नहीं किया गया था।
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नए सिरे से होगी हत्याकांड की जांच
पुलिस ने नए सिरे से हत्याकांड की जांच शुरू कर दी है। डीसीपी ने बताया कि हत्या के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंच गए थे। क्राइम सीन बदल गया था। अब गांव के ही पांच लोगों को संदिग्ध मानकर चिह्नित किया गया है। पुलिस इनका पाॅलीग्राफ टेस्ट कराकर सच का पता करेगी। इसकी अनुमति के लिए न्यायालय में आवेदन किया गया है। अनुमति मिलते ही पांचों संदिग्धों का पाॅलीग्राफ टेस्ट कराया जाएगा।
हिरासत में पिटाई पर एसआई
सहित तीन पर हुई थी कार्रवाई
दिसंबर 2025 में पुलिस ने पूर्व फाैजी की हत्या के मामले में गांव के ही राजू पंडित को हिरासत में लिया था, लेकिन उसे हिरासत में रखकर यातनाएं देने का आरोप पुलिस पर लगा था। पीट-पीटकर राजू के दोनों पैर तोड़ दिए गए। बाद में उसे अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। हत्या में जुर्म कबूल करने का दबाव बनाया गया था। कमिश्नर ने थानाध्यक्ष सहित तीन पर कार्रवाई की थी। एसीपी अछनेरा का भी तबादला किया गया था।
भाई कर रहे हैं प्रधानी के चुनाव की तैयारी
मृतक पूर्व फौजी के भाई हरेंद्र सिंह प्रधानी का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। भाई के समर्थन में रिटायर्ड फौजी ने ग्राम पंचायत में अपनी सक्रियता बढ़ाई थी। वह लोगों से संपर्क कर रहे थे। डीसीपी से मिलने आए परिजन ने बताया कि कुछ लोग प्रधानी के चुनाव में दावेदारी से परेशान थे। इस कारण ही हत्या की आशंका है। जब शव मिला था, तो कुछ लोगों ने करंट से मृत्यु होने की बात फैलाई, जिससे यह लगे कि हादसा हुआ है।
कब और कैसे होता है पाॅलीग्राफ टेस्ट
पुलिस के मुताबिक, पाॅलीग्राफ टेस्ट छोटे मामलों में नहीं किया जाता है। पुलिस या जांच एजेंसी को जब संदिग्ध पर शक होता है, वह सच नहीं बता रहा होता है, तब इस टेस्ट को किया जाता है। किसी भी व्यक्ति की सहमति के बिना नहीं किया जा सकता है। इस टेस्ट की रिपोर्ट को अदालत में सीधे पुख्ता सबूत नहीं माना जा सकता है। यह पूरी तरह से सटीक नहीं होता। हालांकि इससे मिले संकेत से पुलिस को सुराग मिलते हैं।
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किरावली के गांव कराहरा में पांच अगस्त, 2025 की रात घर में घुसकर की गई रिटायर्ड फाैजी बनवीर सिंह की हत्या का खुलासा नाै महीने बाद भी नहीं हो सका है। पुलिस की विवेचना में पांच संदिग्ध लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस इनका पाॅलीग्राफ टेस्ट कराने की तैयारी कर रही है। इसके लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया गया है।
गांव कराहरा निवासी बनवीर सिंह घटना वाली रात घर में अकेले थे। बच्चे शहर में रहते हैं। पत्नी दवा लेने गई थीं। पांच अगस्त की सुबह जब वह घर पहुंचीं तो पति की लाश फर्श पर पड़ी थी। पोस्टमार्टम में मृत्यु का कारण गला दबाने से आया। फौजी का मोबाइल घर के पास प्लॉट में मिला था, लेकिन सिम गायब था। सिम के मोबाइल का स्लॉट घर में ही मिला। मामले में भाई हरेंद्र ने अज्ञात में हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई।
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डीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य सिंह ने बताया कि केस में अलग-अलग बिंदुओं पर पड़ताल की गई। परिजन ने रंजिश में हत्या की आशंका जाहिर की। इस बिंदु पर पड़ताल जारी है। घर के पिछले हिस्से में बनी सीढ़ी पर पैरों के निशान मिले थे। इसके अलावा चोरी की भी आशंका जाहिर की गई, लेकिन घर से कोई सामान चोरी नहीं किया गया था।
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नए सिरे से होगी हत्याकांड की जांच
पुलिस ने नए सिरे से हत्याकांड की जांच शुरू कर दी है। डीसीपी ने बताया कि हत्या के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंच गए थे। क्राइम सीन बदल गया था। अब गांव के ही पांच लोगों को संदिग्ध मानकर चिह्नित किया गया है। पुलिस इनका पाॅलीग्राफ टेस्ट कराकर सच का पता करेगी। इसकी अनुमति के लिए न्यायालय में आवेदन किया गया है। अनुमति मिलते ही पांचों संदिग्धों का पाॅलीग्राफ टेस्ट कराया जाएगा।
हिरासत में पिटाई पर एसआई
सहित तीन पर हुई थी कार्रवाई
दिसंबर 2025 में पुलिस ने पूर्व फाैजी की हत्या के मामले में गांव के ही राजू पंडित को हिरासत में लिया था, लेकिन उसे हिरासत में रखकर यातनाएं देने का आरोप पुलिस पर लगा था। पीट-पीटकर राजू के दोनों पैर तोड़ दिए गए। बाद में उसे अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। हत्या में जुर्म कबूल करने का दबाव बनाया गया था। कमिश्नर ने थानाध्यक्ष सहित तीन पर कार्रवाई की थी। एसीपी अछनेरा का भी तबादला किया गया था।
भाई कर रहे हैं प्रधानी के चुनाव की तैयारी
मृतक पूर्व फौजी के भाई हरेंद्र सिंह प्रधानी का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। भाई के समर्थन में रिटायर्ड फौजी ने ग्राम पंचायत में अपनी सक्रियता बढ़ाई थी। वह लोगों से संपर्क कर रहे थे। डीसीपी से मिलने आए परिजन ने बताया कि कुछ लोग प्रधानी के चुनाव में दावेदारी से परेशान थे। इस कारण ही हत्या की आशंका है। जब शव मिला था, तो कुछ लोगों ने करंट से मृत्यु होने की बात फैलाई, जिससे यह लगे कि हादसा हुआ है।
कब और कैसे होता है पाॅलीग्राफ टेस्ट
पुलिस के मुताबिक, पाॅलीग्राफ टेस्ट छोटे मामलों में नहीं किया जाता है। पुलिस या जांच एजेंसी को जब संदिग्ध पर शक होता है, वह सच नहीं बता रहा होता है, तब इस टेस्ट को किया जाता है। किसी भी व्यक्ति की सहमति के बिना नहीं किया जा सकता है। इस टेस्ट की रिपोर्ट को अदालत में सीधे पुख्ता सबूत नहीं माना जा सकता है। यह पूरी तरह से सटीक नहीं होता। हालांकि इससे मिले संकेत से पुलिस को सुराग मिलते हैं।