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पूर्व सैनिकों की कोरोना से जंग: 'मैं घर की सीमा में किसी को आने नहीं दूंगा'
Wed, 08 Apr 2020 08:03 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 08 Apr 2020 08:03 PM IST
सार
चीन, पाकिस्तान और आतंकवाद से लड़े , अब कोरोना से लड़ रहे
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पूर्व सैनिक देवकांत बाएं से दाएं सूबेदार श्रीभगवान गोस्वामी व चारपाई पर बैठे सुघरसिंह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
चीन से लड़े, पाक सैनिकों के दांत खट्टे किए और आतंकियों को भी धूल चटाई है, अब इनकी जंग कोरोना से है। मोर्चा जुदा है, दुश्मन अलग है, लेकिन जज्बा वही है। पूर्व सैनिक हैं जो लॉकडाउन का सख्ती से पालन करा रहे हैं।
कोई सामाजिक दूरी का पालन करा रहा है तो कोई घर के दरवाजे पर सुबह ही चारपाई डालकर बैठ जाता है ताकि न कोई बाहर जाए न ही अंदर आए। कहते हैं, मैं घर की सीमा में किसी को आने नहीं दूंगा, इस जंग को जीतने की यही रणनीति है।
खेड़ा राठौर के रानीपुरा गांव के 85 साल के सुघरसिंह ने 1962 में चीन के खिलाफ, 1965 और 1971 में पाक के खिलाफ जंग लड़ी थी। अब इनके बेटे सुरेंद्र सिंह, मुकेश जम्मू-कश्मीर में मोर्चा संभाले हैं जबकि नाती अनुज पंजाब के लुधियाना बार्डर पर तैनात है।
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कोई सामाजिक दूरी का पालन करा रहा है तो कोई घर के दरवाजे पर सुबह ही चारपाई डालकर बैठ जाता है ताकि न कोई बाहर जाए न ही अंदर आए। कहते हैं, मैं घर की सीमा में किसी को आने नहीं दूंगा, इस जंग को जीतने की यही रणनीति है।
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खेड़ा राठौर के रानीपुरा गांव के 85 साल के सुघरसिंह ने 1962 में चीन के खिलाफ, 1965 और 1971 में पाक के खिलाफ जंग लड़ी थी। अब इनके बेटे सुरेंद्र सिंह, मुकेश जम्मू-कश्मीर में मोर्चा संभाले हैं जबकि नाती अनुज पंजाब के लुधियाना बार्डर पर तैनात है।
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खेड़ा राठौर के रानीपुरा गांव के 85 साल के सुघरसिंह अपने परिवार के युवाओं के साथ
- फोटो : अमर उजाला
लॉकडाउन का पालन कर कोरोना को हराने की बात करते हैं। खुद घर के प्रवेश द्वार पर चारपाई डालकर बैठते हैं ताकि कोई घर से बाहर न निकले और बाहर का कोई व्यक्ति घर में न आए। उन्होंने बताया कि अनुशासन और जज्बे के दम पर जिस तरह से पाक को हराया है उसी तरह से कोरोना को भी हराएंगे।
तब बमबारी से बचाना था, अब महामारी से
गांधी चौक निवासी सेना से सेवानिवृत्त सूबेदार श्रीभगवान गोस्वामी ने 1971 में पाकिस्तान से जंग लड़ी थी। तब उनकी पोस्टिंग अरुणाचल प्रदेश के तिलियामार में थी। उस समय वह रेडियो ऑपरेटर के पद पर तैनात थे।
बताया रातभर बमबारी के दौरान वह अपने साथियों को जागरूक करते थे। आज कोरोना महामारी में लोगों को लॉकडाउन का पालन करने और मास्क लगाने के लिए जागरूक कर रहे हैं।
तब बमबारी से बचाना था, अब महामारी से
गांधी चौक निवासी सेना से सेवानिवृत्त सूबेदार श्रीभगवान गोस्वामी ने 1971 में पाकिस्तान से जंग लड़ी थी। तब उनकी पोस्टिंग अरुणाचल प्रदेश के तिलियामार में थी। उस समय वह रेडियो ऑपरेटर के पद पर तैनात थे।
बताया रातभर बमबारी के दौरान वह अपने साथियों को जागरूक करते थे। आज कोरोना महामारी में लोगों को लॉकडाउन का पालन करने और मास्क लगाने के लिए जागरूक कर रहे हैं।
वर्दी में पूर्व सैनिक देवकांत व सूबेदार श्रीभगवान गोस्वामी
- फोटो : अमर उजाला
सीमा की तरह ही है कोरोना से जंग: देवकांत
सेना में हवलदार रहे लादूखेड़ा निवासी देवकांत शर्मा कहते हैं कि कोरोना के खिलाफ जंग भी सीमा की लड़ाई जैसी ही है। एहतियात बरतकर ही हम इस दुश्मन से पार पा सकते हैं। उनके घर के सभी सदस्य मास्क पहन रहे हैं। सैनिटाइजर का प्रयोग कर रहे हैं। कोई भी घर से बाहर नहीं जा रहा।
सेना में हवलदार रहे लादूखेड़ा निवासी देवकांत शर्मा कहते हैं कि कोरोना के खिलाफ जंग भी सीमा की लड़ाई जैसी ही है। एहतियात बरतकर ही हम इस दुश्मन से पार पा सकते हैं। उनके घर के सभी सदस्य मास्क पहन रहे हैं। सैनिटाइजर का प्रयोग कर रहे हैं। कोई भी घर से बाहर नहीं जा रहा।