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TTZ: वन और संरक्षित वन छोड़कर एक-एक पेड़ की होगी गिनती, सुप्रीम कोर्ट ने चार सप्ताह में मांगे संशोधित नियम

Sun, 20 Apr 2025 09:25 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sun, 20 Apr 2025 09:25 AM IST
सार

 ताज ट्रेपेजियम जोन में पेड़ काटने पर सख्त नियम सख्त होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने चार सप्ताह में सरकार से संशोधित नियम मांगे हैं। 13 मई को अगली सुनवाई है।
 

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Every tree counted except forests and protected forests Supreme Court sought revised rules in four weeks
सुप्रीम कोर्ट नाराज - फोटो : ANI

विस्तार

ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में पेड़ों के संरक्षण के बारे में सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई में कोर्ट ने सरकार को वन अधिनियम में संशोधन और सख्त नियम-कायदे बनाने के लिए चार सप्ताह की मोहलत दी है। 13 मई को अगली सुनवाई है।
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सुनवाई में सरकार को पेड़ों के संरक्षण के लिए बनाए नए नियम प्रस्तुत करने होंगे। साथ ही, वन एवं संरक्षित वन क्षेत्र छोड़कर टीटीजेड में एक-एक पेड़ की गिनती करने के लिए कहा गया है। टीटीजेड में काटे गए पेड़ों पर मामूली जुर्माना वसूला गया। जिसे लेकर याचिकाकर्ता डॉ. शरद गुप्ता ने आपत्ति दर्ज कराते हुए सख्त नियम बनाने के लिए कहा था।
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सरकार सख्त नियम बनाने से बचती रही। 8 अप्रैल को सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को चार सप्ताह की अंतिम मोहलत दी। नए नियम प्रस्तुत करने को कहा है। दूसरी तरफ टीटीजेड में पेड़ों की गिनती कराने के आदेश सुप्रीम कोर्ट ने टीटीजेड, फोरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट और प्रदूषण बोर्ड को दिए थे।


बैठक के बाद 7.70 करोड़ रुपये की गिनती करने में लागत बताई गई। साथ ही, वन, संरक्षित वन, छावनी क्षेत्र, सरकारी भूमि और धौलपुर व भरतपुर में पेड़ों की गिनती नहीं हो पाने की बात सुप्रीम कोर्ट में दाखिल शपथपत्र में टीटीटीजेड अथॉरिटी की तरफ से कही गई। जिस पर आपत्ति दर्ज कराते हुए याचिकाकर्ता ने विरोध किया।

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सुप्रीम कोर्ट ने आपत्ति को सही मानते हुए अब निर्देश दिए हैं कि वन एवं संरक्षित वन क्षेत्र को छोड़कर सभी पेड़ों की गिनती करनी होगी। शनिवार को अपलोड हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार अब टीटीजेड में भरतपुर, धौलपुर के अलावा छावनी व सरकारी भूमि पर लगे एक-एक पेड़ की गिनती की जाएगी।
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