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आस्था का अद्भुत केंद्र: 45 साल से जल रही अखंड ज्योत, झील वाली कैला देवी का दरबार; दूर-दूर से आते हैं भक्त
Wed, 25 Mar 2026 11:45 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 25 Mar 2026 11:45 AM IST
सार
बेलनगंज स्थित झील वाली कैला देवी मंदिर में पिछले 45 वर्षों से अखंड ज्योत जल रही है, जो श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। नवरात्र में यहां विशेष पूजा, हवन और अलौकिक श्रृंगार दर्शन के लिए दूर-दूर से भक्त पहुंचते हैं।
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झील वाली कैला देवी मंदिर
- फोटो : झील वाली कैला देवी मंदिर (फेसबुक)
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विस्तार
आगरा के बेलनगंज स्थित झील वाली कैला देवी दरबार में माता लक्ष्मी के रूप में विद्यमान हैं। करीब 45 वर्षों से यहां अखंड ज्योत जल रही है, जिसे राजस्थान की प्राचीन कैला देवी झील से दिवंगत सुरेश चंद शर्मा ने लाकर मंदिर में विराजमान किया था। निरंतर प्रज्वलित ज्योत श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनी हुई है।
नवरात्र की अष्टमी तिथि पर शाम को हवन के साथ ही पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूर्ण होती है। मनोकामना पूरी होने पर श्रद्धालु माता को नारियल और चुनरी अर्पित कर अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। महंत पंडित मनीष शर्मा ने बताया कि नवरात्र की अष्टमी पर मंदिर में दिव्य और अलौकिक श्रंगार दर्शन, महायज्ञ एवं फूल बंगला सजाया जाता है। यहां झील वाली माता की दिव्य अखंड ज्योत विराजमान है। उन्होंने बताया कि शहर में यह एक मात्र स्थान है जहां झील वाली माता का दरबार लगता है। नवरात्र में माता के दर्शन के लिए शहर के अलावा अन्य जिलों से भी श्रद्धालु पहुंचते है।
ऐसे पहुंचे
जीवनी मंडी चौराहा से बेलनगंज तिकोनिया पहुंचकर दाहिनी ओर थोड़ा आगे चलने पर दाहिने हाथ पर मां झील वाली कैला देवी का दरबार है। वहीं घटिया की ओर से आने वाले भक्त पथवारी होते हुए बेलनगंज तिकोनिया की ओर चलने पर तिकोनिया से पहले बाईं तरफ माता के मंदिर तक आसानी से पहुंच सकते हैं।
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नवरात्र की अष्टमी तिथि पर शाम को हवन के साथ ही पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूर्ण होती है। मनोकामना पूरी होने पर श्रद्धालु माता को नारियल और चुनरी अर्पित कर अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। महंत पंडित मनीष शर्मा ने बताया कि नवरात्र की अष्टमी पर मंदिर में दिव्य और अलौकिक श्रंगार दर्शन, महायज्ञ एवं फूल बंगला सजाया जाता है। यहां झील वाली माता की दिव्य अखंड ज्योत विराजमान है। उन्होंने बताया कि शहर में यह एक मात्र स्थान है जहां झील वाली माता का दरबार लगता है। नवरात्र में माता के दर्शन के लिए शहर के अलावा अन्य जिलों से भी श्रद्धालु पहुंचते है।
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ऐसे पहुंचे
जीवनी मंडी चौराहा से बेलनगंज तिकोनिया पहुंचकर दाहिनी ओर थोड़ा आगे चलने पर दाहिने हाथ पर मां झील वाली कैला देवी का दरबार है। वहीं घटिया की ओर से आने वाले भक्त पथवारी होते हुए बेलनगंज तिकोनिया की ओर चलने पर तिकोनिया से पहले बाईं तरफ माता के मंदिर तक आसानी से पहुंच सकते हैं।
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