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बड़ी खबर: गैंगस्टर एक्ट में फरार सपा नेता जुगेंद्र सिंह यादव पर 25 हजार का इनाम घोषित
Mon, 13 Jun 2022 05:33 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 13 Jun 2022 05:33 PM IST
सार
एटा के सपा नेता अलीगंज के पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव को पुलिस ने 9 जून को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उनके भाई पर भी अब पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
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सपा नेता जुगेंद्र सिंह यादव और रामेश्वर सिंह यादव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एटा में सपा नेता व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव पर 25 हजार रुपये का इनाम स्थानीय पुलिस ने घोषित किया है। 18 अप्रैल को उन पर तथा उनके बड़े भाई पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव पर कोतवाली नगर में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। तबसे दोनों फरार चल रहे थे। 30 मई को दोनों पर कुर्की कार्रवाई के लिए न्यायालय ने नोटिस जारी किए थे, जिन्हें उनके प्रतिष्ठानों पर चस्पा किया गया। हालांकि इसके बाद भी वह हाजिर नहीं हुए। पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव को पुलिस ने 9 जून को आगरा के सिकंदरा थानांतर्गत सेक्टर-10 आवास विकास कॉलोनी से गिरफ्तार कर लिया। वह जेल में हैं, जबकि जुगेंद्र सिंह अभी भी फरार बने हुए हैं। सोमवार को उन पर इनाम घोषित कर दिया गया है।
जिला पंचायत चुनाव से पहले ही सपा के पूर्व विधायक और उनके भाई पूर्व जिपं अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई थी, जबकि प्रदेश में भाजपा की सरकार दोबारा बनने के बाद उन पर शिकंजा कस दिया गया। जमीनों पर अवैध रूप से कब्जे करने के कई मुकदमे उनके खिलाफ लिखे गए। गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे में रामेश्वर सिंह को गैंग लीडर और जुगेंद्र सिंह को गिरोह का सक्रिय सदस्य दर्शाया गया था।
इसके बाद से दोनों सपा नेताओं के ठिकानों पर पुलिस की दबिश का सिलसिला शुरू हो गया। लेकिन दोनों नेता न तो गिरफ्तार हुए और न ही अदालत में ही हाजिर हुए। इसे लेकर 31 मई को गैंगस्टर अधिनियम न्यायालय से उनके विरुद्ध धारा 82 के तहत कुर्की कार्रवाई के नोटिस जारी कर दिए गए। जो दोनों नेताओं के एटा और जैथरा स्थित आवास व प्रतिष्ठानों पर नोटिस चस्पा कराए गए। 9 जून को पुलिस ने रामेश्वर सिंह को आगरा से गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद कोर्ट में उनकी पेशी हुई। यहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है।
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जिला पंचायत चुनाव से पहले ही सपा के पूर्व विधायक और उनके भाई पूर्व जिपं अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई थी, जबकि प्रदेश में भाजपा की सरकार दोबारा बनने के बाद उन पर शिकंजा कस दिया गया। जमीनों पर अवैध रूप से कब्जे करने के कई मुकदमे उनके खिलाफ लिखे गए। गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे में रामेश्वर सिंह को गैंग लीडर और जुगेंद्र सिंह को गिरोह का सक्रिय सदस्य दर्शाया गया था।
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इसके बाद से दोनों सपा नेताओं के ठिकानों पर पुलिस की दबिश का सिलसिला शुरू हो गया। लेकिन दोनों नेता न तो गिरफ्तार हुए और न ही अदालत में ही हाजिर हुए। इसे लेकर 31 मई को गैंगस्टर अधिनियम न्यायालय से उनके विरुद्ध धारा 82 के तहत कुर्की कार्रवाई के नोटिस जारी कर दिए गए। जो दोनों नेताओं के एटा और जैथरा स्थित आवास व प्रतिष्ठानों पर नोटिस चस्पा कराए गए। 9 जून को पुलिस ने रामेश्वर सिंह को आगरा से गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद कोर्ट में उनकी पेशी हुई। यहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है।
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