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पीले पड़ते ताज पर चेता पर्यावरण मंत्रालय
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sat, 04 Jul 2015 01:36 AM IST
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पिछले दिनों संसदीय समिति के चेयमैन अश्वनी कुमार ने अपने दौरे के दौरान विश्वदाय स्मारक ताजमहल के पीलेपन पर चिंता जताई थी। इसको लेकर अब हलचल शुरू हो गई है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) की पर्यावरण स्थिति को लेकर आगरा, फीरोजाबाद और मथुरा की स्थिति को लेकर जवाब-तलब किया है। इसको लेकर जल्द ही दिल्ली में बैठक होने जा रही है।
मंत्रालय की निदेशक मंजू रैना ने 29 जून को उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) को पत्र लिखकर टीटीजेड में पर्यावरण की वस्तु स्थिति तलब की है। इसमें निदेशक ने कहा है कि टीटीजेड में पर्यावरण की समीक्षा के लिए जल्द ही बैठक होने जा रही है। इसलिए इन तीनों जिलों में कहां-कहां निर्देशों का उल्लघंन हो रहा है, इसकी विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। यूपीपीसीबी के सचिव ने मंत्रालय के पत्र पर अमल करते हुए दो दिन में जानकारी भेजने के निर्देश दिए। मगर, स्थानीय स्तर पर अब तक इसके आंकडे़ नहीं जुटाए जा सके हैं। इसको लेकर विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। क्योंकि पर्यावरण की स्थिति सुधरने के बजाय बिगड़ती ही जा रही है। हालांकि पत्र में ताजमहल के पीले पड़ने का सीधे तौर पर कोई हवाला नहीं दिया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय की यह कवायद संसदीय समिति के चेयरमैन द्वारा जताई गई चिंता के मद्देनजर ही की जा रही है।
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मंत्रालय की निदेशक मंजू रैना ने 29 जून को उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) को पत्र लिखकर टीटीजेड में पर्यावरण की वस्तु स्थिति तलब की है। इसमें निदेशक ने कहा है कि टीटीजेड में पर्यावरण की समीक्षा के लिए जल्द ही बैठक होने जा रही है। इसलिए इन तीनों जिलों में कहां-कहां निर्देशों का उल्लघंन हो रहा है, इसकी विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। यूपीपीसीबी के सचिव ने मंत्रालय के पत्र पर अमल करते हुए दो दिन में जानकारी भेजने के निर्देश दिए। मगर, स्थानीय स्तर पर अब तक इसके आंकडे़ नहीं जुटाए जा सके हैं। इसको लेकर विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। क्योंकि पर्यावरण की स्थिति सुधरने के बजाय बिगड़ती ही जा रही है। हालांकि पत्र में ताजमहल के पीले पड़ने का सीधे तौर पर कोई हवाला नहीं दिया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय की यह कवायद संसदीय समिति के चेयरमैन द्वारा जताई गई चिंता के मद्देनजर ही की जा रही है।
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