दवा कारोबारी का पूरा परिवार लापता: 100 दिन बाद भी नहीं लगा सुराग, नैनीताल घूमने कार से गये थे घर के छह सदस्य
दवा कारोबारी निजी कार से पत्नी, बेटा-बेटी, बहू और एक साल के नाती के साथ नैनीताल घूमने के लिए गए थे। 23 अप्रैल को आगरा वापस आए। निजी कार घर पर खड़ी की और फिर टैक्सी करके जयपुर चले गए। इसके बाद से ये पूरा परिवार कहां है किसी को खबर नहीं है। पुलिस राजस्थान से गुजरात तक खाक छान चुकी है, लेकिन 100 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं लगा है।
विस्तार
आगरा के ट्रांस यमुना के श्रीनगर काॅलोनी निवासी दवा कारोबारी राजेश शर्मा और उनकी पत्नी, बेटे, बहू, बेटी व नाती का सुराग 100 दिन बाद भी नहीं लग सका है। वह जयपुर के लिए निकले थे। तब से लापता हैं। पुलिस राजस्थान से गुजरात तक खाक छान चुकी है। अब पुलिस अधिकारी फिर से एक टीम को भेजने का दावा कर रहे हैं।
राजेश शर्मा (50) पत्नी सीमा शर्मा (45), बेटे अभिषेक (25), पुत्र वधू ऊषा (25), बेटी काव्या (22) और एक साल के नाती विनायक के साथ 15 अप्रैल को नैनीताल गए थे। 23 अप्रैल को लौटे, गाड़ी खड़ी कर तुरंत निजी गाड़ी से जयपुर चले गए। इसके बाद से लापता हैं। राजेश शर्मा के फिरोजाबाद में रहने वाले भाई रमाकांत शर्मा ने गुमशुदगी दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को बताया था कि 23 अप्रैल को भाई से बात हुई थी। उन्होंने बताया था कि बरेली पहुंच गए हैं। जल्दी घर आ जाएंगे। मगर, सुबह तक नहीं आए। मोबाइल भी स्विच ऑफ हो गए। इस पर पुलिस आयुक्त से शिकायत की।
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टैक्सी से पहुंचे थे जयपुर के बस स्टैंड
पुलिस की जांच में पता चला था कि दवा व्यापारी पहले नैनीताल गए थे। 23 अप्रैल को लौटे मगर, वो घर में नहीं रुके। अपनी गाड़ी खड़ी की। रात में ही टैक्सी करके जयपुर चले गए। रात तकरीबन तीन बजे बस स्टैंड पर टैक्सी से उतर गए। एक होटल में दो कमरे लिए। पूर्वाह्न 11:30 बजे होटल छोड़ दिया। तब से मोबाइल बंद हैं। होटल से निकलने के बाद कहां गए, यह आज तक पता नहीं चला।
गुजरात में मिली आखिरी लोकेशन
पुलिस आयुक्त डाॅ. प्रीतिंदर सिंह ने व्यापारी परिवार की तलाश के लिए दो टीम को लगाया था। एसओजी के साथ थाना पुलिस लगी थी। इसी बीच व्यापारी परिवार ने एक परिचित से संपर्क किया था। तब उनकी लोकेशन गुजरात की आई थी। इस पर टीम वहां भी पहुंची। कई दिन तक डेरा डाले रही। कई जिलों में पहुंची। मगर, लापता परिवार नहीं मिल सका। इस पर टीम लौट आई।
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अपहरण नहीं, खुद गए
थानाध्यक्ष ट्रांस यमुना सुमनेश विकल ने बताया कि व्यापारी अपनी मर्जी से गए हैं। मोबाइल स्विच ऑफ हैं। व्यापारी के लापता होने के बाद कई लोग थाने आए थे। उन्होंने बताया था कि व्यापारी पर उनका पैसा था। इससे यही लग रहा है कि वह खुद ही गए हैं। अपहरण नहीं किया गया। राजस्थान में भी टीम भेजी जाएगी।
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पुलिस दे रही आश्वासन
भाई रमाकांत शर्मा ने बताया कि वह थाने से लेकर पुलिस अधिकारियों के कार्यालयों के कई चक्कर काट चुके हैं। मगर, भाई और उनके परिवार का कोई सुराग नहीं लग सका है। जब भी अधिकारियों से मिलते हैं कहा जाता है कि कि वो मिल जाएंगे। टीमें लगी हैं।