Agra: रेगिस्तान की तपती रेत में भी ठंडे रहेंगे जवानों के पैर, इंजीनियरिंग छात्रों ने बनाए ताप नियंत्रित जूते
Agra News: राजस्थान के रेगिस्तान की तपती रेत में भी जवानों के पैर ठंडे रहेंगे। आगरा में इंजीनियरिंग छात्रों ने ताप नियंत्रित जूते बनाए हैं।
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राजस्थान के रेगिस्तान जैसी भीषण गर्मी और तपती रेत में तैनात सेना के जवानों के पैरों पर अब जलन नहीं होगी। उत्तर प्रदेश के आगरा में बिचपुरी स्थित आरबीएस इंजीनियरिंग टेक्निकल कैंपस के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के अंतिम वर्ष के छात्रों ने तापमान नियंत्रित करने वाले जूते बनाए हैं। ये जूते गर्मी में ठंडे व सर्दी में गर्म पैर रखने की क्षमता रखता है।
सेना के जवान रेगिस्तान की 50 डिग्री सेल्सियस की झुलसती गर्मी में भी मुस्तैद रहते हैं। छात्रों ने ऐसे जूते बनाए हैं, जिनका तापमान जवान अपने अनुसार परिवर्तित कर सकते हैं। जूतों में छात्रों ने एक कंट्रोलर लगाया है, जिससे व्यक्ति जूतों का तापमान 16o से 32o सेल्सियस तक परिवर्तित किया जा सकता है। ये जूते एक बार चार्ज होने पर 1:30 घंटे का बैकअप दे सकते हैं। उच्च क्षमता वाली बैटरी लगाकर इनका बैकअप 3:00 से 3:30 घंटे भी किया जा सकता है।
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प्रोजेक्ट गाइड इंजीनियर अतुल जैन ने बताया है कि इन जूतों को बनाने में छात्रों को 6 माह का समय लगा है। कुल लागत 3000 रुपये आई है। संस्थान के निदेशक प्रो. बीएस कुशवाहा ने छात्रों की इस पहल को देश के जवानों के लिए बहुत उपयोगी बताया है। वहीं, निदेशक वित्त एवं प्रशासनिक प्रो. पंकज गुप्ता ने छात्रों के इस काम को देश एवं देश के जवानों की सेवा के रूप में देखा है।
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इन छात्रों ने तैयार किया प्रोजेक्ट
मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के अंतिम वर्ष के पांच छात्रों अभिषेक तेनगुरिया, अभिषेक भारती, अरिजीत भदौरिया, बृजेश शर्मा तथा सुमित सोलंकी ने यह प्रोजेक्ट तैयार किया है। छात्रों के इस कार्य में विभाग के इंजीनियर अनुराग कुलश्रेष्ठ, अरुण सिंह और राघवेंद्र सिंह का सहयोग रहा।