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संरक्षित स्मारक: सिकंदरा के चारों ओर तीन माह में खड़े हो गए 100 अवैध निर्माण, FIR के बाद भी नहीं चला बुलडोजर
Wed, 25 Mar 2026 09:53 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 25 Mar 2026 09:53 AM IST
सार
सिकंदरा की प्रतिबंधित परिधि में तीन माह में 100 अवैध निर्माण हो गए। मामले में 100 से अधिक प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद ध्वस्तीकरण के लिए अधिकारी पैरवी करना ही भूल गए।
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सिकंदरा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
ऐतिहासिक विरासतों के साये मे भू-माफिया पनप रहे हैं। सिकंदरा और मरियम का मकबरा जैसे संरक्षित स्मारकों के प्रतिबंधित दायरे में बीते तीन महीनों में 100 से ज्यादा अवैध निर्माण किए गए हैं। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी इन पर कार्रवाई नहीं हुई। किसी भी अवैध निर्माण पर अब तक बुलडोजर नहीं चला है।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की कार्रवाई केवल नोटिस और प्राथमिकी तक सिमट कर रह गई है। अकबर के मकबरे की मुख्य दीवार के किनारे बाईपुर में कहीं चंबल सैंड के पहाड़ हैं तो कहीं एएसआई की मुख्य दीवार से सटकर पक्के मकान बन चुके हैं। केके नगर स्थित शिव कुंज कॉलोनी में स्मारक की दीवार के एकदम सटीक सटकर पक्के मकान बना लिए गए हैं।
क्या बोले जिम्मेदार
अवैध निर्माणों के विरुद्ध पिछले तीन माह में 100 से अधिक प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी हैं। ध्वस्तीकरण का आदेश मुख्यालय से जारी होता है। हमारे पास अपना निजी प्रवर्तन दल नहीं है, जिससे तत्काल कार्रवाई की जा सके।— बिट्टू गौतम, संरक्षण सहायक, सिकंदरा स्मारक
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ये है कानून
प्राचीन संस्मारक तथा पुरातत्वीय स्थल और अवशेष अधिनियम संशोधन एवं विधिमान्यकरण 2010 के अनुसार स्मारक की सीमा से 100 मीटर के दायरे में नया निर्माण पूरी तरह वर्जित है। 100 मीटर के बाद अगले 200 मीटर तक निर्माण के लिए राष्ट्रीय संस्मारक प्राधिकरण से अनुमति लेना अनिवार्य है। इसके उल्लंघन पर 2 साल तक की जेल या 1 लाख रुपये तक का जुर्माना, अथवा दोनों का प्रावधान है।
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भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की कार्रवाई केवल नोटिस और प्राथमिकी तक सिमट कर रह गई है। अकबर के मकबरे की मुख्य दीवार के किनारे बाईपुर में कहीं चंबल सैंड के पहाड़ हैं तो कहीं एएसआई की मुख्य दीवार से सटकर पक्के मकान बन चुके हैं। केके नगर स्थित शिव कुंज कॉलोनी में स्मारक की दीवार के एकदम सटीक सटकर पक्के मकान बना लिए गए हैं।
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क्या बोले जिम्मेदार
अवैध निर्माणों के विरुद्ध पिछले तीन माह में 100 से अधिक प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी हैं। ध्वस्तीकरण का आदेश मुख्यालय से जारी होता है। हमारे पास अपना निजी प्रवर्तन दल नहीं है, जिससे तत्काल कार्रवाई की जा सके।— बिट्टू गौतम, संरक्षण सहायक, सिकंदरा स्मारक
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ये है कानून
प्राचीन संस्मारक तथा पुरातत्वीय स्थल और अवशेष अधिनियम संशोधन एवं विधिमान्यकरण 2010 के अनुसार स्मारक की सीमा से 100 मीटर के दायरे में नया निर्माण पूरी तरह वर्जित है। 100 मीटर के बाद अगले 200 मीटर तक निर्माण के लिए राष्ट्रीय संस्मारक प्राधिकरण से अनुमति लेना अनिवार्य है। इसके उल्लंघन पर 2 साल तक की जेल या 1 लाख रुपये तक का जुर्माना, अथवा दोनों का प्रावधान है।