फिरोजाबाद: सराफा से लूट करने वाले लुटेरों को पुलिस ने घेरा, फायरिंग में एक बदमाश को लगी गोली, दो गिरफ्तार
सराफा से हुई लूट के मामले में पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान एक बदमाश को दबोच लिया। भागने का प्रयास करने के दौरान हुई फायरिंग में गोली लगने से बदमाश घायल हो गया, उसकी निशानदेही पर पुलिस ने दो अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया है।
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गांव बैंदी के समीप सोमवार सुबह करीब चार बजे पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। पैर में गोली लगने से एक बदमाश घायल हो गया। उसकी निशानदेही पर उसके दो साथियों को पुलिस ने दबिश देकर पकड़ लिया। इन तीनों ने ही 13 अप्रैल की रात करीब आठ बजे टाट वाले बाबा मंदिर के समीप सराफ को गोली मारकर लूटा था।
एसएसपी आशीष तिवारी ने बताया कि 13 अप्रैल को उत्तर थाना क्षेत्र के अंतर्गत टाट वाले बाबा मंदिर के समीप बाइक सवार चार बदमाश मोहल्ला तिलक नगर निवासी सराफ महेश वर्मा को गोली मारकर 20 हजार नकदी और 30 हजार रुपये के आभूषण लूट ले गए थे। पीड़ित के साले राजू वर्मा की तहरीर पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच की जा रही थी। सोमवार रात मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बैंदी गांव के समीप बदमाशों की घेराबंदी की।
पुलिस को देख बदमाशों ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से बदमाश अनुराग उर्फ अन्नू निवासी महावीर नगर थाना दक्षिण घायल हो गया। उसे उपचार के लिए सरकारी ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। अनुराग की निशानदेही पर आदेश व जयप्रताप उर्फ मिवू निवासी कपावली थाना नारखी को उनके घर दबिश देकर पकड़ लिया गया। वहीं फरार बदमाश आशीष जाटव निवासी बरामई थाना मटसेना की गिरफ्तारी को प्रयास किए जा रहे हैं।
चोरी की बाइक से दिया था लूट को अंजाम
एसएसपी ने बताया कि बदमाशों ने लूट के दौरान जिस बाइक का प्रयोग किया था वह चोरी की थी। पकड़े गए बदमाशों के कब्जे से पुलिस ने एक पिस्टल 32 बोर, एक तमंचा 315 बोर, लूट के दौरान प्रयोग की गई दो बाइक, चार नाक की बाली पीली धातु, दो कान की बाली पीली धातु, चार जोड़ी पायल सफेद धातु व 2250 रुपये नकद बरामद हुए हैं।
चार दिन पहले से की रेकी
सराफ महेश को लूटने के लिए बदमाश घटना के दिन (13 अप्रैल) से चार दिन पहले से रेकी कर रहे थे। बदमाशों को इस बात की पुख्ता जानकारी थी कि महेश अपने साथ स्कूटी में रुपये रखकर ले जाते हैं। ऐसे में बदमाशों का मूल मकसद स्कूटी लूटना था। हालांकि लूट का विरोध करने और आसपास के लोगों के जुटने के कारण बदमाश अपने इरादे में कामयाब नहीं हो सके।