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बिजली टेंडर घोटाला : एक ही कंप्यूटर से किए जाते थे टेंडर के आवेदन
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आगरा। फतेहाबाद विद्युत वितरण मंडल में हुए 30 करोड़ रुपये से ज्यादा के टेंडर घोटाले को विभाग के बाबू नीरज पाठक ने ठेकेदारों के साथ गठजोड़ कर अंजाम दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 50 टेंडरों के लिए आवेदन करते समय एक ही कंप्यूटर या लैपटॉप का इस्तेमाल किया गया। इस बात का खुलासा आवेदन करने में इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के समान आईपी एड्रेस से हुआ है।
सूत्रों के अनुसार घोटाले के दौरान 50 टेंडरों में निविदा करने वाली फर्मों के आईपी एड्रेस समान थे। एक ही आईपी एड्रेस मिलने से खुलासा हुआ कि स्वतंत्र फर्मों ने आवेदन नहीं किया बल्कि सभी फर्मों का आपस में गठजोड़ था। बाबू नीरज पाठक ने टेंडर देने के समय टेंडर पत्रावलियों में जमकर गड़बड़ी की। आरोप है कि बाबू और ठेकेदारों ने गठजोड़ कर सरकारी पैसे का गबन किया। आगरा जोन के मुख्य अभियंता कपिल सिंधवानी ने बताया कि बिजली विभाग के अधिकारियों ने जांच में सहयोग करने के लिए ई-टेंडर से जुड़ी सभी जानकारी पुलिस को सौंप दी है। पुलिस को आगे भी जांच में जो जानकारी चाहिए होगी, मुहैया कराई जाएगी।
बता दें, 30 करोड़ रुपये से ज्यादा के घोटाले में बिजली विभाग ने मूल रूप से आंबेडकर नगर के मत्तपुरा गांव निवासी शिविर सहायक नीरज पाठक को मुख्य आरोपी बनाया है। साल 2023-24 से 2025-26 के दौरान हुए तैनात रहे अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार, अधीक्षण अभियंता अरविंद कुमार, अधीक्षण अभियंता रविकांत मिश्रा व डीएन प्रसाद के अलावा तत्कालीन लेखाकार सतीश कुमार व 13 फर्म मालिकों को भी आरोपी बनाया है। एसई फतेहाबाद सोमवीर सिंह की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर फतेहाबाद पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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क्या है आईपी एड्रेस
इंटरनेट प्रोटोकॉल यानी आईपी एड्रेस इंटरनेट पर कंप्यूटर डिवाइस की डिजिटल पहचान है, जो नंबरों के चार सेट से मिलकर बनता है। इसके बिना ऑनलाइन संचार संभव नहीं है। यह घर के डाक पते की तरह होता है।
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सूत्रों के अनुसार घोटाले के दौरान 50 टेंडरों में निविदा करने वाली फर्मों के आईपी एड्रेस समान थे। एक ही आईपी एड्रेस मिलने से खुलासा हुआ कि स्वतंत्र फर्मों ने आवेदन नहीं किया बल्कि सभी फर्मों का आपस में गठजोड़ था। बाबू नीरज पाठक ने टेंडर देने के समय टेंडर पत्रावलियों में जमकर गड़बड़ी की। आरोप है कि बाबू और ठेकेदारों ने गठजोड़ कर सरकारी पैसे का गबन किया। आगरा जोन के मुख्य अभियंता कपिल सिंधवानी ने बताया कि बिजली विभाग के अधिकारियों ने जांच में सहयोग करने के लिए ई-टेंडर से जुड़ी सभी जानकारी पुलिस को सौंप दी है। पुलिस को आगे भी जांच में जो जानकारी चाहिए होगी, मुहैया कराई जाएगी।
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बता दें, 30 करोड़ रुपये से ज्यादा के घोटाले में बिजली विभाग ने मूल रूप से आंबेडकर नगर के मत्तपुरा गांव निवासी शिविर सहायक नीरज पाठक को मुख्य आरोपी बनाया है। साल 2023-24 से 2025-26 के दौरान हुए तैनात रहे अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार, अधीक्षण अभियंता अरविंद कुमार, अधीक्षण अभियंता रविकांत मिश्रा व डीएन प्रसाद के अलावा तत्कालीन लेखाकार सतीश कुमार व 13 फर्म मालिकों को भी आरोपी बनाया है। एसई फतेहाबाद सोमवीर सिंह की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर फतेहाबाद पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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क्या है आईपी एड्रेस
इंटरनेट प्रोटोकॉल यानी आईपी एड्रेस इंटरनेट पर कंप्यूटर डिवाइस की डिजिटल पहचान है, जो नंबरों के चार सेट से मिलकर बनता है। इसके बिना ऑनलाइन संचार संभव नहीं है। यह घर के डाक पते की तरह होता है।