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आगरा में कोरोना: आईईटी के आठ छात्र संक्रमित, परीक्षाएं स्थगित करने की मांग
Tue, 13 Apr 2021 04:22 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 13 Apr 2021 04:22 PM IST
सार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) के आठ छात्र कोरोना संक्रमित होने से छात्रों में डर का माहौल है।
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आगरा में कोरोना वायरस (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) के आठ छात्र कोरोना संक्रमित होने से छात्रों में डर का माहौल है। सोमवार को सुबह छात्रों ने संस्थान के निदेशक का घेराव किया। 17 अप्रैल से प्रस्तावित सत्र परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग की।
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संस्थान में करीब 1100 छात्रों का पंजीकरण है। इसमें से करीब 250 छात्रों की ओर से परीक्षाएं 17 अप्रैल से न कराने के लिए संस्थान के निदेशक प्रो. वीके सारस्वत को प्रार्थनापत्र दिया गया। संक्रमित छात्रों की आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट भी निदेशक को उपलब्ध कराई है।
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छात्रों ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऑफलाइन मोड में परीक्षा कराना खतरनाक है। संक्रमण और अधिक छात्रों में फैलने का डर है। छात्रों ने संस्थान के निदेशक को बताया कि आठ से दस छात्र बीमार भी पड़े हैं। उन्हें भी बुखार-जुकाम की शिकायत है। इसमें से चार छात्र सोमवार को संक्रमण की जांच कराने के लिए जिला अस्पताल गए।
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छात्रों से लिया जा रहा फीडबैक
संस्थान के निदेशक प्रो. वीके सारस्वत ने बताया कि सभी सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं से फीडबैक लिया जा रहा है। छात्रों को ऑनलाइन फॉर्म उपलब्ध करा दिया गया है। 17 अप्रैल से प्रस्तावित परीक्षाओं के संबंध में विचार पूछे गए हैं। फीडबैक कुलपति प्रो. अशोक मित्तल के समक्ष रखा जाएगा, उनके निर्णय के अनुरूप कदम उठाया जाएगा। कुलपति को संस्थान की वस्तुस्थिति से अवगत भी करा दिया गया है।
अंतिम वर्ष के छात्र ही परीक्षा चाह रहे
मौखिक रूप से सोमवार को लिए गए फीडबैक में महज अंतिम वर्ष के छात्रों ने परीक्षा कराने के लिए कहा। प्रथम और द्वितीय वर्ष के अधिकतर छात्र प्रस्तावित तारीख से परीक्षा कराने के पक्ष में नहीं हैं। प्रो. वीके सारस्वत का कहना है कि सत्र परीक्षाएं ऑफलाइन ही कराने की मंशा है, भले ही छात्र हित में इसे कुछ दिन टालना पड़े। आंतरिक परीक्षाएं तो ऑनलाइन कराई जा सकती हैं। सत्र परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने में परेशानी होगी।
संस्थान के निदेशक प्रो. वीके सारस्वत ने बताया कि सभी सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं से फीडबैक लिया जा रहा है। छात्रों को ऑनलाइन फॉर्म उपलब्ध करा दिया गया है। 17 अप्रैल से प्रस्तावित परीक्षाओं के संबंध में विचार पूछे गए हैं। फीडबैक कुलपति प्रो. अशोक मित्तल के समक्ष रखा जाएगा, उनके निर्णय के अनुरूप कदम उठाया जाएगा। कुलपति को संस्थान की वस्तुस्थिति से अवगत भी करा दिया गया है।
अंतिम वर्ष के छात्र ही परीक्षा चाह रहे
मौखिक रूप से सोमवार को लिए गए फीडबैक में महज अंतिम वर्ष के छात्रों ने परीक्षा कराने के लिए कहा। प्रथम और द्वितीय वर्ष के अधिकतर छात्र प्रस्तावित तारीख से परीक्षा कराने के पक्ष में नहीं हैं। प्रो. वीके सारस्वत का कहना है कि सत्र परीक्षाएं ऑफलाइन ही कराने की मंशा है, भले ही छात्र हित में इसे कुछ दिन टालना पड़े। आंतरिक परीक्षाएं तो ऑनलाइन कराई जा सकती हैं। सत्र परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने में परेशानी होगी।