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फर्जी पुलिस कंट्रोल रूम के सरगना सहित आठ गिरफ्तार, लोगों को बनाते थे ठगी का शिकार

Sat, 22 Feb 2020 09:36 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 22 Feb 2020 09:36 AM IST
सार

पकड़े गए शातिरों ने छह राज्यों के 500 लोगों को लोन रिकवरी के नाम पर बैंक अधिकारी, पुलिस और अधिवक्ता बनकर लाखों की ठगी की है। पुलिस सभी की कुंडली खंगाल रही है। 

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eight cyber criminals arrested for fraud in agra
arrested - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश की बैंकों के बकायेदारों को कॉल करके ठगी करने वाले गैंग के सरगना सहित आठ को आगरा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए शातिर लोगों को पुलिस अधिकारी बनकर कॉल करते थे। 
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मोबाइल पर बात करने के दौरान बैक ग्राउंड में मोबाइल एप की मदद से पुलिस का सायरन, रेडियो और वायरलेस की आवाज तक सुनाते थे, जिससे लोग डर जाते थे। इसके बाद पेटीएम और गूगल पे खाते में रकम जमा कराते थे।
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एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में सदर क्षेत्र के गांव उखर्रा निवासी देशदीपक, मनोज कुमार, बरौली गुर्जर निवासी बंटू सिंह, गांव श्यामो निवासी कन्हैया, भूदेव तुलसी चबूतरा निवासी गौतम राठौर, राजपुर चुंगी निवासी धर्मेंद्र कुमार और शहीद नगर निवासी सचिन वर्मा हैं। 
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देशदीपक है सरगना

देशदीपक गैंग का सरगना है। वह छह महीने से उखर्रा रोड स्थित किराये पर मकान लेकर फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था। साइबर सेल को शिकायत मिल रही थी कि बैंक लोन चुकाने के नाम पर ठगी की गई है। इस पर पुलिस जांच कर रही थी। शुक्रवार को गैंग को पकड़ लिया गया। 

गैंग के सदस्यों को बाह के बड़ा गांव निवासी राजकुमार बैंक से लोन लेने वालों का डाटा और फर्जी आईडी पर लिए गए सिम उपलब्ध कराता था। इसके लिए हर महीने 20 हजार रुपये लेता था। वो फरार है। गैंग के सदस्य उन्हीं लोगों को कॉल करते थे, जिनकी लोन की किश्त बकाया होती थी। 

खुद को पहले बैंक अधिकारी बताते थे। दूसरी बार में पुलिस अधिकारी बनकर कॉल करते थे। विश्वास दिलाने के लिए जहां बात करते थे, वहां मोबाइल एप के माध्यम से पुलिस का सायरन और वायलेस की आवाज सुनाते थे। इस पर भी लोग रुपये जमा नहीं करते थे तो अधिवक्ता बनकर कॉल करते थे। 

कोर्ट में मामला पहुंचने की कहकर लोगों से किश्त जमा करने का दबाव बनाते थे। इस दौरान जो लोग फाइल दबाने के लिए कहते थे, उनसे एक से पांच हजार रुपये तक पेटीएम और गूगल पे खाते में जमा करा लेते थे। छह महीने में गैंग ने 500 से अधिक लोगों से ठगी की है।

स्नातक पास है सरगना

पुलिस के मुताबिक, गैंग का सरगना देशदीपक स्नातक पास है। वह डेढ़ साल पहले एक टेलीकॉम कंपनी में काम करता था। सिम वितरण का काम करता था। उसने नौकरी छोड़ दी थी। छह महीने पहले कॉल सेंटर खोल लिया। इसमें सात लोगों को रखा। 

अपने कर्मचारियों को आठ से दस हजार रुपये सैलरी देता था। रोजाना कॉल करके ज्यादा लोगों से ठगी करने पर कमीशन भी सरगना देता था। आरोपी गौतम एक कॉल सेंटर में काम करता था। अन्य नौकरी करने आए थे।

यह हुई बरामदगी

21 मोबाइल फोन, 32 सिम कार्ड, एक लैपटॉप, चार एटीएम कार्ड बरामद हुए। वहीं तीन रजिस्टर भी मिले हैं। इनमें 500 लोगों को डाटा मिला है। डाटा में नाम, पता, मोबाइल नंबर लिखे हैं। पुलिस का कहना है कि रकम बरामदगी के लिए आरोपियों के बैंक खातों को चेक किया जाएगा। वहीं रजिस्टर में लिखे नंबरों पर भी बात की जाएगी।
 
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