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3.34 करोड़ रुपये का वेतन बन गया सिर्फ हाजिरी लगाने का
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कासगंज। बेसिक शिक्षा विभाग अपने ही आदेशों से सवालों के घेरे में आ गया है। शिक्षकों को नियुक्ति के एक माह के बाद भी अभी तक स्कूलों का आवंटन नहीं हो सका है। इससे शिक्षक खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों पर मात्र उपस्थित लगाकर ही अपने घर लौट जाते है। जबकि शिक्षकों का बिना किसी कार्य के ही अब तक 3.3459954 रुपये वेतन पक्का हो गया है।
परिषदीय स्कूलों में 69000 शिक्षक भर्ती के तहत दूसरे चरण की काउंसिलिंग के बाद 794 नए शिक्षक मिल गए। शासन ने शिक्षकों को विद्यालय आवंटित करने की प्रक्रिया में इस साल बदलाव कर दिया। अब ऑनलाइन विद्यालयों के आवंटन की प्रक्रिया लागू हो चुकी है। जिले को जो नए शिक्षक मिले उनको विभाग ने 5 दिसंबर को नियुक्ति पत्र दे दिए। इसके बाद अन्य प्रक्रिया के बाद शिक्षकों की बीएसए कार्यालय पर ज्वाइनिंग की प्रक्रिया शुरू हो गई।
तीन से चार दिन के भीतर सभी शिक्षकों ने अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया। शिक्षकों को नियुक्त हुए एक माह का समय हो चुका है, लेकिन अभी तक शासन इन शिक्षकों को विद्यालयों के आवंटन की प्रक्रिया को पूरा नहीं करा सका है। विद्यालयों का आवंटन न होने से इन शिक्षकों की मौज आई हुई है। एक माह से ये शिक्षक विभाग का कोई भी कार्य नहीं कर रहे, सिर्फ हाजिरी लगाने के लिए ही कार्यालय आते हैं और अपने घरों को लौट जाते हैं। चूंकि शिक्षक कार्य भार ग्रहण कर चुके हैं इसलिए उनका 3.3459954 वेतन भी पक्का हो गया है। जब तक विद्यालयों का आवंटन नहीं होगा तब तक उनका वेतन बिना काम किए ही चढ़ता रहेगा।
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पहले बीएसए कार्यालय से होते थे स्कूल आवंटित
कासगंज। शासन से नियुक्त होने वाले नए शिक्षकों के लिए पहले बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से स्कूलों का आवंटन होता था। शिक्षकों के स्कूल आवंटन के बाद उनको अपना कार्यभार ग्रहण करना होता था। जिस दिन से शिक्षक अपने स्कूल में कार्यभार ग्रहण करते थे उस दिन से उनका वेतन लगना शुरू हो जाता था।
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परिषदीय स्कूलों में 69000 शिक्षक भर्ती के तहत दूसरे चरण की काउंसिलिंग के बाद 794 नए शिक्षक मिल गए। शासन ने शिक्षकों को विद्यालय आवंटित करने की प्रक्रिया में इस साल बदलाव कर दिया। अब ऑनलाइन विद्यालयों के आवंटन की प्रक्रिया लागू हो चुकी है। जिले को जो नए शिक्षक मिले उनको विभाग ने 5 दिसंबर को नियुक्ति पत्र दे दिए। इसके बाद अन्य प्रक्रिया के बाद शिक्षकों की बीएसए कार्यालय पर ज्वाइनिंग की प्रक्रिया शुरू हो गई।
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तीन से चार दिन के भीतर सभी शिक्षकों ने अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया। शिक्षकों को नियुक्त हुए एक माह का समय हो चुका है, लेकिन अभी तक शासन इन शिक्षकों को विद्यालयों के आवंटन की प्रक्रिया को पूरा नहीं करा सका है। विद्यालयों का आवंटन न होने से इन शिक्षकों की मौज आई हुई है। एक माह से ये शिक्षक विभाग का कोई भी कार्य नहीं कर रहे, सिर्फ हाजिरी लगाने के लिए ही कार्यालय आते हैं और अपने घरों को लौट जाते हैं। चूंकि शिक्षक कार्य भार ग्रहण कर चुके हैं इसलिए उनका 3.3459954 वेतन भी पक्का हो गया है। जब तक विद्यालयों का आवंटन नहीं होगा तब तक उनका वेतन बिना काम किए ही चढ़ता रहेगा।
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पहले बीएसए कार्यालय से होते थे स्कूल आवंटित
कासगंज। शासन से नियुक्त होने वाले नए शिक्षकों के लिए पहले बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से स्कूलों का आवंटन होता था। शिक्षकों के स्कूल आवंटन के बाद उनको अपना कार्यभार ग्रहण करना होता था। जिस दिन से शिक्षक अपने स्कूल में कार्यभार ग्रहण करते थे उस दिन से उनका वेतन लगना शुरू हो जाता था।