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फरवरी से नहीं आई कंवर्जन कॉस्ट, साहब कैसे चलेगा एमडीएम
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मैनपुरी। शासन द्वारा बच्चों को मानक के अनुसार बेहतर भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन दूसरी तरफ जनवरी के बाद से अभी तक कंवर्जन कॉस्ट स्कूलों में नहीं भेजी गई है। ऐेसे में बच्चों के मध्याह्न भोजन पर संकट के बादल खड़े हो गए हैं। आज से स्कूल खुलने जा रहे हैं। स्कूलों में बच्चों को मध्याह्न भोजन योजना का लाभ दिया जाना है।
जबकि इस योजना के तहत जनवरी में कंवर्जन कॉस्ट भेजी गई थी। इसके बाद से कंवर्जन कॉस्ट ही नहीं भेजी जा रही है। जिससे प्रधानाध्यापकों को भारी परेशानी से जूझना पड़ रहा है। मई में ही कंवर्जन कॉस्ट को लेकर प्रधानाध्यापकों ने नाराजगी जाहिर की थी, लेकिन इसके बाद भी कोई व्यवस्था नहीं हो सकी। जिसके चलते जुलाई में मध्याह्न भोजन प्रभावित हो सकता है। विभाग कंवर्जन कॉस्ट को लेकर कोई जवाब नहीं दे पा रहा है।
शिक्षक संगठन ने दी चेतावनी
मैनपुरी। चार महीने की कंवर्जन कॉस्ट की धनराशि प्रधानाध्यापक अपनी जेब से खर्च कर चुका है। अब आगे किस प्रकार से प्रधानाध्यापक एडीएम संचालन करेगा। प्राथमिक शिक्षक संघ ने इस समस्या पर चिंता व्यक्त की है। प्रदेश मंत्री एमपी सिंह ने कहा है कि यदि समय रहते कंवर्जन कॉस्ट उपलब्ध नहीं कराई गई तो एमडीएम बंद करना प्रधानाध्यापकों की मजबूरी होगी। जिसके लिए विभाग जिम्मेदार होगा।
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जबकि इस योजना के तहत जनवरी में कंवर्जन कॉस्ट भेजी गई थी। इसके बाद से कंवर्जन कॉस्ट ही नहीं भेजी जा रही है। जिससे प्रधानाध्यापकों को भारी परेशानी से जूझना पड़ रहा है। मई में ही कंवर्जन कॉस्ट को लेकर प्रधानाध्यापकों ने नाराजगी जाहिर की थी, लेकिन इसके बाद भी कोई व्यवस्था नहीं हो सकी। जिसके चलते जुलाई में मध्याह्न भोजन प्रभावित हो सकता है। विभाग कंवर्जन कॉस्ट को लेकर कोई जवाब नहीं दे पा रहा है।
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शिक्षक संगठन ने दी चेतावनी
मैनपुरी। चार महीने की कंवर्जन कॉस्ट की धनराशि प्रधानाध्यापक अपनी जेब से खर्च कर चुका है। अब आगे किस प्रकार से प्रधानाध्यापक एडीएम संचालन करेगा। प्राथमिक शिक्षक संघ ने इस समस्या पर चिंता व्यक्त की है। प्रदेश मंत्री एमपी सिंह ने कहा है कि यदि समय रहते कंवर्जन कॉस्ट उपलब्ध नहीं कराई गई तो एमडीएम बंद करना प्रधानाध्यापकों की मजबूरी होगी। जिसके लिए विभाग जिम्मेदार होगा।
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