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UP: कांप रही धरती, फट रहीं दीवारें... जैक पर टिके 151 मकान, आगरा के इस इलाके में डरे लोग; घर में नहीं सो रहे
Thu, 19 Dec 2024 12:45 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 19 Dec 2024 12:45 PM IST
सार
आगरा के मोती कटरा इलाके में लोग बुरी तरह डरे हुए हैं। यहां धरती कभी भी कांप उठती है। अलमारियों में रखा सामान गिर जाता है। दीवारों में दरारें आने लगती हैं। वजह है जमीन के अंदर चल रही टनल बोरिंग मशीन, जो मेट्रो की सुरंग के लिए खुदाई कर रही है।
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Agra News
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के मोती कटरा में सुरंग खोद रही टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) के कुओं से टकराने से मकान हिल रहे हैं। इससे ही दरारें आई हैं। नुकसान से बचाने के लिए उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल काॅरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने खुदाई रोक दी है। इन रुकावटों का वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण करने के बाद आगे की खुदाई की जाएगी।
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151 मकानों में दरारें आई
मोती कटरा में मेट्रो ट्रेन की सुरंग बनाने से 151 मकानों में दरारें आई हैं। इन मकानों में दरार आने के बाद आईआईटी की टीम ने सर्वे किया। इसमें मकानों में दरार की बड़ी वजह कुएं होना बताया है। यूपीएमआरसी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद राय का कहना है कि टोपोग्राफी (जमीन के अंदर आकार-आकृतियों के अध्ययन करने की विधि) में यहां कुओं को पाटकर मकान बनाने के साक्ष्य मिले हैं। कुओं की गहराई करीब 100 फीट तक है। मेट्रो के लिए सुरंग बनाने का कार्य करीब 50 फीट नीचे हो रहा है।
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मोती कटरा में मेट्रो ट्रेन की सुरंग बनाने से 151 मकानों में दरारें आई हैं। इन मकानों में दरार आने के बाद आईआईटी की टीम ने सर्वे किया। इसमें मकानों में दरार की बड़ी वजह कुएं होना बताया है। यूपीएमआरसी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद राय का कहना है कि टोपोग्राफी (जमीन के अंदर आकार-आकृतियों के अध्ययन करने की विधि) में यहां कुओं को पाटकर मकान बनाने के साक्ष्य मिले हैं। कुओं की गहराई करीब 100 फीट तक है। मेट्रो के लिए सुरंग बनाने का कार्य करीब 50 फीट नीचे हो रहा है।
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इसलिए हो रहा कंपन
उन्होंने बताया कि कुएं के लिए ईंटों से बनी गोलाकार दीवार से टीबीएम के टकराने से तेज कंपन हो रहा है। इसके चलते ही मकानों में दरार आ रही है। इसके चलते 39 मकान खतरनाक स्थिति में पहुंच गए हैं। आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट के बाद यूपीएमआरसीने और नुकसान से बचाने के लिए टीबीएम से खुदाई बंद कर दी है। अभी इस क्षेत्र में एक ही टीबीएम खुदाई कर रही है, दूसरी टीबीएम 700 मीटर आगे निकल चुकी है।
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उन्होंने बताया कि कुएं के लिए ईंटों से बनी गोलाकार दीवार से टीबीएम के टकराने से तेज कंपन हो रहा है। इसके चलते ही मकानों में दरार आ रही है। इसके चलते 39 मकान खतरनाक स्थिति में पहुंच गए हैं। आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट के बाद यूपीएमआरसीने और नुकसान से बचाने के लिए टीबीएम से खुदाई बंद कर दी है। अभी इस क्षेत्र में एक ही टीबीएम खुदाई कर रही है, दूसरी टीबीएम 700 मीटर आगे निकल चुकी है।
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तकनीकी टीम ने शुरू किया कार्य
इन रुकावटों को दूर करने के लिए तकनीकी टीम ने कार्य शुरू कर दिया है। ये पूरा होने के बाद ही टीबीएम आगे की खुदाई करेगी।
इन रुकावटों को दूर करने के लिए तकनीकी टीम ने कार्य शुरू कर दिया है। ये पूरा होने के बाद ही टीबीएम आगे की खुदाई करेगी।