{"_id":"610bd2ea8ebc3eaaa73aa7b0","slug":"eagle-injured-caught-in-kite-manja-wildlife-sos-team-saved-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जानलेवा बना पतंग का मांझा: पंखों में फंसे मांझे से घायल हुई चील, पेड़ पर लटकी, वाइल्ड लाइफ एसओएस की टीम ने बचाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जानलेवा बना पतंग का मांझा: पंखों में फंसे मांझे से घायल हुई चील, पेड़ पर लटकी, वाइल्ड लाइफ एसओएस की टीम ने बचाया
Fri, 06 Aug 2021 12:07 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 06 Aug 2021 12:07 AM IST
सार
चील के बारे में एनजीओ की बचाव हेल्पलाइन (9917109666) पर सूचना प्राप्त हुई। ताजगंज क्षेत्र में एक पेड़ की शाखाओं पर लटकती दिखाई दी चील के पंखों के चारों ओर मांझा फंसा हुआ था, जिससे मुक्त होने में वह असमर्थ थी।
विज्ञापन
घायल चील
- फोटो : वाइल्ड लाइफ एसओएस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा के ताजगंज में चील के लिए पतंग का माझा जानलेवा बन गया। पतंग के मांझे में चील फंस गई और पेड़ से लटक गई। वाइल्डलाइफ एसओएस रैपिड रिस्पांस यूनिट को इसकी सूचना दी गई। टीम के सदस्यों ने घायल पक्षी को सुरक्षित पेड़ से नीचे उतारा और उसके मांझा हटाया। चील को चिकित्सकीय देखरेख में रखा गया है।
विज्ञापन
चील के बारे में एनजीओ की बचाव हेल्पलाइन (9917109666) पर सूचना प्राप्त हुई। ताजगंज क्षेत्र में एक पेड़ की शाखाओं पर लटकती दिखाई दी चील के पंखों के चारों ओर मांझा फंसा हुआ था, जिससे मुक्त होने में वह असमर्थ थी। दो सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची और पक्षी को पेड़ से सावधानीपूर्वक नीचे उतारा। मांझे ने चील को चारों ओर से कसकर जकड़ा हुआ था, पक्षी को तत्काल चिकित्सकीय सहायता के लिए वाइल्डलाइफ एसओएस के अस्पताल लाया गया। सूचना देने वाले, यशवेद भारद्वाज ने बताया कि अनेक प्रयासों के बाद भी चील खुद को मुक्त कर पाने में असमर्थ थी।
विज्ञापन
वाइल्डलाइफ एसओएस के पशु-चिकित्सा सेवाओं के उप-निदेशक, डॉ. इलियाराजा ने कहा कि चिकित्सकीय जांच में पता चला कि चील के दाहिने पंजे पर घाव था। सभी आवश्यक उपचार दिए जा रहे हैं और जल्द ही ठीक होने पर उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाएगा।
विज्ञापन
वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि लोग ऐसी घटनाओं के बारे में वाइल्डलाइफ एसओएस को सूचित करके सही कदम उठा रहे हैं। यह सोचने वाली बात है, कि सरकार द्वारा प्रतिबंध के बावजूद मांझे का खतरा जारी है। पक्षी सुबह या शाम के समय अधिक सक्रिय होते हैं, इसलिए जनता से इस समय के दौरान पतंग उड़ाने से परहेज करने का अनुरोध करते हैं। खुले स्थानों का उपयोग करना और सूती धागे या प्राकृतिक फाइबर मांझा के प्रयोग से संबंधित मौतों के जोखिम को कम किया जा सकता है और कई लोगों की जान बचाने में मदद मिल सकती है।
ब्लैक काइट (मिल्वस माइग्रेंस) शिकारी पक्षियों में एक मध्यम आकार का पक्षी है। हालांकि, लगातार कम होते जंगल, पेड़, शिकार और कृषि कीटनाशकों के उपयोग के कारण इनकी संख्या में गिरावट या उतार-चढ़ाव का अनुभव हुआ है। ब्लैक काइट (चील) शिकारी होते हैं, लेकिन अधिकतर वे बचे हुए मांस के टुकड़े पर ही भोजन करते है। उनके आहार में विभिन्न प्रकार की मछली, सरीसृप, और अन्य छोटे जानवर और पक्षी भी शामिल हैं।
एक अन्य घटना में, वाइल्डलाइफ एसओएस ने कैलाश नगर, वृंदावन, मथुरा में जंगली कुत्तों के झुंड द्वारा घायल हुए स्पॉटेड आऊलेट को भी बचाया। उल्लू के दाहिने पंख में घाव हैं और वर्तमान में उसे एनजीओ की गहन देखभाल में रखा गया है।
मथुरा: महिला ने 10वीं के छात्र के साथ बनाए शारीरिक संबंध, अब धर्मांतरण के लिए बना रही दबाव