{"_id":"7fdc07f1f1b5a4d09ec03467e4cf8da2","slug":"e-ticketing-start-at-taj-network-became-problam-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ताजमहल में शनिवार से शुरू ई-टिकट को 1116 पर्यटकों ने खरीदा, नेटवर्क बना बाधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ताजमहल में शनिवार से शुरू ई-टिकट को 1116 पर्यटकों ने खरीदा, नेटवर्क बना बाधा
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sun, 28 Dec 2014 02:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ताजमहल के पूर्वी गेट पर शनिवार की सुबह ई-क्रांति ने दस्तक दी। शुक्रवार को शुरू हुई ई-टिकट सुविधा से शनिवार सुबह 6:30 बजे आस्ट्रेलिया के पर्यटक टिम रिकेट ने सबसे पहले ताजमहल में प्रवेश किया। ई-टिकट के जरिए ताजमहल में 794 पर्यटकों ने प्रवेश किया, जबकि बुकिंग 1116 सैलानियों ने कराई थी। शनिवार को ई-टिकट समेत ताजमहल पर कुल 33,297 टिकटों की बिक्री हुई।
सुबह 6 बजे आस्ट्रेलिया के टिम रिकेट और मेनवेल मूलर शिल्पग्राम टिकट विंडो पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले ई-टिकट खरीदा। आईआरसीटीसी स्टाफ ने उन्हें सबसे पहला ग्राहक बताते हुए फोटो खींचे तो उन्होंने भी सेल्फी ली। पूर्वी गेट पर सबसे पहले प्रवेश टिम रिकेट ने किया। गेट पर मोबाइल स्कैनर से टिकटों की जांच की गई। पहले दिन काउंटर से 794 ई-टिकट बिके, जिनमें 758 भारतीय और 36 विदेशी पर्यटक थे। आनलाइन बुकिंग करने वालों की संख्या 322 रही। इसमें 240 भारतीय, 1 विदेशी और 81 बच्चे शामिल हैं। नेटवर्क न होने से कई बार दिक्कतें आई। आईआरसीटीसी की टीम को कई बार नेटवर्क न मिलने से स्कैनिंग में भी परेशानी हुई।
दो नहीं, दो कार्य दिवस तक वैध
ई-टिकट दो दिन वैध रहेगा। इस पर आपत्ति उठाई गई कि गुरुवार को बुक कराने वालों के लिए शुक्रवार शाम तक ताज देखना होगा। पर शुक्रवार को ताज बंद रहता है। ऐसे में आईआरसीटीसी ने स्पष्ट किया कि दो कार्य दिवस में पर्यटक ताज देख सकते हैं।
विज्ञापन
80 हजार टिकट की क्षमता
आईआरसीटीसी के महाप्रबंधक श्रीनिवासन वासु ने बताया कि क्लाउड बेस सिस्टम में 50 से 80 हजार टिकट ताजमहल पर प्रतिदिन बुक किए जा सक ते हैं। ताज, हुमायूं के मकबरे के बाद अप्रैल से करीब दो दर्जन स्मारकों पर ई-टिकट सेवा शुरू हो जाएगी। एक महीने के ट्रायल के बाद सभी दिक्कतें दूर होने पर जनवरी के बाद ताज के तीनों प्रवेश द्वारों पर ई-टिकट मिलने लगेंगे। एएसआई के कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। मोबाइल आधारित रीडर-स्कैनर एप्लीकेशन में सिक्योरिटी का खास ध्यान रखा गया है। हर स्कैनर उसी स्मारक में काम करेगा, जहां के लिए उसे दिया गया है। एकाउंट और पासवर्ड से ही यह स्कैन कर पाएगा। मोबाइल चोरी करने पर स्कैनर काम नहीं करेगा।
वर्जन
‘ई-टिकट को अच्छा रिस्पांस मिला है। विशेष मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए ई-टिकट के क्यूआर कोड की फुलप्रूफ स्कैनिंग की गई। नेटवर्क से क्लाउड कनेक्टिविटी में दिक्कतें जरूर हुई। इसलिए हम लीज लाइन या अलग सर्वर लगाने पर विचार कर रहे हैं।
- श्रीनिवासन वासु
महाप्रबंधक, आईआरसीटीसी
सैलानियों का रेला
क्रिसमस की छुट्टियों में वीक एंड आते ही सैलानियों का रेला उमड़ पड़ा। ताजमहल के तीनों प्रवेश द्वारों पर पूरे दिन भारी भीड़ रही। सुबह से धूप खिलने से मौसम भी राहत लेकर आया था, ऐसे में स्थानीय लोगों ने भी बच्चों के साथ ताजमहल सहित स्मारकों का रुख किया। ताज के पश्चिमी गेट पर प्रवेश के लिए खान ए आलम तक लंबी कतार लगी तो पार्किं ग सुबह 10 बजे ही फुल हो गई। दोपहर में शमशान घाट तिराहे पर बेरिकेडिंग कर बसों को रोक दिया गया था। बसों से आने वाले पर्यटकों को वहां से पैदल ही ताजमहल तक जाना पड़ा, जबकि बैटरी रिक्शा चालकों ने मौके का फायदा उठाते हुए मनमाने रेट भी वसूले। ताज के दक्षिणी गेट पर थाने तक और पूर्वी गेट पर सामान्य दिनों के मुकाबले ज्यादा भीड़ रही।
विज्ञापन
सुबह 6 बजे आस्ट्रेलिया के टिम रिकेट और मेनवेल मूलर शिल्पग्राम टिकट विंडो पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले ई-टिकट खरीदा। आईआरसीटीसी स्टाफ ने उन्हें सबसे पहला ग्राहक बताते हुए फोटो खींचे तो उन्होंने भी सेल्फी ली। पूर्वी गेट पर सबसे पहले प्रवेश टिम रिकेट ने किया। गेट पर मोबाइल स्कैनर से टिकटों की जांच की गई। पहले दिन काउंटर से 794 ई-टिकट बिके, जिनमें 758 भारतीय और 36 विदेशी पर्यटक थे। आनलाइन बुकिंग करने वालों की संख्या 322 रही। इसमें 240 भारतीय, 1 विदेशी और 81 बच्चे शामिल हैं। नेटवर्क न होने से कई बार दिक्कतें आई। आईआरसीटीसी की टीम को कई बार नेटवर्क न मिलने से स्कैनिंग में भी परेशानी हुई।
विज्ञापन
दो नहीं, दो कार्य दिवस तक वैध
ई-टिकट दो दिन वैध रहेगा। इस पर आपत्ति उठाई गई कि गुरुवार को बुक कराने वालों के लिए शुक्रवार शाम तक ताज देखना होगा। पर शुक्रवार को ताज बंद रहता है। ऐसे में आईआरसीटीसी ने स्पष्ट किया कि दो कार्य दिवस में पर्यटक ताज देख सकते हैं।
विज्ञापन
80 हजार टिकट की क्षमता
आईआरसीटीसी के महाप्रबंधक श्रीनिवासन वासु ने बताया कि क्लाउड बेस सिस्टम में 50 से 80 हजार टिकट ताजमहल पर प्रतिदिन बुक किए जा सक ते हैं। ताज, हुमायूं के मकबरे के बाद अप्रैल से करीब दो दर्जन स्मारकों पर ई-टिकट सेवा शुरू हो जाएगी। एक महीने के ट्रायल के बाद सभी दिक्कतें दूर होने पर जनवरी के बाद ताज के तीनों प्रवेश द्वारों पर ई-टिकट मिलने लगेंगे। एएसआई के कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। मोबाइल आधारित रीडर-स्कैनर एप्लीकेशन में सिक्योरिटी का खास ध्यान रखा गया है। हर स्कैनर उसी स्मारक में काम करेगा, जहां के लिए उसे दिया गया है। एकाउंट और पासवर्ड से ही यह स्कैन कर पाएगा। मोबाइल चोरी करने पर स्कैनर काम नहीं करेगा।
वर्जन
‘ई-टिकट को अच्छा रिस्पांस मिला है। विशेष मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए ई-टिकट के क्यूआर कोड की फुलप्रूफ स्कैनिंग की गई। नेटवर्क से क्लाउड कनेक्टिविटी में दिक्कतें जरूर हुई। इसलिए हम लीज लाइन या अलग सर्वर लगाने पर विचार कर रहे हैं।
- श्रीनिवासन वासु
महाप्रबंधक, आईआरसीटीसी
सैलानियों का रेला
क्रिसमस की छुट्टियों में वीक एंड आते ही सैलानियों का रेला उमड़ पड़ा। ताजमहल के तीनों प्रवेश द्वारों पर पूरे दिन भारी भीड़ रही। सुबह से धूप खिलने से मौसम भी राहत लेकर आया था, ऐसे में स्थानीय लोगों ने भी बच्चों के साथ ताजमहल सहित स्मारकों का रुख किया। ताज के पश्चिमी गेट पर प्रवेश के लिए खान ए आलम तक लंबी कतार लगी तो पार्किं ग सुबह 10 बजे ही फुल हो गई। दोपहर में शमशान घाट तिराहे पर बेरिकेडिंग कर बसों को रोक दिया गया था। बसों से आने वाले पर्यटकों को वहां से पैदल ही ताजमहल तक जाना पड़ा, जबकि बैटरी रिक्शा चालकों ने मौके का फायदा उठाते हुए मनमाने रेट भी वसूले। ताज के दक्षिणी गेट पर थाने तक और पूर्वी गेट पर सामान्य दिनों के मुकाबले ज्यादा भीड़ रही।