Dussehra 2022: सभी करें पहल तो खत्म होंगी ये 10 बुराइयां, इनसे लड़ने के लिए लें संकल्प
समाज की 10 सबसे बड़ी बुराइयों के अंत के लिए विभागों के अफसर और जनता को साथ आना होगा। संकल्प लेंगे तो जरूर इनका अंत होगा।
विस्तार
दशहरे पर बुराइयों के प्रतीक रावण के पुतले का दहन होता है। असल मायने में दशहरा तभी है, जब समाज की बुराइयां खत्म होंगी। समाज की 10 सबसे बड़ी बुराइयों के अंत के लिए विभागों के अफसर और जनता को साथ आना होगा। संकल्प लेंगे तो जरूर इनका अंत होगा।
1. अपराध-भ्रष्टाचार
सामाजिक बुराई में यह पहले पायदान पर है। भ्रष्टाचार की जडे़ं सरकारी ही नहीं निजी विभागों में भी जमी हुई हैं, इससे अपराध भी बढ़े। शासन-प्रशासन सख्त निगरानी और कड़े निर्णय से नकेल कस सकती है।
2. शिक्षा में फर्जीवाड़ा
फर्जी डिग्री और मार्कशीट के बाद डॉक्टरी की पढ़ाई की कॉपियां बदलने का खेल पकड़ा है। सोचिए ऐसी पढ़ाई से समाज को कैसे डॉक्टर मिलेंगे। सरकार ऐसे शिक्षा माफिया के रैकेट और दोषियों पर कार्रवाई करे।
3. बाल भिक्षावृत्ति
बच्चे देश के भविष्य, कहा यही जाता। हकीकत में ऐसे भी बच्चे हैं जो चौराहों और बाजारों में भीख मांगने के लिए मजबूर हैं। इसे गैंग संचालित करते हैं। भिक्षावृत्ति कर बच्चे कैसे देश के भविष्य बनेंगे।