'आगरा गिरोह' के तस्कर के गोदाम से पांच करोड़ की नशे की दवाइयां और गर्भपात किट बरामद
- आगरा गिरोह के अंतरराज्यीय तस्कर का भाई और बेटा गिरफ्तार
- दिल्ली के नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अफसरों ने मारा छापा
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दिल्ली के नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अफसरों ने आगरा ड्रग विभाग और पुलिस के साथ मिलकर बल्केश्वर के लोहिया नगर में आगरा गिरोह के अंतरराज्यीय तस्कर पंकज गुप्ता के गोदाम में छापा मारा तो पांच करोड़ रुपये की नशे की दवाइयां और गर्भपात किट मिलीं। पुलिस ने पंकज के कमला नगर स्थित घर से उसके भाई सूर्यकांत उर्फ चंद्रकांत उर्फ मंटू और बेटे अमन गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया।
पंकज गुप्ता आगरा गिरोह का सदस्य है। इस गिरोह का सरगना जितेंद्र उर्फ विक्की अरोड़ा और उसका भाई कपिल अरोड़ा है। इनकी आलीशान कोठियां और गोदाम कमला नगर के तेज नगर में है। इनके पास ही पंकज गुप्ता का मकान है। वह दवाइयों का अंतरराज्जीय तस्कर है।
दिल्ली और पंजाब में नशे के इंजेक्शन और हरियाणा व राजस्थान में अवैध गर्भपात किट की तस्करी में उसका नाम आने पर शनिवार शाम करीब छह बजे पहले उसके घर पर छापा मारा गया। यहां से टीम लोहिया नगर स्थित गोदाम में पहुंची। यह पतली गली के अंदर किशन अग्रवाल के मकान में चल रहा था।
औषधि निरीक्षक नरेश मोहन दीपक ने बताया कि गोदाम में नशे की दवाइयों और अवैध किट का बड़ा जखीरा मिला है। कार्टन सैकड़ों की संख्या में हैं। मोटे तौर पर बरामद दवाइयों और किट की कीमत पांच करोड़ है। यह बढ़ सकती है।
भाजपा की कार्यकर्ता है गोदाम संचालक की पत्नी
जिस किशन अग्रवाल के मकान में चल रहे गोदाम में नशे की दवाइयां और अवैध किट मिलीं, उसकी पत्नी आशा भाजपा की कार्यकर्ता है। किशन ने यह बात पुलिस को बताई है। पुलिस ने बताया कि किशन और आशा से भी पूछताछ की जाएगी।
फव्वारा में है मेडिकल स्टोर
दवा तस्कर पंकज गुप्ता का मेडिकल स्टोर फव्वारा में है। दो दिन पहले पंजाब पुलिस की एक टीम ने फव्वारा में मेडिकल स्टोरों पर पड़ताल की थी। आगरा गैंग से जुड़े लोगों के मेडिकल स्टोर अब एनसीबी के भी रडार पर आ गए हैं।
एनसीबी के अधिकारी जब गोदाम पर पहुंचे तो वहां आटे की चक्की थी। आसपास लोगों से पूछा तो बताया कि यहां आटे की चक्की है और अंदर आटे का ही गोदाम है। अंदर तलाशी ली तो बाहर की तरफ ऐसे लगा जैसे आटे की बोरियां रखी हों। इन्हें खोलकर देखा तो नशे की दवाइयां और गर्भपात की किट निकलीं।
आसपास के लोगों ने बताया कि वे तो यही समझते कि यहां आटे का गोदाम है। लोडिंग ऑटो रात में आते थे। किशन भी यही बताता था कि वह दिन में गेहूं पीसता है, रात में आटा बाहर जाता है। यह कारोबार कई साल से चल रहा है। गोदाम में बाहर की तरफ दुकानें हैं। यह पतली गली में है।