फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Drug Dealer Sold Fake Injections Of Steroids To Corona Infected Patients

महामारी में नकली का कारोबार: आगरा में दवा विक्रेता ने संक्रमितों को बेचे थे स्टेरॉयड के नकली इंजेक्शन

Fri, 11 Jun 2021 11:38 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Fri, 11 Jun 2021 11:38 AM IST
सार

औषधि निरीक्षक नरेश मोहन दीपक ने बताया कि फव्वारा स्थित माधव ड्रग के मालिक नवीन अरोरा ने तीन महीने पहले शिकायत की थी। 

विज्ञापन
Drug Dealer Sold Fake Injections Of Steroids To Corona Infected Patients
आगरा: नकली स्टेरॉइड के बिल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में फव्वारा स्थित मुबारक महल की एक दवा फर्म पर गुरुवार रात को छापा मारकर औषधि विभाग और पुलिस की टीम ने स्टेरॉयड के नकली इंजेक्शन की बिक्री का मामला पकड़ा है। इनकी सबसे अधिक बिक्री कोरोना काल में की गई थी। विभाग के निरीक्षक ने एक बुकी को पकड़ा है, जो इंजेक्शन की दुकानों पर सप्लाई कर रहा था। कर्नाटक की फर्म का बिल भी मिला है, जिसकी जांच की जा रही है।

विज्ञापन


औषधि निरीक्षक नरेश मोहन दीपक ने बताया कि फव्वारा स्थित माधव ड्रग के मालिक नवीन अरोरा ने तीन महीने पहले शिकायत की थी। इसमें आरोप लगाया कि डेका डुराबोलिन इंजेक्शन (50 एमजी) मुबारक महल स्थित राजू ड्रग हाउस से लिया था।
विज्ञापन


मगर, यह नकली प्रतीत हो रहा है। इस शिकायत पर औषधि विभाग ने जांच की। इसमें इंजेक्शन के नकली होने की पुष्टि हुई। मगर, कोरोना काल में कर्फ्यू लग जाने के कारण कार्रवाई नहीं की जा सकी। इस मामले में गुरुवार को कार्रवाई की गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

गुरुवार रात में राजू ड्रग हाउस पर टीम पहुंची। इंजेक्शन के बारे में पड़ताल की। संचालक ने 21 अप्रैल का बिल दिखाया। बिल 5,27800 रुपये का था। यह राजू ड्रग हाउस के नाम पर था। यह कर्नाटक की रिद्धी सिद्धी फार्मा का था। इसमें 2600 इंजेक्शन मंगवाए गए थे। पूछताछ में संचालक ने बताया कि इंजेक्शन की खेप राहुल लेकर आया था। ड्रग विभाग की टीम ने राहुल को पकड़ लिया। उससे टीम पूछताछ कर रही है। असली और नकली इंजेक्शन को सील कर दिया गया है। इनमें दोनों के बैच नंबर, बनाने और समाप्ति तिथि आदि एक ही हैं। इनको जांच के लिए रखा गया है। ड्रग विभाग के मुताबिक राहुल बुुकी है, वह दुकानों पर माल सप्लाई करता है। उससे पूछताछ की जा रही है। लाइसेंस धारक के बारे में पड़ताल की जा रही है।

कानपुर, वाराणसी, लखनऊ भेजा
औषधि निरीक्षक नरेश मोहन दीपक ने बताया कि इंजेक्शन को एनाबोलिक स्टेरॉयड के रूप में प्रयोग किया जाता है। यह ताकत बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होता है। कोरोना काल में इसकी अधिक मांग थी। कोरोना संक्रमित मरीजों को भी लगाया गया था। आरोपी दुकान संचालक ने नकली इंजेक्शन की खेप कानपुर, लखनऊ और वाराणसी भी भेजी है। अब टीम इसकी खेप को जब्त करने के प्रयास में लगी है।

नहीं थम रहा नकली और सैंपल दवा का कारोबार
आगरा में नकली, सैंपल की दवाओं का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। वर्ष 2018 में फतेहाबाद में पुलिस और औषधि विभाग की टीम ने आठ हजार नकली इंजेक्शन के साथ चार लोगों को पकड़ा था। आरोपी वैगनआर कार की सीट के नीचे छिपाकर इंजेक्शन ले जा रहे थे। इस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ था। एत्माद्दौला में मालवा ट्रांसपोर्ट से साठ लाख की कीमत की दवाएं जब्त कीं थीं, जिसमें एंटी बायोटिक, दर्द निवारक इंजेक्शन, दवाएं, कफ सीरप मिले थे। औषधि विभाग की जांच में दर्द निवारक दवा नकली पाई गई थी। 

- फ्रीगंज में ग्वालियर की नारकोटिक्स की टीम ने दो गोदाम से करोड़ों की दवाओं को पकड़ा था। इनमें दवा, इंजेक्शन जब्त किए थे। इसमें केस चल रहा है। 
- वर्ष 2019 में शास्त्रीपुरम में दो करोड़ रुपये कीमत की दवाएं दो गोदाम से जब्त की गई थीं। इसमें सैंपल की दवाएं, आयुर्वेद की दवाएं, एंटी बायोटिक थीं। पंजाब पुलिस ने कमला नगर से दवा कारोबारी कपिल अरोरा और विक्की उर्फ जितेंद्र अरोरा का अवैध गोदाम पकड़ा था। 
- वर्ष 2020 में जयपुरिया गैंग के सरगना पंकज गुप्ता को पकड़ा। उससे नकली दवाएं और नशे की दवाएं बरामद हुई थीं। इसके बाद सिकंदरा में राजौर बंधू पकड़े गए थे।

रेव पार्टी में सप्लाई होती हैं नशे की दवाएं
आगरा से नशे की दवाओं के तार मुंबई, दिल्ली के बड़े एजेंट से जुड़े हुए हैं। नशे की दवाओं का चूर्ण बनाकर भेजा जाता है। जिनको रेव पार्टी में बेचा जाता है। इनकी कीमत भी अधिक वसूल की जाती है।

बिहार, बांग्लादेश तक कफ सीरप की कालाबाजारी
आगरा से कफ सीरप की भी कालाबाजारी हो रही है। बिहार और बांग्लादेश तक कफ सीरप की सप्लाई की जाती है। खरीदारों से तीन गुना तक अधिक धनराशि वसूल की जाती है।  इनके अलावा गर्भपात किट की कालाबाजारी के भी मामले सामने आ चुके हैं। दिल्ली, हरियाणा और महाराष्ट्र तक में इनकी सप्लाई हो रही है। औषधि विभाग की टीम कई बार मामले पकड़ चुकी है। फर्म का लाइसेंस भी निलंबित किया गया था।

एक्सपायर दवाओं के सौदागर: राजौरा बंधुओं ने बिना बिल के बेच दीं चार करोड़ रुपये की दवाएं
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed