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विश्वविद्यालय ने बंद किए दरवाजे तो मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री से लगाई छात्रों ने गुहार
Sun, 27 Sep 2020 05:05 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 27 Sep 2020 05:05 PM IST
सार
विश्वविद्यालय में कुछ कर्मचारी संक्रमित मिलने के बाद एक सितंबर से ही छात्र-छात्राओं का प्रवेश बंद कर दिया गया है। हेल्पडेस्क पर
प्रार्थनापत्र लिया जा रहा है। तमाम छात्र-छात्राएं पहले भी प्रार्थनापत्र दे चुके हैं, लेकिन कई चक्कर लगाने के बाद भी डिग्री नहीं मिली है।
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं डिग्री के लिए दौड़ लगाकर थक गए हैं, एक सितंबर से तो उन्हें विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश भी नहीं मिल रहा है। ऐसे में विद्यार्थी अब राज्यपाल, मुख्यमंत्री और केंद्रीय शिक्षामंत्री को ट्वीट कर डिग्री दिलाने की मांग कर रहे हैं। 10 दिनों में कई छात्र-छात्राओं ने अपनी डिग्री दिलवाने के लिए गुहार लगाई है।
विश्वविद्यालय में कुछ कर्मचारी संक्रमित मिलने के बाद एक सितंबर से ही छात्र-छात्राओं का प्रवेश बंद कर दिया गया है। हेल्पडेस्क पर प्रार्थनापत्र लिया जा रहा है। तमाम छात्र-छात्राएं पहले भी प्रार्थनापत्र दे चुके हैं, लेकिन कई चक्कर लगाने के बाद भी डिग्री नहीं मिली है।
गेट पास नहीं बनाया जा रहा, जिससे वह अधिकारियों तक पहुंच सकें और अपनी बात रख सकें। कुलपति प्रो. अशोक मित्तल का कहना है कि डिग्री के लिए आवेदन किसी पटल पर लटकें न, इसके लिए काम चल रहा है। डिग्री लटकाने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
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विश्वविद्यालय में कुछ कर्मचारी संक्रमित मिलने के बाद एक सितंबर से ही छात्र-छात्राओं का प्रवेश बंद कर दिया गया है। हेल्पडेस्क पर प्रार्थनापत्र लिया जा रहा है। तमाम छात्र-छात्राएं पहले भी प्रार्थनापत्र दे चुके हैं, लेकिन कई चक्कर लगाने के बाद भी डिग्री नहीं मिली है।
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गेट पास नहीं बनाया जा रहा, जिससे वह अधिकारियों तक पहुंच सकें और अपनी बात रख सकें। कुलपति प्रो. अशोक मित्तल का कहना है कि डिग्री के लिए आवेदन किसी पटल पर लटकें न, इसके लिए काम चल रहा है। डिग्री लटकाने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
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केस एक:
पवन कुमार सिंह ने 17 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को ट्वीट कर लिखा है कि वह प्रदेश के विश्वविद्यालय की तरफ ध्यान दें। खासतौर पर डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि आगरा की ओर, यहां कर्मचारी काम करके खुश नहीं हैं। डिग्री के लिए किए गए ऑनलाइन आवेदनों को महीनों तक नहीं देखते। फिर ऑनलाइन आवेदन लेने का क्या मतलब।
केस दो: रवींद्र विज ने 23 सितंबर को मुख्यमंत्री व केंद्रीय शिक्षा मंत्री को ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा है कि डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि आगरा का गुंडाराज। वर्ष 2016 में बीएससी उत्तीर्ण उनकी बेटी सौम्या विज ने 27 अगस्त 2018 को डिग्री के लिए आवेदन किया था, अभी तक डिग्री नहीं मिली। आवेदन की रसीद भी लगाई है।
केस तीन: निशांत अग्रवाल ने केंद्रीय शिक्षामंत्री को 21 सितंबर को ट्वीट किया। लिखा है कि आगरा विश्वविद्यालय की कार्य प्रणाली की वजह से उनकी डिग्री नहीं मिल पा रही है। वह डिग्री निकलवा दें।
पवन कुमार सिंह ने 17 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को ट्वीट कर लिखा है कि वह प्रदेश के विश्वविद्यालय की तरफ ध्यान दें। खासतौर पर डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि आगरा की ओर, यहां कर्मचारी काम करके खुश नहीं हैं। डिग्री के लिए किए गए ऑनलाइन आवेदनों को महीनों तक नहीं देखते। फिर ऑनलाइन आवेदन लेने का क्या मतलब।
केस दो: रवींद्र विज ने 23 सितंबर को मुख्यमंत्री व केंद्रीय शिक्षा मंत्री को ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा है कि डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि आगरा का गुंडाराज। वर्ष 2016 में बीएससी उत्तीर्ण उनकी बेटी सौम्या विज ने 27 अगस्त 2018 को डिग्री के लिए आवेदन किया था, अभी तक डिग्री नहीं मिली। आवेदन की रसीद भी लगाई है।
केस तीन: निशांत अग्रवाल ने केंद्रीय शिक्षामंत्री को 21 सितंबर को ट्वीट किया। लिखा है कि आगरा विश्वविद्यालय की कार्य प्रणाली की वजह से उनकी डिग्री नहीं मिल पा रही है। वह डिग्री निकलवा दें।